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Bhojpuri: आईं जानल जाउ अक्तूबर महीना के ग्रह गोचर का बा

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रउरा सब जानते बानी कि नौ ग्रह एगो खास समय के बाद आगा (मार्गी) भा पाछा (वक्री) चलि जाला लोग. त आईं जानल जाउ कि अक्तूबर 2 ...अधिक पढ़ें

सूर्य 17 अक्तूबर के तुला राशि में गोचर करिहें. एकर मतलब ई कि सूर्य नीच अवस्था में हो जातारे. ज्योतिष के नियम ह कि सूर्य मेष राशि में उच्च आ तुला राशि में नीच के होले. त देखीं, तुला में जातारे त मेष लग्न के सप्तम भाव में गइले जौन विवाह आ जीवन साथी के स्थान से जुड़ल बा. हो सकेला मेष लग्न/राशि के जातक के जीवन साथी का संगे झगड़ा- झंटा होखे. कौनो बात के लेके कहासुनी हो जाउ. त अइसना में कहल बा कि धैर्य से काम लीं. जब जानि गइलीं कि ग्रह- गोचर ठीक नइखे त शांत रहीं. लड़ाई करे के बदले समुझावे आ शांत, धीर रहे के कोशिश करीं. हो सकेला रउरा परिवार में केहू के कौनो बेमारी- हेमारी परेसान करे. मेष राशि वाला लोगन के काम में देरी हो सकेला. कौनो काम में जरूरत से ज्यादा धन खर्च हो सकेला. मान लीं कि रउरा कौनो साझा बिजनेस करतानी त रउरा पार्टनर का संगे तकरार हो सकेला. एइजो सावधान रहे के परी. एकर उपाय बतावल बा कि सबेरे- सबेरे उठि के सूर्य भगवान के दर्शन करीं आ उनका के प्रणाम करीं. सबेरे के बेरा सूर्य भगवान के प्रणाम कइला पर अइसहूं बहुत लाभ होला. वृष राशि वाला लोगन के मिश्रित फल मिली. लाभ आ प्रोमोशन होई त महतारी के कष्ट भी होई. महतारी के हड्डी में तकलीफ हो सकेला. वृष राशि के लोगन के आंख में तकलीफ हो सकेला आ हाई ब्लड प्रेसर वाला लोगन के बिसेस सावधानी बरते के परी. मिथुन राशि वाला लोगन में क्रोध के बढ़ोतरी हो सकेला. पेट के रोग से परेशानी हो सकेला आ कौनो अच्छा काम में देरी हो सकेला. एहीतरे कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु आ मकर, कुंभ, मीन के जातक लोगन के भी मिश्रित फल मिली.

अब आईं मंगल ग्रह पर. मंगल 16 अक्तूबर के मिथुन राशि में गोचर करतारे. एकरा कारन मेष राशि के जातक के शारीरिक आ मानसिक कष्ट हो सकेला. वृष राशि वाला लोगन के खर्चा बढ़ सकेला आ परिवार में केहू का संगे तनाव हो सकेला. कर्क राशि के लोगन खातिर भी खर्च आ तनाव बढ़ सकेला. मीन राशि के लोग जदि जमीन- जायदाद संबंधी कहीं दस्तखत करे जाता त अभी रुक जाउ. 17 नवंबर का बाद ई काम करो. तब ले सूर्य भगवान वृश्चिक राशि में चलि जइहन आ उनकर नीच अवस्था खतम हो गइल रही. बाकिर मंगल 30 अक्तूबर के मिथुन राशि में वक्री हो जइहें. त एसे सावधानी में कमी ना आवे के चाहीं.

अब बुध ग्रह पर आइल जाउ. बुध 2 अक्तूबर के कन्या राशि माने अपने राशि में मार्गी हो जाइहें. त कन्या राशि के लोगन पर जौन खर्चा लदाइल रहल ह, ओकरा में कुछ कमी आई आ तनी राहत मिली. एइजा मार्गी लिखाइल बा, एकर माने कि बुध महाराज वक्री रहले ह. मेष राशि के लोग बुद्धि, विद्या आ आर्थिक क्षेत्र में पहिले नियर तनाव में ना रही. हालांकि सूर्य के प्रभाव रही, बाकिर बुध के कारन तनी राहत मिल सकेला. कुछ छोट- मोट समस्या के समाधान हो सकेला. मेष राशि के लोगन के स्वास्थ्य पहिले के तुलना में बेहतर रही. वृष राशि के लोगन के अच्छा समाचार मिले में विलंब होई बाकिर परिणाम अच्छा होई. मिथुन राशि के लोगन के संपत्ति खरीदे के मौका मिल सकेला बाकिर संपत्ति भा कौनो भी घर के सामान नवंबर, दिसंबर का महीना में कीनल ज्यादा अच्छा रही. एहीतरे कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ, मीन राशि के लोगन खातिर मानसिक बोझ से तनकी भर राहत मिले के योग बनता. एह महीना का अंतिम हफ्ता में माने 26 अक्तूबर के बुध तुला राशि में गोचर करिहें. त तुला राशि के लोगन के मन मिजाज तनीं ठीक हालत में रही.

अब आईं शुक्र ग्रह पर. शुक्र महाराज 18 अक्तूबर के तुला राशि में गोचर करिहें. माने अपने राशि में जइहें. बाकिर शुक्र अभी अस्त अवस्था में बाड़े. तुला राशि में ही सूर्य एक दिन पहिले जा चुकल रहिहें. त सूर्य आ शुक्र एके राशि में रही लोग. एकरा से कुल राशिन पर खास तौर से तुला राशि पर तनी संकट नियर स्थिति आ सकेले. बाकिर बहुत कष्ट ना होई. अब आईं शनि महाराज पर. शनि 23 अक्तूबर के मार्गी हो जइहें. एकरा कारन जेकरा पर शनि के साढ़ेसाती चलत रहल ह भा शनि के महादशा चलता ओकरा शनि के मार्गी भइला से राहत मिली आ शुभ समाचार मिल सकेला. मिथुन आ तुला राशि के शनि के ढैया चलता आ कुंभ, धनु आ मकर राशि वाला लोगन के साढ़ेसाती चलता. त एह जातकगण के पहिले के तुलना में राहत मिली. दिमाग के बोझ आ तनाव में कुछ कमी आई.

एगो अउरी बात. एघरी वृहस्पति (गुरु) पृथ्वी के अउरी लगे आ गइल बाड़े, पहिले के तुलना में नजदीक आ गइल बाड़े. बाकिर ओकर तत्काल प्रभाव ना परी. एकर दू गो कारन बा- 1- वृहस्पति ग्रह अभी वक्री बाड़े आ 24 नवंबर 2022 के मार्गी होइहें. 2- सूर्य अभी नीच के रहिहें. त वृहस्पति के पृथ्वी के नजदीक अइला से ए महीना में कौनो बिसेस लाभ ना मिली. असली बात- ऊपर जौन सावधानी पढ़नी हं, ओकर पालन कइके आनंद से रहीं आ तीज- त्यौहार, पर्व के सुख लीं. चिंता के कौनो बात नइखे. जे हनुमान चालीसा के पाठ करेला, ओकरा चारो ओर कवच बन जाला. कौनो ग्रह ओह कवच के छू ना सकेला.

(विनय बिहारी सिंह स्वतंत्र पत्रकार हैं, आलेख में लिखे विचार उनके निजी हैं.)

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