Bhojpuri: अढ़ाई हजार महीना पावे वला ‘मुखिया जी’ कइसे हो गइले करोड़पति ?

एही साल जनवरी में बेगूसराय जिला के बरौनी बलौक में के एगो मुखिया नल-जल जोजना में दस हजार रोपेया घूस लेत गिरफ्तार भइल रहन. 2013 में जब पुलिस पश्चिम चम्पारण के दक्षिण पटजिरवा पंचायत के मुखिया के घरे छापा मरले रहे तs साढ़े तीन करोड़ रोपेया के चल-अचल सम्पत्ति के खुलास भइल रहे.

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मुखिया बनला में का बा ? अरे बहुत्ते कुछ बा ! मेबा बा, मलाई बा, मनचाहा कमाई बा. ना पकड़इलs तs बड़ाई बा, पकड़ा गइलs तs रुसवाई बा. एही से कहल जाला कि मुखिया हो गइले सुखिया अउर गांव हो गइल दुखिया. आच्छा बतावs कि 2500 रोपेया महीना भात्ता पावे वला मुखिया कइसे करोड़पति हो गइले ? कवन आमदनी बा कि मुखिया बनते लोग लाखों-करोड़ों में खेले लागत बा ? जब बिनय बिहारी एक्के सांस में अतना सवाल पूछ देले तs कृष्ण मुरारी कहले, तनी दम धर लs भाई ! ई दलान ना दोकान हs. हमनी के खुरमा खाये आइल बानी जा. आरा के खांटी खुरमा भंडार में ओह दिन भीड़ कम रहे. बिनय बिहारी, कृष्ण मुरारी अउर राजकिशोर कोना के एगो बेंच धइले रहन. राजकिशोर बिनय बिहारी देने देख के पूछले, का तहरा मुखिया के चुनाव लड़े के बा कि अतना मीन-मेख निकल रहल बाड़s ? आज से चालीस- पचास साल पहिले मुखिया के जवन इज्जत रहे का आज ऊ बा ? आज के मुखिया लोग के का हाल बा, ऊ पूरा बिहार देख रहल बा.

मुखिया जी काटे लगले मलाई !
राजकिशोर मुखिया लोग के कहानी सुनावे लगले. एही साल जनवरी में बेगूसराय जिला के बरौनी बलौक में के एगो मुखिया नल-जल जोजना में दस हजार रोपेया घूस लेत गिरफ्तार भइल रहन. 2013 में जब पुलिस पश्चिम चम्पारण के दक्षिण पटजिरवा पंचायत के मुखिया के घरे छापा मरले रहे तs साढ़े तीन करोड़ रोपेया के चल-अचल सम्पत्ति के खुलास भइल रहे. बहुरवा पंचायत के महिला मुखिया के घरे छापामारी भइल तs 20 लाख से अधिका के सम्पत्ति के पाता चलल रहे. बैसाली जिला के नयागांव पंचायत के महिला मुखिया पs अवैध रूप से सम्पत्ति अर्जित करे के आरोप लागल रहे. इतने ना फर्जी जाति साटिकफिटिक पs मुखिया बने के आरोप में उनका जेल भी जाये के पड़ल रहे. अइसन ना जाने केतना मुखिया लोग जनता के पइसा के लूट के आपन तिजोरी भर लेले. आजे नू बिहार के पंचायती राज मंतरी कहले कि बिहार के 1475 बार्ड में नल-जल जोजना में गड़बड़ी भइल बा. अब ई बार्ड के मुखिया लोग पs केस दर्ज करे के तइयरी हो रहल बा. एक साल पहिले औरंगाबाद में तs सात मुखिया के पद से बरखास्त कर दिल गइले रहे.

बिना लोकप्रहरी के भ्रष्ट मुखिया कइसे हटिहें ?
एतना सुन के बिनय बिहारी फेन ताव में आ गइले. दनाक से कहले, लेकिन अब पटना हाईकोर्ट के फैसला से तs सरकार के पावर पs रोक लाग गइल बा. अगर कवनो मुखिया पर भ्रष्टचार के आरोप बा तो सरकार ओकरा के सीधे ना हटा सके. एकरा खातिर लोकप्रहरी के मंजूरी जरुरी बा. आज ले तs हमनी के जनबे ना कइनी जा कि पंचायती राज बेबस्था में लोकप्रहरी भी कवनो पद होखे ला. अब पढ़नी तs मालूम भइल कि पंचायती राज कानून में लोकप्रहरी पद के प्रावधान बा. पंचायत चाहे स्थानीय निकाय के कवनो प्रतिनिधि के खिलाफ अगर शिकायत दर्ज होई तs ओकर जांच लोकप्रहरी करी. ई पद पंचायत के कामकाज में निगरानी अउर संतुलन बनावे खातिर सृजित कइल गइल बा. अगर मुखिया, उपमुखिया के खिलाफ कवनो आरोप साबित होत बा तs ओकरा के पद से हटावे के पहिले लोकप्रहरी के मंजूरी जरूरी बा. 2011 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद्दे कहले रहन कि पंचायत के कामकाज के पारदर्शी बनावे खातिर लोकप्रहरी के गठन कइल जाई . लेकिन आज तक ले ई ना भइल. एकर फायदा गड़बड़ करवे वाल मुखिया उठा रहल बाड़े.



मरद-मेहरारू मुखिया बनले त ई कइले घपला
कृष्ण मुरारी बात में बात जोड़ले. 2018 में नवादा जिला के पौरा पंचायत के पूर्व मुखिया अउर उनकर मेहरारू के भिजलेंस के टीम आय से अधिक सम्पत्ति मामला में गिरफ्तार कइले रहे. मरद-मेहरारू दूनो अदिमी जब मुखिया पद पर रहे लोग तब उनका खिलाफ बेहिसाब पइसा कमाये के आरोप लागल रहे. गांव के ही एक अदिमी हाइकोर्ट में रिट दायर कर के आरोप लगवले रहे. हाईकोर्ट एह मैटर के सीआइडी में जांच खातिर भेज देलस. जांच के बाद आरोप सही पावल गइल. एकरा बाद थाना में केस भइल जवना के बाद दूनो अदिमी के गिरफ्तारी भइल. सरकारी जोजना में घपला से मुखिया मरद-मेहरारू करोड़ों के दौलत बटोरले रहे लोग. 2019 में भी नवादा जिला के मुखिया लोग के करतूत चर्चा में रहे.

मास्टर के बहाली में खूब कमइले पइसा
कृष्ण मुरारी के बात जारी रहे. मुखिया लोग के भरष्टाचार के चलते ही पंचायती राज के सपना अधूरा रह गइल बा. महात्मा गांधी ‘आपन गांव-आपन सरकार’ के कल्पना कइले रहन ताकि एक-एक अदिमी के बिकास के लाभ मिल सके. लेकिन उनकर सपना पs पानी फिर गइल. नियोजित शिक्षक के बहाली में भी मुखिया लोग खूब लहर गिनले. फरजी बहाली से सरकार के खजाना पs तs चोट पहुंचइबे कइले, बिहार में पराइमरी के पढ़ाई रसातल में पहुंचा देले. भ्रष्ट मुखिया बिहार शिक्षा के बरबाद कर देले. बिहार के लइका अइसन मुखिया के कबो माफ ना करिहें. 2019 के बात हs. शिक्षक भर्ती घोटाला में नवादा पुलिस एगो फर्जी शिक्षक अउर दू गो पूर्व मुखिया के गिरफ्तार कइले रहे.

भेलू बिगह गांव में तैनात एगो नियोजित शिक्षक पर आरोप रहे कि ऊ फर्जी साटिकफिटिक पs बहाल भइल बड़े. 2016 में एकर खिलाफ ममला दरज भइल रहे. ई मास्टर के बहाली 2008 में भइल रहे. बहली में हड़िया पंचाइत के मुखिया के हाथ रहे. घपला दबावे के खितार मुखिया बंहाली के फाइल गायब कर देले. कछउआरा पंचायत के मुखिया पर सरकारी पइसा गबन करे के आरोप रहे. एह घोटला में नवादा के नादरीगंज बलौक के 9 मुखिया के खिलाफ केस भइल रहे. लेकिन एकरा में दू मुखिया गिरफ्तार भइले , कुछ फरार हो गइले, कुछ के बेल मिल गइल. कृष्ण मुरारी के बात खतम भइल तs राजकिशोर कहले, 2021 में मुखिया चुनाव के पहिले सरकार नियम-कैदा काड़ा कर रहल बिया जवना से कि दागी मुखिया फेन चुनाव मत लड़ सकस. अतना बतकही में खुरमा खत्म हो गइल तs तीनों संघतिया उठ के पइसा देवे चल देले. (डिस्क्लेमर- लेखक वरिष्ठ स्तंभकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)
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