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Bhojpuri Spl: जेल के भी इन्ज्वॉय करे वाला नेता हईं लालू जी, जे भी मिलल उ हो गईल फैन!

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जेल में बंद लालू जादव इलाज खातिर अस्पताल में भर्ती बाड़े. उमिरो हो गइल बा. लेकिन ऊ अपना सोभाव से मस्त-मिजाज के अदिमी रहल बाड़े. जेल में भी मस्त. नामी पत्रकार प्रभाष जोशी आपन किताब ‘जीने के बहाने’ में लालू जादव के जेल जीवन के सजीव चित्रण कइले बाड़े.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2021, 3:18 PM IST
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लेखक केदार ‘किसलय’ के हाता में बैठकी जमल रहे. ‘महामाया पुस्तकालय’ के सचिव नित्यानंद ‘निर्भय’ जेपी आंदोलन के सिपाही रहन. भोजपुरी में कविता भी लिखत रहन. केदार जी के ईहां बैठकी में बिना नागा शामिल होखे वला सदस्य रहीं नित्यानंद जी. आज पत्रकार अमरकांत भी मंडली में शामिल रहन. नित्यानंद जी लालू जादव के बेमार पड़े वला खबर से तनी परेशान रहन. जेपी आंदोलन के समय नित्यानंद जी भी सक्रिय रहन. जेपी के डेरा पs एक दू-बेर लालू जादव से मुलाकातो रहे. नित्यानंद जी बीतल दिन के इयाद करे लगले. लालू यादव से जुड़ल खिस्सा सुनावे लगले. नित्यानंद जी के बात सुन के केदार जी कहले, आज लालू जादव जेल में बाड़े. इलाज खातिर अस्पताल में भर्ती बाड़े. उमिरो हो गइल बा. लेकिन ऊ अपना सोभाव से मस्त-मिजाज के अदिमी रहल बाड़े. जेल में भी मस्त. नामी पत्रकार प्रभाष जोशी आपन किताब ‘जीने के बहाने’ में लालू जादव के जेल जीवन के सजीव चित्रण कइले बाड़े. पत्रकार अमरकांत के दिलचस्पी बढ़ गइल. केदार जी देने देख के कहले, प्रभाष जी, लालू जी के बारे में का लिखले बाड़े ?

जेल में भी खुश रहे वला लालू जी
नित्यानंद निर्भय जी प्रभाष जोशी के लिखल प्रसंग सुनावे लगले. जनसत्ता के प्रधान सलाहकार सम्पादक प्रभाष जोशी एक बेर पटना आइल रहन. पटना के आपन संगी-साथी के साथे एक दिन ऊ लालू जादव के मिले पटना के बेउर जेल गइले. ओहघरी राबड़ी देवी बिहार के मुख्यमंत्री रही. लालू जी चारा घोटाला केस में जेल के अंदर रहन. प्रभाष जी के मोताबिक, “लालू जी लुंगी अउर सैंडो गंजी पेन्हले रहन. चेहरा पs खुशी अउर अपनापन के भाव रहे. ऊ तपाक से मिलले. .... ऊ (लालू जादव) तनिको परेशान ना लगात रहन. हमरा लागत रहे कि ऊ अइसे बतिया रहल बाड़े जइसे जेल के हालात के भी आनंद उठा रहल बाड़े. जेल में भी ऊ खांटी बिहारी अंदाज में हुकुम चला रहल बाड़े. उनका पs कवनो फर्क ना पड़ल रहे कि ऊ जेल में बाड़े कि अब मुख्यमंत्री के पद से हट गइल बाड़े.” ई मुलाकात में लालू जी, प्रभाष जी के जेल भी घुमवले.

लालू जी के कोठरी में फल के ढेर
केदार जी कहानी जारी रहे. जब प्रभाष जी, लालू जी के साथे जेल के भीतरे घुमत रहन तs लालू जी कहले, जइसे राजा लोग के ऊंच ऊंच किला होत रहे वइसहीं जेल के ई लम्हर देवाल देखाई दे रहल बा. हम ईहवां राजा जइसन रह रहल बानी. लालू जादव में कुछ तs बात जरूर रहे कि जेल के कैदी भी उनका एक बोली पs खाड़ा हो जास. लालू जी, प्रभाष जी के आपन कोठरी में भी ले गइले. उहवां तरह-तरह के फल के ढेर लागल रहे. अंगूर, सेब, संतरा, पपीता अउर ना जाने कवन-कनव फल रहे. जब प्रभाष जी के नजर फल देने गइल तs लालू जी कहले, लोग मिले खातिर आवत रहे ले. हम बात बना के कह दिना कि ढेऱ-ढेर फल ले आवल लोग. जब फल जमा हो जाला तs ओकरा के सभ कैदी लोग में बंटवा दिहिना. हमरा साथे-साथे कैदी लोग के भी मौज.



लालू जी के फल के चोरी
केदार जी के बात सुन के पत्रकार अमरकांत कहले, अइसने प्रसंग तs लालू जी 2017 में भी सुनवले रहने. लालू जी नवम्बर 2017 में चारा घोटाला के एगो केस में बेयान दर्ज करावे खातिर रांची कोर्ट में आइल रहन. ओह दिन बेयान दर्ज ना ऊइल तs पटना लौट गइले. पटना पहुंचला के बाद ऊ कहले रहन, हम जेल में भी रहीं तs राजा जइसन रहीं. जेल के बाहर भी रहब तs बादशाह जइसन रहब. एनडीए के लोग हमरा से डेराइल बा. एह से हमरा के फेन जेल भेजे के तइयारी कर रहल बा लोग. जब हमरा के रांची जेल भेजल गइल रहे तs खूब फल खात रहीं. का जाने के रोज तरह-तरह के फल दे जाये. ओकर हम नामो ना जानत रहीं. एक दिन जेल के गार्ड कहलस, रउआ फल में से आधा तs चोरी हो जात बा. कोई चोरी से फल निकाल लेत बा. लालू जी हंस के बतवले रहन, भला बताइए कि जेल में भी लोग चोरी से बाज नहीं आ रहे हैं. लेकिन ई लोग को मालूम नहीं है कि फल एतना है कि खाने से भी नहीं सधेगा. मतलब दस पंद्रह साल के बादो लालू जी के मिजाज ना बदल रहे.

जब जेल में लालू जी बनवले करइला के भुंजिया
नित्यानंद जी कहले, लालू जी छात्र आंदोलन से ही खाये के शौखीन रहन. जब छात्र नेता रहन तs अपने हाथे मीट-मछरी बना के साथी लोग के खियावस. बाद में ऊ शाकाहारी हो गइले. लालू जी जब दिसम्बर 2017 में फेन जेल गइले तs एक दिन निरस भोजन देख के खिसिया गइले. अपनहीं कलछुल, कराही उठावले अउर पहुंच गइले जेल के मेस में. जेल के रसाईया के फरके हटा के अपने हाथे नेनुआ के तरकारी, रहर के दाल अउर करइला के भुंजिया बनवले. फेन रोटी साथे सवाद लेके खइले. अगिला दिन कटहर के दम बनवले. जब जेल के कैदी लोग कटहर के दम खइले तs अवाक रह गइले कि भला मुख्यमंत्री रहल अदिमी अइसन निमन भोजन कइसे बना रहल बा. लालू जी अइसन नामी नेता के ई रूप देख के बहुत अचरज होखे ला. कोई जेल के भी इन्ज्वॉय कर सकेला ? प्रभाष जोशी जी, लालू जी के एही रूप में देखले बाड़े. (लेखक अशोक कुमार शर्मा जी वरिष्ठ स्तंभकार हैं)
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