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Bhojpuri: कोरोना काल में काँवड़ यात्रा प रोक बा, त सुनीं सावन में शिव भजन के टॉप प्लेलिस्ट

राउर त जानते बानी कि सावन भोले बाबा के भी महीना ह. भारते ना, विश्व के अउर कई जगह पर भी भगवान शंकर के माने वाला लोग में अलगे उत्साह अउरी आनंद रहेला एह सावन में. अइसे में सुनीं शिव भजन के टॉप प्लेलिस्ट.

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सावन के मौसम चल रहल बा. चारु ओर हरियरे-हरियर लउकता. ई मौसम साल के सुहाना मौसम में से एगो होला. सावन में धरती के जवन रूप-सिंगार रहेला तवन दोसरा महिना में कहाँ रहेला. महिला लोग खातिर त सावन सबसे पावन आ सबसे कीमती होला. तबे नू गाना बनल कि ‘’ तेरी दो टके कि नौकरी मेरे लाखों का सावन जाए.’’ अउर कवनो महिना लाखों के काहे ना हो गइल ? हँ, तनी फागुनो में बेचैनी होला बाकिर ओह में सावन वाली बात कहाँ बा ? हमार एगो शेर बा –

बरिसत रहे जे आँख से हमरा बदे कबो
आखिर उ इंतज़ार के सावन कहाँ गइल

इंतज़ार के सावन खाली प्रेमिये लोग खातिर ना, भक्तो लोग खातिर होला. राउर त जानते बानी कि सावन भोले बाबा के भी महीना ह. भारते ना, विश्व के अउर कई जगह पर भी भगवान शंकर के माने वाला लोग में अलगे उत्साह अउरी आनंद रहेला एह सावन में. लोग पूरा महीना सावन के सोमार के व्रत रखेला, भोले बाबा के पूजेला, मनावेला, गोहरावेला आ उहाँ के आशीर्वाद पावेला. एही महीना में शिवलिंग पर जल चढ़ावे के भी बड़ा धूम रहेला. लोग काँवड़ यात्रा करेला, सैकड़ों किलोमीटर दूर पैदल जल कान्हे पर लेके जाला आ महादेव पर अर्पित करेला. हरिद्वार अउरी बैद्यनाथ धाम के काँवड़ यात्रा पूरा देश में प्रसिद्ध बा.

एहू साल पिछले बरिस लेखां कोरोना के महामारी के चलते काँवड़ यात्रा पर पाबंदी लाग गइल बा अउर भोले बाबा के धाम पर खाली पंडा-पुजारी लोग के ही उपस्थिति बा. भक्तजन उदास बाड़ें अउरी बेकल भी कि एहू साल बाबा के दर्शन ना हो पाई, भोले बाबा पर जल ना चढ़ पाई. बाकिर उनकर इहे मर्जी बा कि सभे मानवता के रक्षा खातिर घरे में रहो, पाबंदी के पालन करो त लोग भी मंजूर कs लेहले बा. अब भगवाने के कहल बा कि हम त कण-कण में बानी. एही से लोग अपना घरे में महादेव के ध्यान करके उहाँ के जल चढ़ा लेता, बेल के पतई, दूध, घी, शहद चढ़ा लेता. एगो चीज के कमी जवन खलत बा उ बा माहौल के. जवन काँवड़ यात्रा में गइला पर भक्तिमय माहौल होला, बोलबम के नारा गूँजेला, जवन काँवड़ियन के चहलकदमी से ध्वनि उठेला, उ सुने आ महसूस करे के नइखे मिलत.

बाकिर भोले बाबा के भजन सुने पर रोक थोड़े बा. हम रउरा सब खातिर भोले बाबा के कुछ दमदार भजन लेके आइल बानी.

हिन्दी में त भगवान शंकर के भजन खातिर हंसराज रघुवंशी खूब नाम कमइले बाड़ें, उनका सामने केहू नइखे. हिमाचल प्रदेश के रहे वाला हंसराज देवभूमि में भोले के भक्ति करेलें अउरी उहाँ के भजन गावेलें. ‘मेरा भोला है भण्डारी करे नंदी की सवारी’ गाना गा के अचानक से सबके चहेता बनल हंसराज भोले के एतना बड़ भक्त हवें कि उनके हर दूसरा भजन भोलेबाबा के होला अउरी सगरो म्यूजिक वीडियो में उ निर्माता के रूप में भोले बाबा के क्रेडिट देलें. महादेव के भक्ति में डूबे के बा त उनके एक से एक भजन रउआ यूट्यूब भा अउरी म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर सुन सकीलें. उनके हिट प्लेलिस्ट में पहाड़ी शिव भजन ‘शिव कैलाशों के वासी, धौली धारों के राजा’, शिव समा रहा है मुझमें और मैं शून्य हो रहा हूँ’, लागी‘लगन शंकरा’, ‘ऐसा डमरू बजाया भोले नाथ ने’ आदि बा.

शंकर महादेवन के गावल रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र के त कवनो जोड़े नइखे; सुनते रोआँ खड़ा हो जाला. कैलाश खेर भी शिव भजन गावे खातिर जानल जालें. उनके एगो भजन ‘बम लहरी’ सुनला पर भगवान शिव के छवि आँख के सामने बने लागेला. उनके ही एगो अउर भजन बा, ‘अनादि अनंता’. कैलाश खेर अउरी डॉ. एम. के बोल एतना सुंदर बा अउरी ओकर संगीत आ कैलाश खेर के आवाज…अहा! रउआ दिव्य आनंद मिली. ई रउआ के यूट्यूब पर सुने के मिल जाई.

अजय देवगन के फिलिम शिवाय में एगो गीत बा ‘बोलो हर हर हर’. एकर बोल, कॉम्पोजिशन, म्यूजिक सब एक नंबर बा. इहो गीत सुनीं त मन में अलगे उमंग छा जाला. मिथुन के संगीत, संदीप श्रीवास्तव के बोल अउरी मोहित चौहान, सुनिधि चौहान के आवाज, जरूर सुने वाला बा. अक्षय कुमार के फिल्म लक्ष्मी के गाना ‘बम भोले’ भी देह में जोश भरे वाला गाना बा. ई चार साल पहिले वायरस नाम के गायक गवले रहलें फेर एकर फिल्म वर्जन आइल आ दुनू यूट्यूब पर सुपरहिट बा.

हिन्दी में अउर भी एक से बढ़के एक शिव जी के भजन बा. भोजपुरी के बात करीं त पॉपुलर कल्चर में शिव भजन भी नयका गीतकारन के उथला प्रतीक अउरी बेतुका अलंकार के चलते नीरस अउरी झुंझलाहट पैदा करे वाला बा. ओह पर कहियो बाद में विशेष रूप से चर्चा अउरी विश्लेषण होई. अगर बोलबम गीतन के नाम पर फइलल कंजास के बार-बार उंचिलावल जाय त ओह में से शायद कुछ एक बढ़िया भजन सुने के मिल जाई.

कल्पना के गीत ‘हमसे भंगिया ना पिसाई ये गणेश के पापा’ एक टाइम बड़ा हिट भइल रहे. लोग आजुओ बड़ा मन से ई भजन सुनेला. पवन सिंह के आज कल के बोलबम के गीत सुनब त रउआ बहुत निराशा होई. कवनो कलाकार अपना जीवन में तरक्की करेला, कहावतो बा कि कलाकार जस-जस बुढ़ाला, ओकर कला तस-तस जवान होला. बाकिर पवन सिंह बैक गेयर में बाड़ें. उनके 2015 के पहिले के कांवर गीत सुनब त बुझाई कि केतना मधुर गीत बनल बाटे. एह बेरा के नयका बोलबम गीत सुनब त बुझाई कि गनवा उहे रेगुलर प्रेमी-प्रेमिका आ मरद-मेहरारू वाला बा बस भगवान जी के ठप्पा लगा दिहल बा, हाँ एगो गाँजा अउरी भांग के पेवन अउरी सटा गइल बा. साँच बताईं त बड़ा रीस बरेला जब अइसन गायक के ई सब करत आदमी देखेला त. डम डम डमरू बजावेले हमार जोगिया पवन सिंह के ही गावल ह, सुनीं, झूम उठब. एगो बड़ा सार्थक गीत बा, ‘ए बाबा फेर से निर्मल कs द हमरा गंगा माई के’. एह में गंगा में होत प्रदूषण के लेके चिंता भी बा आ भगवान से गोहराई भी बा. एगो आल्हा शैली में पवन सिंह के ही गावल शिव भजन बा, ‘कथा पावन है बैजनाथ की’. ई भी रउआ सुन सकीलें, अच्छा लागी.

बाकी जल्दिये आइब एगो लेख के साथे जवना में पद्म विभूषण शारदा सिन्हा के ‘’ का लेके शिव के मनाईं हो, शिव मानत नाहीं ‘’ से लेके आज कल के गायक-गायिका के सफ़र पर बात करेम.

( लेखक मनोज भावुक भोजपुरी साहित्य व सिनेमा के जानकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं. )

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