Home /News /bhojpuri-news /

Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती- बिहार बदनाम भइल ए एमएलए साहेब ! तीर छाप के एगो एमएलए

Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती- बिहार बदनाम भइल ए एमएलए साहेब ! तीर छाप के एगो एमएलए

.

.

बाड़े गोपाल मंडल। ऊ पटना से दिल्ली दल-बल के संगे जात रहुवन। भरल टरेन में भगई आ गंजी पहिन के ऊ एह कगरी से ओह कगरी घूमत रहुवन। उनका नितरी में तनिको लाज ना रहुवे कि टरेनवा के डबवा में अउरियो लोग बैठल बा।

  • News18Hindi
  • Last Updated :

पांव लागीं मलिकार ! दोसरा के आंख के कीचर सबका लउके ला, बाकिर केहू आपन ढेंढ़र ना निहारे। अइसहीं बिहार बदनाम नइखे भइल। एइजा के लोग कबो आसाम, कबो महाराष्ट्र आ कबो पंजाब में पिटात रहेला। सुन के त इहे लागेला कि पिटाये वाला पर बड़का अत्याचार हो गइल। केहू ई जाने के कोशिश कबो ना करेला कि आखिर कवना बात पर लोग पिटाइल। आपन लूर-लच्छन ठीक ना रही त केहू कबो लात खा सकेला। जानत बानी मलिकार, ई बात हमरा माथा में काहें ढुकल बा। आज पांड़े बाबा खबर कागज (मलिकाइन अखबार के खबर कागज कहेली) पढ़ला के बाद एगो खबर पूरा अर्थायन के संगे सुनावत रहुवीं। खबर त असन सुनउवीं कि हम आपन मुंह आंचर से दाब के दोगहा में केंवाड़ी के आड़ा खी-खी हंसे लगुवीं। पांड़े बाबा ऊ फोटउवो लोग के देखावत रहुवीं। बाद में उहां के नतिनिया से खबर कागज मंगा के हमहू फोटउवा देखुवीं।

पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि तीर छाप के एगो एमएलए बाड़े गोपाल मंडल। ऊ पटना से दिल्ली दल-बल के संगे जात रहुवन। भरल टरेन में भगई आ गंजी पहिन के ऊ एह कगरी से ओह कगरी घूमत रहुवन। उनका नितरी में तनिको लाज ना रहुवे कि टरेनवा के डबवा में अउरियो लोग बैठल बा। ओइमें औरतो हो सकेली सन। बाद में एक आदमी टोकुवे कि गमछा काहें नइखीं लपेट लेत त काहां ले ऊ ओकर बात मनिते, उलटे ओकरा से लड़ पड़ुवन। जवना से उनकर झगड़ा भउवे, ओकर बात अगर सांच बा त ओकर गर से सोना के सिकड़ी आ अंगुरी से अंगुठी एमएलए साहेब छीन लिहुवन। ओकरा के ऊ टरेन के नल के पानी जबरिया पिअउवन। बाद में हल्ला हंगामा होखे लगुवे त पुलिस अउवे। पूछला पर मंडल जी कउवन कि उनकर पेट खराब बा। एतना जोर से झाड़ा लागल रहल हा कि उनका गमछी ले लपेटे के मौका ना मिल पउवे। हम त टरेन के बेसी सफर नइखीं कइले मलिकार, बाकिर एक बेर आसाम जात रहनी त देखनी कि जेकरा पैखाना जाये के होखे, ऊ कपड़ा पहिरले जाव। उनका सचहूं जोर के पैखाना लागल रहुवे त धोती-जामा खोले के फुरसत कइसे मिल गउवे ! चलीं, इहो मान लिहल जाव कि उनका तेजी रहुवे, बाकिर केहू टोकुवे त गमछी लपेट लेबे के चाहत रहुवे। एकरा के लेके किसिम-किसिम के बतकही होता। केहू कहताअ कि ऊ दारू पियले रहुवन आ उनका संगे जे लोग रहुवे, उहो नीसा में चूर रहुवे। जवन अदमिया टोकुवे, ओकरा से झगड़े में नेता जी के संगे उनकर लोग भी रहुवे।

पांड़े बाबा उनकर जवाब पढ़ के सुनावत रहुवीं। ऊ कहत रहुवन कि उनकर उमिर साठ साल बा। ऊ जान-बूझ के ओह हाल में ना भइल रहुवन। पेट खराब रहला आ जोर से झाड़ा लगला के वजह से हड़बड़ी में उनका ओह हालत में पैखाना जाये के पड़ुवे। गोपाल मंडल के बारे में पांड़े बाबा इहो कहत रहुवीं कि जवना फूल छाप पाटी के संगे नीतीश जी सरकार चलावत बाड़े, ओही फूल छाप के नेता आ नीतीश जी के बाद दुसरका नंबर के मंतरी तार किशोर परसाद पर मंडल जी आरोप लगवले रहले कि बोरा में पइसा भर के ऊ घरे ले जाले। खैर अब जेकर बात सांच होखे, बाकिर खबर कागज में जवन फोटउवा गोपाल मंडल के छपल रहुवे, ओकरा के देख के केहू के लाज लागी। ऊ अपना के साठ साल के बतावत बाड़े त बूढ़-पुरनिया के अइसन रहन ठीक ना ह। इहो सुनुवीं कि एकरा के ले के लोग नीतीश कुमार पर ताना मारे लागल बा। ऊ कान में तेल डाल लिहले बाड़े।

तीर छाप वाला नेता लोग पर ताना मारे वाला ललटेन छाप पाटी के लोग त बड़ले बा। ऊ लोग त मोका खोजत रहेला। इहो सांच बा कि अपना नेता लोग के लेके नीतीश जी के फजीहत होत रहेला। एकरा पहिलहूं उनकर फजीहत भइल बा। कवनो मंजू वर्मा रहली, उनका जेल जाये परल रहे। बड़ी छीछालेदर भइल तब जा के नीतीश जी उनका के मंतरी पद से हटवले रहले। एही तरे एगो मेवालाल चौधरी रहले नीतीश जी के मंतरी। उनका पर आरोप रहे कि जब ऊ वीसी रहले त पइसा ले के नौकरी बंटले रहले। एकरा के लेके ललटेन छाप वाला लोग एतना हुरदुंग मचावल कि आखिर में नीतीश जी के उनका के हटावे के परल। अब त बेचारे दुनिया से हट गइल बाड़े।

बिहार के पहिले केतना नाम रहे। पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि दुनिया के सबसे बड़हन पढ़ाई के सेंटर बिहारे रहे। बुद्ध भगवान के गेयान बिहारे में मिलल। वैशाली दुनिया के पहिलका गणराज (Republic) रहे। अब ओही बिहार में ललटेन छाप के एगो एमएलए कम उमिर के लड़की के संगे खराब काम कइले आ जेल गइले। कवनो अनवत सिंह (मलिकाइन अनंत सिंह के अनवत सिंह कहेली) एमएलए रहले। उहो जेल में बाड़े। शहाबुदीन त जेल में रहते मर गइले। मुजफ्फरपुर में लड़किन के संगे जवन कांड भइल रहे, ओइमें मंजू वर्मा के नाम आइल त मंतरी पद से हटावल गइली आ जेल गइली। कवनो एगो गवैया बाड़ी मलिकार, नेहा सिंह राठौर। ऊ गावेली- बिहार में का बा। उनकर गाना बड़का मोबाइल में एक दिन सुनवले रहे। बिहार के बारे में बतिया त ऊ ठीके बतावेली। हम त कहेब कि बिहार में इहे बा, जवन होता।

आईं, तनी घरकच हो जाव। सुने में आवता कि फेर करोनवा पनके लागल बा। केरल में बेसी कोहराम मचवले बा। अब त इहो बात उठ रहल बा कि टीका लगावे के पहिले सरकार जांच करा लेव कि असली ह कि नकली। केतना फरेबी लोग हो गइल बा मलिकार। अब सूई-दवाई नकली होई त केकरा पर आदमी भरोसा करी। एगो बात फेर इयाद पर गइल। अबकी होरहा-भूजा खाये भर के मकई ना होई। भर खेत के मकई के सगरी मोचा-बाल लीलगइया टूंग लिहली सन। हार के हार खेते-खेते घूमत बाड़ी सन। एकनी का बारे में कुछ करी लोगिन मलिकार। छोटका बचवन में एह घरी सरदी, बोखार आ खोंखी खूब पसरल बा। काल्ह पांड़े बाबा अपना नतिनिया के लेके डागदर कीहां गइल रहुवीं। उहो सरदियाइल रहल हिया। उहें के बतावत रहुवीं कि डाकदर कीहां खाली एके बेमारी के बचवन के भरमार भइल बा। आपन खेयाल राखेब।
राऊरे, मलिकाइन
(ओमप्रकाश अश्क वरिष्ठ पत्रकार हैं। आलेख में व्यक्त विचार उनके निजी हैं)

अगली ख़बर