Bhojpuri Spl: कोलकाता के एगो रिटायर्ड पुलिस अफसर संगे फ्राड, भुलाइयो के मत करीं ई काम!

QR कोड माने क्विक रिस्पांस कोड. एगो QR कोड में कई गो काला वर्ग आ डाट होले सन जौन कुछ डिजिटल सूचना के प्रतिनिधित्व करेले सन, लेकिन एकरा वजह से फ्राड भी काफी होखे लागल बा.

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बंगाल में एगो अजगुत फ्राड देखे के मिलता. काल्हुए के घटना सुनीं. एगो रिटायर हो चुकल पुलिस अधिकारी के लइका अनीश दासगुप्ता बैग बनावे आ सप्लाई करे के काम करेला. ओकरा के ह्वाट्स एप पर सैनिक पहिनले एगो जवान आदमी वीडियो काल करुए आ कहुए कि रउरा सेना के कैंटीन में डायरेक्ट आपन बैग भेज सकेनी. रउरा के डायरेक्ट रुपया भेज दिहल जाई. रउरा के हमनी का QR कोड भेजतानी जा. बस ओकरा के स्कैन क लीं. हमनी का रउरा के एइजा से डायरेक्ट पेमेंट क देतानी जा. रउरा बस जइसे- जइसे कहतानी जा, तइसे- तइसे करत जाईं. बेचारा अनीश ओकनी के कहला के मोताबिक करत गउवे. आपन एकाउंट नंबर से कनेक्ट क दिहुए आ ज्योंही आखिरी स्टेप पर ऊ स्कैन करुए, पुलिस अधिकारी के पेंशन एकाउंट से 4,995 रुपया गायब हो गउवे. ऊ अपना पापा के पेंशन एकाउंट से सब लेन- देन करत रहुए. अब लइका हैरान. कहां त रुपया पावेके बात रहल ह, आ कहां ओकरा एकाउंट से रुपया निकलि गइल. समुझि गउवे कि ओकरा संगे फ्राड भइल बा. ऊ तुरंते पुलिस का लगे आपन शिकायत दर्ज करुए. अभी ले ओकरा मन में हाहाकार मचल बा.

QR कोड माने क्विक रिस्पांस कोड. एगो QR कोड में कई गो काला वर्ग आ डाट होले सन जौन कुछ डिजिटल सूचना के प्रतिनिधित्व करेले सन. जब स्मार्टफोन एह कोड के स्कैन करेला त ऊ ओह जानकारी के डिजिटल भाषा में बदल देला ताकि आसानी से समझल जा सके. कोरोना काल में लोग एकर प्रयोग मोबाइल के जरिए पेमेंट करे में कर रहल बाड़े. एसे सोशल डिस्टेंसिंग के नियम भी पूरा हो रहल बा. बाकिर फ्राड के खतरा सामने आ के खड़ा हो गइल बा. QR कोड से अउरी फायदा ई बा कि एकरा से उत्पाद पर नज़र राखल जा सकेला, वस्तु के पहिचान, समय ट्रैकिंग, दस्तावेज़ प्रबंधन, आ सामान्य खरीददारी भी कइल जा सकेला.

एगो अउरी केस देखीं. एगो व्यापारी के अइसहीं एगो फ्राड आपन QR कोड स्कैन करेके कहलसि आ ऊ व्यापारी ज्योंही अपना बैंक एकाउंट से कनेक्ट क के ओकरा के स्कैन कइलस तले ओकरा एकाउंट से नौ हजार रुपया निकल गइल. अब रउरा त जानते बानी कि जब रउरा अपना फोन से कंप्यूटर पर व्हाट्स एप के ले आवे के बा त रउरा कंप्यूटर के QR कोड स्कैन करेके परी. त ज्योंही रउरा कंप्यूटर के कोड स्कैन कइनीं, रउरा फोन के कुल डाटा कंप्यूटर आ गुगल का लगे चलि गइल. रउरा फोन में जौन- जौन डाटा बा सब QR कोड के माध्यम से ट्रांसफर हो जाई. त अब चालाकी एही में बा कि केहू होखो, रउरा कौनो कोड के स्कैन मत करीं ना त स्कैन के बदले स्कैम (घोटाला) हो जाई.

त हमनी के जानकारी बहुत कम बा. एसे अइसन कौनो मैसेज पवला का बाद चुप पटा जाए के चाहीं. अब देखीं. रउरा के मेसेज आई कि ‘Enter your UPI PIN to receive money, “Payment successful receive Rs. xxx”. ज्योंही रउरा संदेश के मोताबिक प्रासेसिंग कइनी कि बस रउरा संबंधित बैंक खाता से रुपया गायब हो जाई. रउरा यूपीआई पिन डलबे मत करीं. आजकाल साइबर अपराधी शिकार करे खातिर रउरा से ज्यादा एलर्ट आ होसियार बाड़े सन. एसे ओकनी से दूरे रहला के जरूरत बा.

अइसे त रउरा पहिलहीं से जानतानी, तबो मन परा देतानी कि केहू के आपन बैंक के डेबिट/ क्रेडिट कार्ड के नंबर, एक्सपायरी डेट, पिन भा ओटीपी मत बताईं. अइसनो फ्राड आइल बा कि रउरा साइबर फ्राड के कौनो वेब साइट पर शिकायत दर्ज करवनीं आ एह कंप्लेंट के बारे में सोशल मीडिया पर चर्चा कइनीं. फ्राड आदमी का करी कि रउरा से संपर्क क के कही कि हम फलाना सरकारी विभाग से बोलतानी. भा झूठो के कहि दी कि रिजर्ब बैंक से बोलतानी. रउरा शिकायत पर हमनी का एक्शन ले तानी जा. तनी अपना बैंक एकाउंट के डिटेल बताईं ताकि जांच में सुविधा होखे. एही बहाना से रउरा से ऊ डिटेल जानकारी ले लेतारे सन आ रउरा खाता के रुपया निकाल लेतारे सन. हालांकि आजकाल सभे सतर्क हो गइल बा. तबो देखीं कोलकाता के एगो अच्छा खासा रिटायर्ड पुलिस अफसर के बेटा के संगे फ्राड होइए गइल. ओकर दोष इहे बा कि ऊ एह फाडिया आदमी पर बिसवास क लिहुए. सेना के वर्दी देखि के ओकरा लगुए कि ई जेनुइन सैनिक ह. फ्राडिया लोग, जेनुइन आदमी नियर व्यवहार के ट्रेनिंग लेला तब धोखाधड़ी के दुनिया में प्रवेश करेला. सुरक्षित रहेके सबसे बढ़िया तरीका ई बा कि रउरा केहू अनजान आदमी या कंपनी के व्हाट्स एप मैसेज, ईमेल के जबाब मत दिहीं. सबसे बढ़िया बा कि केहू परिचित का संगे ट्रांजेक्शन करेके बा त ओकरा बारे में बैंक अधिकारिन से विस्तार से बात क लीं. चाहे रउरा सीधे बैंक में चलि जाईं आ कहीं कि हमरा हेइजा पेमेंट करे के बा, रउरा एमें मदद करीं. ई ज्यादा सुरक्षित बा.

ध्यान राखीं-

जदि बाईचांस रउरा संगे कौनो एह तरे के फ्राड भइल होखे त रउरा एकर शिकायत नजदीकी थाना में साइबर अपराध कानून के तहत क सकेनी. ई याद रखेके परी कि खाली दुकान पर पेमेंट करे के समय क्यूआर कोड के स्कैन करे के जरूरत परेला. कौनो आदमी से रुपया लेबे भा भेजे खातिर क्यूआर कोड के जरूरत ना परेला.

पिछला साल नवंबर में गुरुग्राम (गुड़गांव) में भी वॉट्सऐप के जरिए फ्रॉड के कई गो मामला उजागर भइल रहलन सन. वॉट्सऐप फ्रॉड खातिर जालजाज QR कोड के इस्तेमाल क के यूजर के बैंक अकाउंट से रुपया ट्रांसफर क लेले सन. ज्यादातर मामलन में ई ठग ओह यूजर्स के आपन शिकार बनावे ले सन जौन कौनो प्रॉडक्ट के ऑनलाइन बिक्री खातिर कौनो विज्ञापन पोस्ट कइले होखे. फ्राडियन के पहिला कदम ई होला कि रुपया चोरी करे वाला हैकर अपना शिकार के रुपया के लालच देले सन. कहेले सन कि रुपया रिसीव करे खातिर रउरा आपन बैंक अकाउंट के डिटेल दीं. तुरंते रउरा एकाउंट में रुपया जमा हो जाई. बस रउरा तुरंते सतर्क हो जाईं. बूझि जाईं कि राउर भेंट फ्राडिया आदमी से हो गइल बा. रउरा रोड पर लिखल एगो उक्ति बार- बार पढ़त होखबि- “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी.” (लेखक विनय बिहारी सिंह वरिष्ठ स्तंभकार हैं.)

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