Home /News /bhojpuri-news /

is chirag paswan still in nda read article in bhojpuri ashok kumar sharma

Bhojpuri- का चिराग पासवान अभी भी NDA में बाड़े?

.

.

अदरा के दलपुड़ी, आलुदम बन गइल रहे. बल्टी में मालदह आम ठंडात रहे. खीर चूल्हा पs चढ़ल रहे. उतरे में कुछ टाइम रहे. बटेसरनाथ बड़ा चाव से भोज के इंतजाम में जुटल रहन. पारसनाथ के परिवार के भी नेवतले रहन. बइठला के अनमाना गप शुरू हो गइल.

गांव के गप में राजनीति शास्त्र ही मेन सब्जेक्ट रहेला. बटेसरनाथ कहले, आजकाल्ह राष्ट्रपति चुनाव के ही चर्चा बा. द्रौपदी मुर्मू जी के उम्मीदवार बने से बिपक्ष के पोलटिक्से गडबड़ा गइल बा. उनकर नौमिनेशन के समय ही जवन समर्थन मिलल ओकरा से उनकर जीत पक्का हो गइल. लेकिन तबहुओं भाजपा के नेता द्रौपदी जी के समर्थन खातिर अलग अलग सांसद के फोन कर रहल बाड़े. खबर में पढ़नी हं कि एही मकसद से भाजपा के एक बरिष्ठ नेता, जमुई सांसद चिराग पासवान के फोन कइले रहन. उनकर फोन कइला के बाद चिराग पासवान द्रौपदी जी के समर्थन के एलान भी कर देले. ई बात सुन के पारसनाथ सवाल कइले, का भाजपा के चिराग पासवान से फेन नजदीकी बढ़ रहल बा ? का ऊ अभी भी NDA में बाड़े ? बिधानसभा चुनाव में तs तलवार खींच के आमने- सामने खड़ा रहे लोग. बटेसरनाथ जवाब देले, कुछ लोग कह रहल बाड़े कि भाजपा के नेता ऊपरी मने से चाहे जवन कहस, लेकिन भीतरे भीतरे ऊ चिराग के एनडीए के ही हिस्सा मानेले. भाजपा के टौप लीडर के मन में हरमेसा से चिराग के प्रति सौफ्ट कौरनर रहल बा.

चिराग से तालमेल बढ़ावे के कोशिश में भाजपा

खीर सींझ गइल तs छोटकाई तसला उतार देले. बसमतिया चाउर से बनल खीर के गमक दलान तक आवत रहे. पारसनाथ आनंदभाव में सांस खींच के कहले, तनी मन दाब के बइठल लोग. खीर देव भोजन हs. एकर सोवाद लेवे के बा तs तनी सेराये दs लोग. बटेसरनाथ के बात पूरा करे के मौका मिल गइल. कहले, कहल जा रहल बा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता के फोन के बाद चिराग पासवान बहुत आशान्वित हो गइल बाड़े. हालांकि रामविलास जी के बंगला 12, जनपथ के छिनाये से चिराग अनराज रहन. लेकिन अब परिस्थिति उनका अनुकूल हो रहल बा. भाजपा, जदयू के दबाव में चिराग से दूर भइल रहे. लेकिन हाल के समय में भाजपा के जदयू से खींचतान बढ़ गइल बा. अग्निवीर जोजना के बिरोध में बिहार में बहुत बबाल भइल रहे. कइअक रेल गाड़ी में आग लगा दिहल गइल रहे. अइसन बबाल तs जेपी आंदोलन में भी ना भइल रहे. भाजपा के आरोप रहे कि बिहार सरकार हिंसक परदरसन करे वला के खिलाफ सख्त कार्रवाई ना कइलस. एकर जबाब में जदयू कह देलस कि भाजपा अपना शासन वला राज्य में काहे नइखे गोली चलवा देत ? एह तर्क बितर्क से कड़ुआहट बहुत बढ़ गइल. एह से अब भाजपा जदयू के बैलेंस करे खातिर चिराग से तालमेल बढ़ावे के कोशिश में बीया.

दूर के कौड़ी

खीर, दलपूड़ी, आलूदम सभ कोई के परोसा गइल. ऊपर से आमो आ गइल. खात-खात पारसनाथ कुछ कहल चहले कि छोटकाई टोक देले, अरे भाई ! खात घरी ना बोले के चाहीं. लेकिन पारसनाथ भला कहां चुप रहे वला रहन. खीर सरपोट के इतमिनान से कहले, राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू जी के उम्मीदवार बना के भाजपा एक साथे कई विरोधी दल के साध लेलस. आदिवासी समाज से पहिला बेर कौनो बेकती भारत के सर्वोच्च पद पर पहुंचे वला बा. के एकर बिरोध कर सकेला ? जे करी ओकरा पs ‘आदिवासी बिरोधी’ के ठप्पा लाग जाई. मजबूरी में भाजपा के कट्टर बिरोधी भी द्रौपदी जी के समरथन कर रहल बाड़े. मायावती जी भी जब समरथन में आ गइली तब दोसर केकर बात कहल जाव. जदयू भिरी भी कवनो बिकल्प ना रहे. एह से ऊ राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के साथे सुर में सुर मिला रहल बा. एह चुनाव में अगर चिराग पासवान भी भाजपा के समरथन करिहें तब जदयू चाह के भी कुछ ना कह सके. काहे से कि एह चुनाव में कुछ गैरएनडीए दल भी भाजपा के साथे आ गइल बाड़े. हालांकि अगर भाजपा के चिराग से नजदीकी बढ़ी तब जदयू के ई बात जरूर खटकी. लेकिन अभी ऊ कुछ कह ना सके. चिराग पासवान अपना पाटी में अकेले सांसद बांच गइल बाड़े. उनका पाटी के कवनो बिधायक भी नइखन. लेकिन एकरा बादो चिराग के बिहार के राजनीति में अहमियत बा. 2024 के लोकसभा चुनाव में अगर भाजपा, रामविलास जी के हवाला दे के चिराग के अहमियत दी तब राजनीति के रूख बदल भी सकेला.

चिराग पासवान अभी भी NDA में बाड़े !

अदरा के भोज खतम हो गइल लेकिन पारसनाथ के बात ना खतम भइल. हाथ धो-पोंछ के फेन चौकी पs बइठ गइले. छोटकाई तनी रंज हो के कहले, तs एकर मतलब का बा ? का एकरा से बिहार के राजनीत बदल जाई ? तब पारसनाथ कहले, ना ! जब तक सत्ता के मजबूरी रही, ई मेल बनल रही. कुछ समय से कहल जा रहल बा कि भाजपा अउर जदयू एक दोसरा से अलग होखे खातिर भीतरे भीतर बहुत छटपटा रहल बाड़े. लेकिन एकरा खातिर ना मौका बा, ना दस्तूर. जवन दल भी गठबंधन तूरी ओकरा पs जनादेश के अपमान के आरोप लाग जाई. गठबंधन के राजनीत में ओकर विश्वसनीयता खतम हो जाई. सत्ता के बरकरार राखल मजबूरी बा. साथ रहल मजबूरी बा. काहे से कि कवनो दल के अहिमयत तब्बे तक बा जब तक ओकरा भिरी पावर अउर पोजिसन बा. इहे सच्चाई दूनो दल के मनबढ़ंती पs ब्रेक लगा देला. एह बात पs छोटकाई फेन सवाल कइले, तब फिर काहे भाजपा-जदयू के नेता आपुसे में लड़ रहल बाड़े ? पारसनाथ शांत भाव से कहले, दरअसल ई मजबूरी के साथ बा. एह से समय-समय पs एक दोसरा के ‘टाइट’ करे खातिर दांव फेंक दिहल जाला. जदयू के दांव के जबाब में ही भाजपा चिराग से तवज्जो दे रहल बिया. राष्ट्रपति चुनाव में सहजोगी दल के साथे कौरडिनेसन बनावे खातिर भाजपा के एक बरिष्ठ नेता के जिम्मेदारी दिहल गइल बा. ऊ कुछ सोच समझ के ही चिराग के फोन कइले बाड़े. ऊ अन्य सहजोगी दल के ई संदेश देल चाहत बाड़े कि चिराग पासवान अभी भी एनडीए में बाड़े. पारसनाथ के बात खतम भइल तब बटेसरनाथ कहले, जतना खइलs, ओतना गप में पचइलs. चलs! अब सूते के तइयारी कइल जाव.

(अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ पत्रकार हैं, आलेख में लिखे विचार उनके निजी हैं.)

Tags: Article in Bhojpuri, Bhojpuri

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर