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Bhojpuri Spl: बंगाल में भोजपुरिया वोटरन खातिर लिट्टी चोखा क भोज

गैर बंगाली वोटरन में बिहार अउर पूर्वांचल क भोजपुरिया समाज के भी रिझावे क ओकर परयास चल रहल ह. एही के चलिते कलकत्ता अउर ओकर आसे पासे बसल बिहारी अउर पूर्वांचली लोगन खातिर ममता दीदी क पार्टी की ओर से भोजपुरियन क प्रिय भोजन लिट्टी चोखा क भोज क आयोजन जगहे जगहे कइल जा रहल ह उहो कई दौर में.

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कौअनो भी चुनाव में वोटरन के अपनी ओर टाने खातिर राजनीतिक दल कौअनो परयास उठाए ना रखे लं. ए बार क बंगाल चुनाव में भी इहे परयास होत ह. बंगाल क बिहारी अउर पूर्वांचली उहो भोजपुरिया वोटरन के अपना ओर करे खातिर तृणमूल कांग्रेस अउर भाजपा के बीचे खूबे रस्साकसी चलत ह. एक ओर जहवां भाजपा जय श्रीराम के सहारे बंगाली गैर बंगाली हिंदू वोटन के अपना ओर करे में लगल ह उहवां तृणमूल कांग्रेस आपन दस साल क काम अउर बंगाल आपन लइकी क चाहत ह क नारा लगा के इ चुनाव के बंगाली बनाम बाहरी बनावे में लगल ह. साथे गैर बंगाली वोटरन में बिहार अउर पूर्वांचल क भोजपुरिया समाज के भी रिझावे क ओकर परयास चल रहल ह. एही के चलिते कलकत्ता अउर ओकर आसे पासे बसल बिहारी अउर पूर्वांचली लोगन खातिर ममता दीदी क पार्टी की ओर से भोजपुरियन क प्रिय भोजन लिट्टी चोखा क भोज क आयोजन जगहे जगहे कइल जा रहल ह उहो कई दौर में.

लिट्टी चोखा क इ तरह क भोज चुनाव घोषणा होला क पहिले से ही शुरू हो गइल रहे अउर अब चुनाव परचार में भी इ चालू ह. इ सब परयास के पीछे इ मानल जा रहल ह कि ममता दीदी 2019 क लोकसभा चुनाव में बिहारी पूर्वांचली बहुल इलाका क सीट हुगली अउर बैरकपुर भाजपा के हाथे गंवाउला के बाद से ही इ बात के लेके परेशान रहली कि इ इलाका क बिहारी पूर्वांचली समेत गैर बंगाली वोटरन के दोबारा अपना साथे कइसे जोड़ल जाओ. एही के चलिते चुनाव क घोषणा होबे से पहिले से ही कलकत्ता अउर ओकर आसे पासे बसल भोजपुरिया लोगन के बीचे लिट्टी चोखा क भोज करावल गइल. वइसे त बंगाल क 10 फीसदी गैर बंगाली लोगन में बिहारी पूर्वांचली लोगन के अलावे मारवाड़ी, पंजाबी, ओड़िया, गुजराती, सिंधी अउर नेपाली समाज क लोग भी आवे लं. लेकिन एमे सबिका ले अधिक संख्या बिहारी अउर पूर्वांचली समाज क ही ह. एकरा बाद नंबर मारवाड़ी समाज क ह.

आर्थिक रूप से संपन्न बंगाल क मारवाड़ी समाज राम मंदिर क आंदोलन के बादे से भाजपा क वोट बैंक बन गइल ह. एसे पहिले मारवाड़ी समाज के शुरूए से कांग्रेस के वोट करत रहे. 1998 में कांग्रेस टूट के तृणमूल कांग्रेस बनिला के बाद वामपंथी सरकार के हरावे खातिर इ समाज तृणमूल के साथे भी आइल लेकिन भाजपा के मजबूत भइला के बाद से अब इ फेरो भाजपा के पाले में चल गइल ह. शायद इहे वजह ह कि ममता दीदी क ध्यान मारवाड़ी वोटरन क बदिला गरीब गुरबा आ मध्यमवर्गी बिहारी पूर्वांचली वोटरन के रिझावे पर ह. इ समाज के वोटरन के अपना ओर टाने खातिर बैरकपुर हुगली क कल कारखाना वाला इलाकन क दिवालन पर तृणमूल की ओर से हिंदी के साथे भोजपूरी में भी चुनावी नारा लिखवाल जात ह. भोजपुरी में दिवालन पर चुनावी नारा लिखवाए क शुरुआत कांग्रेस क जमाने में ही हो गइल रहे. बाद में तृणमूल कांग्रेस भी भोजपूरी चुनावी नारा वाला परचार में कूद पड़ल अउर इ चुनाव में त अउरो बढ़ चढ़ि के भोजपुरी नारा लिखावल जात ह.

बिहार पूर्वांचल के वोटरन खातिर बिहारी नेतन क भी चुनाव परचार में कूदावे क परयास तृणमूल कांग्रेस की ओर से चल रहल ह. राजद नेता तेजस्वी यादव त ममता दीदी से मिली के आपन दल क समर्थन देबे क घोषणा कइये चुकल हउअन. हाले में एगो अउरो बिहारी नेता यशवंत सिन्हा भी तृणमूल कांग्रेस में भरती हो गइलें. उ त 2019 क लोकसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस क परचार कइले रहलें. जाहिर ह कि तृणमूल की ओर से बिहारी वोट बटोरे खातिर उनके ए बार अउर परचार क जिमवारी देहल जाई. एकरा अलावे तेजस्वी यादव के भी परचार में उतारे क तैयारी चल रहल ह. जऔन चरण में बिहारी पूर्वांचली वोटरन के इलाके में मतदान होई ओही चरण में उनकर परचार क कार्यक्रम तय कइल जाई.

इ महिना क अंत में फगुआ माने होली क परब पड़त ह. होली क आगा पाछा देस भर में होली मिलन क कार्यक्रम होला. बंगाल में भी होला जेके कई सामाजिक संगठन आयोजित करेला. चुनावी मौसम में एके राजनीतिक दलन की ओर से भी करावल जाला. बंगाल में भी एकर तैयारी चल रहल ह. होली से हफ्ता भर पहिले अउर होली के हफ्ता भर बाद तक राजनीतिक होली मिलन क कार्यक्रम आयोजित कइल जाई. इ सब गैर बंगाली वोटरन क रिझावे खातिर होई चाहे उ मारवाड़ी होखे आ चाहे बिहारी अउर पूर्वांचली. राजनीतिक होली मिलन क कार्यक्रम क तैयारी तृणमूल कांग्रेस के अलावे भाजपा भी कर रहल ह. भाजपा से याद आइल कि बंगाल में भाजपा की ओर से भी बिहारी वोटरन खातिर लिट्टी चोखा भोज कइल जात ह जेमे बिहार क कई मंत्रियन की ओर बारी बारी से बिहारी भोजपुरी इलाकन में जाके लिट्टी चोखा क भोज कइल गइल ह अउर अब्बो कइल जात ह. बिहारी पूर्वांचली समेत गैर बंगाली समाज क बीचे लिट्टी चोखा भोज बा होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन से बढ़िया चुनाव परचार क अउर तरीका का होई. (लेखक सुशील कुमार सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं.)

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