Bhojpuri: का बिहार के जनता चिराग पासवान के दीही आशीर्वाद? लालू के पैगाम से पलट गइल खेल

बिरोधी लोग कहते रहे कि अकेलुआ चिराग पासवान का करिहें ? ऊ कइसे साबित करिहें कि रामविलास पासवान के राजनीतिक वारिस ऊहे बाड़े ? ई सवाल के जवाव में तs अभी देरी बा लेकिन ओकर झलक जरूर मिल रहल बा. पहिले लालू जी के पैगाम से खेला पलट गइल.

  • Share this:
चिराग पासवान के आसीरबाद जातरा के दूसरा चरण 16 जुलाई से शुरू होखे वला रहे. पूर्णिया में भी उनकर पोरगराम होखे वला बा. रोहित राज अउर सलिल सुधाकर चिराग पासवान से मिले खातिर बहुत उत्साहित रहन. रोहित राज कहले, बिरोधी लोग कहते रहे कि अकेलुआ चिराग पासवान का करिहें ? ऊ कइसे साबित करिहें कि रामविलास पासवान के राजनीतिक वारिस ऊहे बाड़े ? ई सवाल के जवाव में तs अभी देरी बा लेकिन ओकर झलक जरूर मिल रहल बा. पहिले लालू जी के पैगाम से खेला पलट गइल.

अइसन लागत बा कि लालू जी चिराग के मैच जिताऊ बल्लेबाज मान रहल बाड़े. अब असीरबाद जातरा से चिराग पासवान माहौल बना रहल बाड़े. सलिल सुधकर कहले, सबसे बड़ बात तs ई बा कि अब चिराग बिहार में खूंटा गाड़ के राजनीत करिहें. हमरा बिचार से चिराग पासवान के ई फैसला उनकर किस्मत पलटेवला हो सकेला. 1972 में विधानसभा चुनाव हरला के बाद रामविलास पासवान के भी भविष्य अनिश्चित हो गइल रहे. लेकिन ऊ संघर्ष के राह पs चलके कमयाबी पवले. अब चिराग के भविष्य भी जनता जनारदन ही तय करिहें.

का चिराग के तेजस्वी साथे निबाह होई ?
सलिल सुधाकर तनी चिंतित भाव में कहले, लेकिन का राजद साथे चिराग पासवान के निबाह हो जाई ? का तेजस्वी के रहते चिराग पासवान महागठबंधन में पनप पईहें ? रोहित राज कहले, एही स तs चिराह पासवान लालू जी के औफर के कवनो जबाब नइखन देले. ऊ समझबूझ के ही फैसला लिहें. चिराग पासवान भी कुरसी कुरसी खातिर ही राजनीत कर रहल बाड़े. एह से ऊ बहुत दूर तक भा बहुत देर तक तेजस्वी साथे ना रह सकस. जदयू-भाजपा के डाह में ऊ आपन भावी राजनीत बरबाद ना कर सकेले. अबहीं चिराग के अपना साथे जोड़े में राजद के फैदा देखायी पड़ रहल बा. लेकिन बीस बरस के इतिहास इहे कहल बा कि लोजपा के राजद से कब्बो चुनावी लाभ नइखे मिलल. आसीरबाद जातरा के रिसपौंस देखला के बादे चिराग कुछ तय कर सकेले. अहबीं उनका सामने सबसे बड़ चुनौती ई बा कि ऊ कइसे लोजपा समर्थक लोगन के भरोसा जितिहें. एह से उनकर पूरा धेयान आसीरबाद जातरा के सफल बनावे में लागल बा. राजनीत में जेकरा भिरी जनता के ताकत रही, नेता उहे कहाई. पाटी में टूट-फूट से कवनो अंतर ना पड़े.

जेकरा भिरी जनता के ताकत, नेता उहे कहाई
रोहित राज कहले, जनता के ताकत समझे का बा तs सरजू राय के कहानी सुनs. सरजू राय झारखंड में भाजपा के बहुत नेता रहन (अब निर्दलीय बिधायक). संघ के खांटी कार्जकर्ता भी रहन. रघुबर सरकार से उनकर खटपट चलत रहे. 2019 के बिधानसभा चुनाव में भाजपा उनकर टिकट काट देले रहे. एह खीस में सरजू राय मुखमंतरी रघुबर दास के खिलाफ ही मैदान में कूद गइले. रघुबर दास के जीतावे खातिर परधानमंतरी नरेनदर मोदी भी सभा कइले रहन. लेकिन जनता सरजू राय के साथे रहे. उनका साथे भाजपा अन्याय कइले रहे. नरेनदर मोदी के अपील से भी कवनो फरक ना पड़ल. जनता सरजू राय के जीता के भाजपा के जबाब दे दे रहे. अगर नेता जनता के दिल में जगह बना लिही तs ओकरा सामने केहू ना टिक सके. बड़ बड़ नेता भी ओकरा सामने फीका पड़ जाले. चिराग के सामने सरजू राय के उदाहरण बा. अगर लोजपा में उनका साथे अन्याय भइल बा तs जनता ओकरा इंसाफ जरूर करी. 1977 में खुद रामविलास पासवान के पत्ता काटे खातिर जनता पाटी में खूब राजनीत भइल रहे. टिकट कट भी गइल रहे. लेकिन रामविलास पासवान अपना करमठता से खेल के फेल कर देले रहन. अब इहे जोग्यता चिराग पासवान के भी साबित करे के पड़ी.

चिराग पासवान के सामने चुनौती भी, मौका भी
सलिल सुधकर कहले, चिराग पासवान जरूर अबहीं संकट में बाड़े. पांच सांसद के टूटला से उनकर राजनीत डंवाडोल हो गइल बा. लेकिन ऊ ई चुनौती के तभिये मौका में भी बदल सकेले जब ऊ सौतिया डाह के रजनीत से दूर हटिहें. आपन दूनो गोड़ तुरवा के दोसरा के एक गोड़ तूरल कहां के समझदारी हs ? चिराग बेशक जदयू को तबाह कर देले लेकिन एह कोशिश में तs ऊ पूरा बरबाद हो गइले. दोसरा के हार से अधिक अपना जीत के चिंता करे के चाहीं. तबहियें राजनीत में उठान होई. अबही उनकर उमिर 38 साल ही बा. पोजिटिभ सोच वला नौजवान नेता के छवि बना कर ऊ दलित राजनीति में आपन जगह बना सकेले. बिहार के दलित नेता पशुपति पारस, जीतन राम मांझी, श्याम रजक के उमिर 67 साल से अधिक हो गइल बा. देर-सबेर ई लोग के राजनीत ढली तs चिराग पासवान खाली जगह के भर सकेले. अगर ऊ लोजपा के 6 परसेट भोट के प्रतिनिधि बन जइहें तs बिहार के राजनीत में उनकर अस्थान पक्का हो जाई. तब गठबंधन के राजनीति में हरमेसा उनकर अहमियत बनल रही.

का चिराग मैच जिताऊ बल्लेबाज हवें ?
सलिल के बात पs रोहित राज कहले, लालू जादव के राजनीतिक सूझबूझ के कवनो जबाब नइखे. अगर ऊ चिराग पसावान भिरी औफर पs औफर भेज रहल बड़े तs एह बात के नजरंदाज ना कइल जा सकेला. लालू जादव चिराग में कुछ संभावना देख रहल बाड़े तब्बे अतना दूत भेज रहल बाड़े. चिराग के अकेले लड़ला के नतीजा जदयू देख लेले बा. अगर 2025 में चिराग, भजापा-जदयू के खिलाफ चुनाव लड़स अउर उनका साथे राजद के भी समर्थन रहे तs बाजी पलट सकेला. जइसे जइसे जदयू – भाजपा के नाइंसाफी बढ़ी, वइसे वइसे चिराग पासवान के जनसमर्थन बढ़ सकेला. चर्चा चल रहल बा कि केन्द्रीय कैबिनेट में जदयू के दू मंतरी पद मिलल रहे. लेकिन चिराग के राह रोके खातिर जदयू अपना कोटा से पशुपति पारस के मंतरी बनवा देलस. एह चर्चा में केतना सच्चाई बा, कहल ना जा सके लेकिन एकरा से जनता के सहानुभूति चिराग से जुड़ सकेला. सलिल सुधाकर रोहित के बात के काट के कहले, अटकलबाजी से राजनीत ना होखे, अब देखे के बा कि चिराग के जनता से कतना सीरबाद मिले वला बा. (अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ स्तंभकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.