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Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती- घर फूटे, गंवार लूटे

Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती- घर फूटे, गंवार लूटे

चार गो बात के खूबे चर्चा हो रहल बा. काबुल के कथा त होते रहल हा, संगे-संगे लालू जादो के लाल लोग के कमाल पर एह घरी खूबे बतकही होता. एही संगे-संगे नीतीश बाबू के पाटी जदऊ में अलगे घमसान मचल बा.

पांव लागीं मलिकार ! देश-दुनिया में एह घरी बड़ा हउआहेल मचल बा ए मलिकार ! चार गो बात के खूबे चर्चा हो रहल बा. काबुल के कथा त होते रहल हा, संगे-संगे लालू जादो के लाल लोग के कमाल पर एह घरी खूबे बतकही होता. एही संगे-संगे नीतीश बाबू के पाटी जदऊ (जदयू के मलिकाइन जदऊ कहेली) में अलगे घमसान मचल बा. तूं हलुक त हम भारी के कहे-बतावे मारामारी मचल बा. ओने मोदी जी के खिलाफ एक ओर गोलबंदी में सोनिया जी ममता दीदी संगे सगरी विपक्षी दल के बड़का नेता लोग से बतियावत बाड़ी आ एने ममता दीदी सोनिया जी के संगे खेला करे में लाग गइल बाड़ी. एह खेला में ममता दीदी दनादन गोल मार रहल बाड़ी. ऊ कांग्रेस के पाटी के तूरे में लागल बाड़ी. ई सगरी बात हम पांड़े बाबा के मुंह से सुनवीं. पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि एही के कहल जाला- घर फूटे, गंवार लूटे.

पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि लालू जादो के दूनू बेटा आपसे में लड़ गइल बाड़े सन. बड़का के लोग अइसहीं पगलेट बूझेला. ऊ कब का बोल दी भा कवन अइसन काम क दीही, कहल मुसकिल बा. सुने में आवता कि पहिले ऊ कवनो रघुबंस बाबू के एक लोटा पानी कह दिहले रहे. उनका एह बात के एतना तकलीफ पहुंचल कि बेमार होके जब अस्पताल में भरती रहले त ओही जा से आपन इस्तीफा भेज दिहले. ओकरा बाद अब ऊ कवनो जगदा सिंह के पीछे परल रहल हा. जगदा बाबू के ऊ हिटलर कह दिहले रहे. एह से ऊ खिसिया के दस दिन ले घरे बइठ गइल रहले हां. पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि लालू-राबड़ी के संगे रघुबंस बाबू आ जगदा सिंह शुरुए से रहल रहे लोग. रघुबंस बाबू त गुजर गइनी, बाकिर जगदा बाबू अभी बानी.

सुने में आइल कि लालू जादो दिल्ली से जगदा बाबू के मनवनी आ साफ कह दिहनी कि रउरा जवन करे के होखे करीं, केहू के कवनो बात सुनला के दरकार नइखे. तब उहां के मननी आ आफिस में आवे के पहिले रबड़ी देवी आ छोटका बेटा से भेंट-बतकही कइनी. ओकरा बाद आफिस में आवते लालू के बड़कू बेटा के पांखे कतर दिहनी. लोग कहत रहुवे कि ओकर दहिना हाथ कवनो आकाश जादो रहले हां. जगदा बाबू सबसे पहिलका काम उनका के पद से हटा के कइनी. एकरा बाद से लहकत आग अइसन बड़का बेटवा अगिया बैताल भइल बा. जगदा बाबू के त धमकावते बा, अपना छोटका भइवो के खिलाफ अनाप शनाप बोलत फिरत बा. ई कुल देख के फूल छाप आ तीर छाप वाला लोग मजा ले रहल बा. केहू कहता कि जवना पाटी के नेता आपन घर नइखे संभार पावत, ऊ राज का संभारी. पांड़े बाबा एक बेर बतवले रहनी कि छोटके बेटवा के नाम पर ललटेन छाप पाटी चुनाव लड़ल त सबसे बेसी लोग ओकरे जीतल रहे.

पांड़े बाबा एगो अउरी कहाउत कहुवीं- चलनी हंसे सूप के, तोरा में बहत्तर गो छेद. पहिले त हमरा ना बुझउवे, बाकिर जब उहां के कहुवीं कि नीतीश जी के जदऊ में तीन गो गिरोह बन गइल बा. एगो गो गिरोह कवनो रामचंदर सिंह बानी, उहां के बा. पहिले उहें के जदऊ के परसिडेंट रहनी हां. एह घरी मोदी जी के मंतरी बानी. दुसरका गिरोह ललन बाबू केहू बा, उनकर बन गइल बा. रामचंदर बाबू के जगहा ललने बाबू परिसडेंट बनल बानी. दोल-भात के बीचे मूसरचंद अइसन उपेंदर कुशवाहा जी आ गइल बानी. उहां के लोग त अब नीतीश जी के बाद मुखमंतरी बतावे लागल बा. एकर मतलब हमरा ई बुझउवे कि जदऊ नीतीश जी के बाद रही के बिला जाई, कहल मुसकिल बा.

पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि अपना इहां के पोलटिक्स में अब सभे मौका के तलाश में रहे लागल बा. केहू के कवनो नीती, नियम से मतलब नइखे रह गइल. एह घरी त अउरी. उहें के कहत रहुवीं कि आपसे में लड़े-भिरे वाली पाटी एह घरी एकवट होखे खातिर बेचैन बाड़ी सन. कबो लालू जादो, त कबो ममता दीदी आ अब सोनिया गांधी मीटिंग करे में लागल बा लोग कि कइसे मोदी जी के हटावल जाव. एह बात पर सभ कर मत एक बा, बाकिर आपसे में मार-काट मचल बा. सोनिया जी के संगे एक होखे खातिर ममता दीदी एने मीटिंग करतारी त ओने आसामा आ त्रिपुरा में सोनिया के पाटी के नेता लोग के तूर के अपना में मिलावे में लागल बाड़ी. सोनिया जी के मीटिंग में ना बहिन जी कहाये वाली मायावती शामिल भइली आ ना साइकिल पाटी के अखिलेश जी. मलिकार, हमरा समझ में त ई आइल बा कि बेमन के बियाह, कनपट्टी ले सेनुर वाला हाल बा.

पांड़े बाबा इहो बतावत रहुवीं कि काबुल (अफगानिस्तान के मतलब मलिकाइन काबुल बूझेली) में जवना बदमाशन के कब्जा हो गइल बा, ओकरा खिलाफ अब लोग खड़ा होखे लागल बा. पइसा बा ना आ पाकिस्तान के छोड़ कवनो देश अबे मदद के तैयार नइखे. सुने में आवेला मलिकार कि पाकिस्तान त खुदे भिखमंगा ह. अमिरका आ चीन से मदद ले के ऊ आपन काम चलावे ला. एह से ओकरा से काबुल के कवनो मदद के त उमेद ना कइल जा सकेला. ऊ खाली फऊंक सकेला, बाकिर ओकरा से कुछो उमेद ना कइल जा सकेला. ए मलिकार, लोहा सिंह अपना नाटक में एही काबुल के मोर्चा के बतकही नू खदेरन को मदर से करस. ई केतना पुरान जगहा बा मलिकार. उहें के बतावत रहुवीं कि अपना इहां जेतने हूंड़, मुगल, तुरुक, पैठान अइले सन, सब काबुले के राह से घुसले सन. मोदी जी ओइजा एतना भइला के बादो कुछ बोलत नइखन. हमरा त एकर माने ई बुझाता मलिकार कि मोदी जी बूझ गइल बाड़े कि ओइजा केहू परमामेंट शासन में ना रहेला. हजार साल में केतने लोग के राज ओइजा भइल, बाकिर केहू टिक ना पावल. एह से हड़बड़ी के कवनो बात नइखे. जुमा जुमा चार जुमा ना बीतल, आपसे में मारामारी शुरू हो गइल बा.

पांड़े बाबा के खबर नीमन होला, बाकिर ओकरा के बतावे के चक्कर में रउरा स आपन बतकही भुला जाला. अपनो इहां गंगा जी आ नारायनी जी तबाह कइले बा लोग. केतना तबाही मचल बा बाढ़ से, कहे-बतावे में हमरा खुदे तकलीफ होता त रउरा सुनला पर केतना होई, एह से हम ना बता पायेब. बाकी अगिला पाती में.

राउरे, मलिकाइन
(ओमप्रकाश अश्क वरिष्ठ पत्रकार हैं. आलेख में व्यक्त विचार उनके निजी हैं)

Tags: Bhojpuri, Bhojpuri News

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