Bhojpuri Spl: भारत-पाकिस्तान में शांति बहाली के रजामंदी, त का अब दूनो देश में खत्म होई टेंशन?

मानल जा रहल बा कि ई समझौता में भारत क नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़र अजील डोभाल अहम भूमिका निभउले रहलन. सूत्रन के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा डिवीज़न अउर रणनीतिक नीति संयोजन क स्पेशल असिस्टेंट मोहम्मद डब्ल्यू यूसुफ़ भारत के एनएसए डोभाल के सीधे संपर्क में रहलन.

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  • Last Updated: February 26, 2021, 3:38 PM IST
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भारत-पाकिस्तान सीमा पर पूरी तरह शांति बहाली कायम करे खातिर आखिरकार दूनों देसन के बीच अब रजामंदी हो गइल बा. एलओसी पर संघर्ष विराम के कुल शर्तन क सख्ती से पालन करे खातिर सहमति जतावल गइल बा. दूनों देशन के डीजीएमओ स्तर के अफसरन के बीच ए खातिर हॉटलाइन पर बात भइल. गुरुवार के भारत क रक्षामंत्रालय एकर जानकारी बकायदा बयान जारी क के देहलस, जेकरा मुताबिक 24-25 फरवरी से एलओसी पर दूनों तरफ से युद्धविराम क पूरी तरह से पालन किहल जाइ.

मानल जा रहल बा कि ई समझौता में भारत क नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़र अजील डोभाल अहम भूमिका निभउले रहलन. सूत्रन के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा डिवीज़न अउर रणनीतिक नीति संयोजन क स्पेशल असिस्टेंट मोहम्मद डब्ल्यू यूसुफ़ भारत के एनएसए डोभाल के सीधे संपर्क में रहलन. एकरा खातिर तीसरे देश में दूनों लोग आमने-सामने बइठ के बातचीत कइले रहलन. लेकिन इ मुलाकात बेहद गोपनीय रहल अउरी एकरा के बारे में भारत में केवल तीन-चार लोगन के जानकारी रहल, ओनमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर रहलन.

मिलल जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना क डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत संघा अउर पाकिस्तानी डीजीएमओ मेंज़र जनरल नुमान जकरिया के बीच 22 फरवरी के हॉटलाइन पर बातचीत भयल रहल. ई बातचीत बिल्कुल सौहार्दपूर्ण वातावरण में स्पष्ट रूप से भयल, अउर एसओसी के साथ-साथ सबही इलाकन की स्थित क समीक्षा किहल गइल. हालांकि अइसन न हौ कि पहली बार दूनों देसन के बीच सहमति बनल बा. सन 2018 में अइसहीं एक समझौता पर बड़े अफ़सरन क दस्तखत भइल रहल, जेकरा मुताबित दूनों देश वादा कइले रहलन कि सन 2003 में भइल संघर्ष विराम समझौते क पालन करल जाई. सन 2003 में भइल समझौता में एलओसी पर फायरिंग और गोलाबारी करले क मनाही रहल. लेकिन दुर्भाग्यवश दूनों तरफ से सीज़फ़ायर क एतना उल्लंघन भइल कि हालात युद्ध जइसन हो गइल. भारत क लगातार आरोप हौ कि पाकिस्तान चाह ता कि गोलीबारी के आड में भारतीय सीमा में आतंकियन क घुसपैठ करावल जा सके. हालांकि भारत गोली चलावे क पहल कबहुं न करले हौ लेकिन जवाबी कार्रवाई में गोलाबारी करब मजबूरी हौ.

दूनों सेना की तरफ़ से स्मॉल आर्म्स फ़ायरिंग से लेके मोर्टार, रॉकेट, तोप अउर एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल तक इस्तेमाल हो चुकल बा. भारतीय सेना क आंकड़ा बतावता कि साल 2018 में पाकिस्तान की ओर से एलओसी पर 1629 बार युद्ध विराम क उल्लंघन भयल लेकिन साल 2019 में इ आंकड़ा बढ़ि के 3168 हो गइल. सन 2020 में त पाकिस्तान 4645 बार फायरिंग क के समझौता तोडलस. एतने ना, मौजूदा साल 2021 में यानि 1 जनवरी से ले के 25 फरवरी तक पाकिस्तान 590 बार सीज़फायर तोड़ले बा. जाहिर हौ कि बेवजह फ़ायरिंग से दूनों ओरी तमाम सैनिकन क जान जाएला अउर सीमावर्ती गांवन के निर्दोष लोगन के जानमाव क नुकलान होला. अगर समझौता पर कायदे से अमल होई त इ नुकसान से बचल जा सकेला. रक्षामंत्रालय के अनुसार दूनो सेना के डीजीएमओ स्तर के बातचीत में इ दोहराइल गइल बा कि कउनो कारनवश अगर बीच में गलतफहमी भइल, कउनों विवाद भइल, त ओकरा के मिल बइठ के फ़्लैग मीटिंग में या हॉट लाइन पर सुलझावल जाइ. जानकार मानेलां कि दूनों देसन के बीच में बेहतर संबंध बनावे खातिर अगले कुछ महीनन में जउन ठोस कदम उठावल जाई, ओकर ई बानगी भर हौ.
राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकारन के मुताबिक पिछले एक महीना में कुछ बदलाव अइसन भइलन, जेकरा से संकेत मिला ता कि आपसी संबंध में सुधार के खबर जल्द देखे के मिली. पहिला संकेत 2 फरवरी के पाकिस्तान सेना प्रमुख बाजवा से मिलल, जेहमें ऊ इस्लामाबाद की प्रतिबद्धता अउर सब दिसावन में शांति खातिर हाथ बढ़ाने क बात कहले रहलन. जबकि बालाकोट हवाई हमले के बादे से बाजवा भारत के खिलाफ कड़ा तेवर अख्तियार कइले रहलन. एकरा 3 दिन दिन बादे दूसर संकेत इस्लामाबाद से 5 फरवरी के जारी बयान से मिलल, जउन पहिले के बयान से असमान्य रहल. 5 फरवरी के पाकिस्तान कश्मीर सॉलिडेरिटी के रूप में मनावेला. पिछले हफ्ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोविड 19 महामारी पर सार्क बैठक बुलउले रहलन. ए बैठक में पाकिस्तान के स्वास्थ्य विभाग के स्पेशल असिस्टेंट फैसल सुल्तान के जुबान से केवल कोरोना संकट क बात निकलल, जबकि एकरा से पहिले मार्च 2020 में सार्क बैठक में फ़ैसल भारत के खिलाफ खूब जहर उगलले रहलन अउर कश्मीर मुद्दा पर दुनिया क ध्यान अपनी ओर खींचे के कोशिस कइले रहलन. अउर ताजा संकेत भारत की ओर से मिलल, जब पाक पीएम इमरान खान के स्पेशल क्राफ्ट के लक्षद्वीप द्वीप समूह के ऊपर सै उडे क इजाज़त दिहल गइल. इमरान क विमान श्रीलंका जात रहल. जबकि एकरा विपरित पाकिस्तान अइसन ना करले रहल. सितंबर 2019 में जब भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद क जहाज यूरोप जात रहल, तब पाकिस्तान अपने हवाईक्षेत्र के इस्तेमाल क अनुमति नाहीं देहले रहल. एकरे अलावा पीएम मोदी जब अमेरिका अउर सउदी की यात्रा पर गइल रहलन, तबो पाकिस्तान अपने हवाईक्षेत्र के इस्तेमाल क इजाजत देवे से साफ इनकार कइले रहल.

लेकिन एह बात से इनकार ना किहल जा सकेला कि एकरा पीछे भारत क अदम्य साहसो बा, जउन एलएसी पर चीन के साथ देखउले हौ. चीन के साथ पिछले नौ महीना से चलल टकराव के बाद डिसइंगेजमेंट समझौता भइल. ई शंका रहल कि जब भारत क सेना चीन के साथ सीमा विवाद में फंसल रही, ओ समय पाकिस्तान भी बार्डर पर बदमाशी कइ सकेला. लेकिन अइसन ना भइल. पाकिस्तान की तरफ से अइसन कउनों कार्रवाई ना भयल. यानि पाकिस्तान इ बूझ ता कि जब भारत चीन जइसे जबर देस के आंख देखा के जवाब दे सकेला अउर ड्रैगन के पीछे भागे के मजबूर कई सकेला, त ओकरा के सामने पाकिस्तान क का बिसात हौ. यानि इ माना जा सकेला कि भविष्य में भारत-पाक सीमा पर तनाव अब अउरी घटी, बढ़ी ना. अब एलओसी पर एलएसी के तरह बदलाव क बयार बही. देश बदल रहल बा, भारत बदल रहल बा. (लेखक करुणेश त्रिपाठी वरिष्ठ पत्रकार हैं.)
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