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Bhojpuri: जॉनी नाम के दूगो कॉमेडियन जे स्क्रीन पर आवे लोग त दर्शक के हँसा-हँसा के रोआ देस

केहू के हँसावल बहुत टेढ़ काम ह, बाकिर ई जेकर पेशा होखे उ हँसावे के, गुदगुदावे के आ बाते-बात में गहिरा बात कहि जाये के खूब हुनर जानेला. आज बात होई अइसने दू गो महान शख्सियत के. जब उ लोग स्क्रीन पर लउकेला त ओकरा भावहीन चेहरा के देख के भी दर्शक हँसे लागेला.

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हँसी मानव जीवन के सबसे कीमती तोहफा ह. जदि केहू के रउआ सबसे कीमती कवनो चीज दे सकीलें त उ बा ओकरा मुरझाइल चेहरा पर हँसी. आ इहे सबसे कठिनो काम बा. केहू के हँसावल बहुत टेढ़ काम ह, बाकिर ई जेकर पेशा होखे उ हँसावे के, गुदगुदावे के आ बाते-बात में गहिरा बात कहि जाये के खूब हुनर जानेला. आज बात होई अइसने दू गो महान शख्सियत के. जब उ लोग स्क्रीन पर लउकेला त ओकरा भावहीन चेहरा के देख के भी दर्शक हँसे लागेला.

रउआ हम सोचेनी जा कि जदि ई इयारवा चुप-चाप खड़ा बा, एकर माने कि कवनो बड़हन लकुराध करे वाला बा. इहे सोच के हमनी के हँस देनी जा. महाराज, एही के कहल जाला, इंसान के औरा, ओकरा व्यक्तित्व के आभा, ओकर प्रभाव. अइसन महान कॉमेडियन कि दर्शक देख के एतना हँसेला कि उ रो देला. महान कॉमेडियन में पहिला नाम बा हिन्दी सिनेमा के शुरुआती दौर के अभिनेता, कॉमेडियन जॉनी वॉकर उर्फ बदरुद्दीन जमालउद्दीन काजी.

जॉनी वॉकर

एगो मिल के मजदूर किहाँ जन्म लेबे वाला लइका जॉनी वॉकर एक समय हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री पर अपना नाम के सिक्का जमा लेहले रहलें. जब उनके पिता के नौकरी छूट गइल त सभे आपन पैतृक घर इंदौर के छोड़ के बंबई आ गइल. इहाँ जॉनी 10 गो भाई बहिन अउरी माई बाप के लमहर परिवार चलावे खातिर नौकरी ढूँढे लगलें. उ कुल्फी, सब्जी, फल, पेन कापी घूम घूम के बेचलें. बाद में उनके बंबई के बस सर्विस बेस्ट में कंडक्टर के नोकरी मिल गइल. उ बचपने से फिल्म में जाए के चाहत रहलें. बंबई अइलें त इहाँ ई इंतजार में रहे लगलें कि केहू डायरेक्टर, प्रोड्यूसर हमरा के देख लेव आ फिलिम में ले लेव. एही चलते उ बस में टिकट काटत में अपना बात अउरी भाव भंगिमा से लोग के हँसावे लगले, रंजित करे लगलें. एक दिन उनका पर बलराज साहनी के नजर पड़ल. उ हलचल फिल्म के कलाकार के आपन कलाकारी देखावत रहलें. उ शराबी के बड़ा जीवंत अभिनय करस. हालांकि अपना करियर में उ कई बार अइसन रोल कइलें. बलराज साहनी बड़ा प्रभावित भइलें आ आपन लिखल फिल्म बाजी में रोल ऑफर कइलें.

फिल्म गुरुदत्त के निर्देशन में बनत रहे आ जब गुरुदत्त उनके शराबी वाला रोल देखलें त बहुत प्रभावित भइलें आ उनके स्कॉच व्हिस्की के बहुत बड़ ब्रांड जॉनी वॉकर के नाम दे देहलें. एह तरे बदरुद्दीन काजी जॉनी वॉकर हो गइलें. जॉनी वॉकर हिन्दी के पहिला कॉमेडियन के रूप में लोकप्रिय भइलें. उनके अइसन जादू रहे कि फिल्म वितरक निर्माता आ निर्देशक पर दबाव डाल के, आपन पइसा लगाके जॉनी वॉकर पर एगो गाना फिल्मावल लोग. ‘सर जो तेरा चकराये’ के प्रसिद्धि के के भुला सकेला. उनका नाम पर फिलिम चल जाव. मोहम्मद रफी कवनो एगो अभिनेता खातिर जदि सबसे ढेर गाना गवलें त उ जॉनी वॉकर रहलें. कवनो फुल टाइम हीरो ना. जॉनी वॉकर ही पहिला कलाकार रहलें जे सेक्रेटरी रखे के शुरुआत कइलस. आ उनके ओ बेरा अइसन माहौल रहे कि उ पहिला कलाकार रहलें जे अतवार के छुट्टी लेबे के शुरुआत कइल.

अपना विशाल करियर में उ 300 के लगभग फिलिम कइलें जवना में बाजी, प्यासा, आर पार, टैक्सी ड्राइवर, मिस्टर एण्ड मिसेज 55, सीआइडी, नया दौर, कागज के फूल, मधुमती आदि रहे.

जॉनी लीवर

जॉनी नाम के एगो अउरी हास्य कलाकार जवन 80 के बाद से एह बेरा ले दर्शक के पसंद बनल बा, उ भी मिल मजदूर के बेटा रहे. उ भी सड़क पर पेन बेच के आपन गुजारा कइलें. बाद में पिता के हिंदुस्तान युनिलीवर मिल में मजदूर बन गइलें. पैदा भइल रहलें जॉन प्रकाश राव नाम से, बाकिर जब फैक्ट्री में एक बार प्रोग्राम भइल त अपना सीनियर लोग के मिमिक्री कर के लोग के एतना हँसवलें कि जॉनी लीवर हो गइलें. जॉनी लीवर एकरा से पहिलहुँ स्टेज शो में मिमिक्री करे जास आ स्टैन्ड अप कॉमेडी करस. उ तबस्सुम हिट परेड ऑर्केस्ट्रा में कॉमेडी करे लगलें. जब धीरे धीरे उनके लोकप्रियता बढ़े लागल त कल्याण जी-आनंद जी के म्यूजिकल ग्रुप ज्वाइन कर लेहलें. ई जोड़ी हिन्दी में तब हिट म्यूजिक देत रहे आ एह लोग के लाइव शो देखे ढेर हिन्दी फिल्म जगत के लोग आवे. सुनील दत्त एगो प्रोग्राम में आइल रहलें आ उ शत्रुघ्न सिन्हा के, आपन अउरी अमिताभ बच्चन के मिमिक्री करत जॉनी लीवर के देखलें आ बहुते प्रभावित भइलें. उ उनके आपन फिल्म दर्द का रिश्ता में काम दे देहलें अउरी इहाँ से जॉनी लीवर के फिल्मी करियर के शुरुआत हो गइल.

जॉनी एकरा बाद तीन साल ले आपन लाइव शो में ही व्यस्त रहलें बाकिर 1986 में उ फेर से फिलिम में लउके लगलें आ ओकरा बाद से आज ले माने कि 2021 ले उनके लगातार फिलिम आ रहल बा. 1993 के बाज़ीगर के सफलता के बाद त उनके फिल्मन के लिस्ट अचानके बढ़ गइल आ उ 2000 में 25 गो फिलिम कइलें. उ एगो भोजपुरी फिल्म भी कइलें मनोज तिवारी के साथे. फिल्म के नाम रहे ठेला नंबर 501.

जॉनी लीवर के एहू साल कुछ दिन पहिले हंगामा 2 फिलिम आइल ह जवन लोग पसंद कइल ह. अब ले उनके 300 से ऊपर फिलिम हो गइल बा. आ आगे भी कई गो मजेदार फिलिम में उ लउके वाला बाड़ें.

रउआ ई सब हास्य के धुरंधर कलाकारन के जिनगी देखब त बुझाई कि सभे केतना गजन कटले बा. एह लोग के जिनगी केतना रोअवले बिया तब जाके ई लोग स्क्रीन पर आके सभके खूब हँसवले बा. देखीं जे फूट-फूट के रोवले बा, उहे एगो मुसकी के मोल समझ सकेला. हास्य शुरुए से सबसे कठिन कला रहल बा आ एके कलाकार जरूर सराहे जाये वाला बाड़ें.

(मनोज भावुक भोजपुरी सिनेमा और साहित्य के जानकार हैं, यह उनके निजी विचार हैं)

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