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Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती-जात के गिनती के सवाल पर नीतीश कुमार हड़बड़ी ना करिहें

Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती-जात के गिनती के सवाल पर नीतीश कुमार हड़बड़ी ना करिहें

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नीतीश जी के मुंह एक बेर दूध से जर चुकल बा, एह से छाछ भी ऊ फंक-फूंक के पीये ले। ललटेन छाप के संगे सरकार चला के ऊ देख लिहले बाड़े। एह से जात के गिनती के सवाल पर ऊ हड़बड़ा के कवनो फैसला ना लीहें।

  • News18Hindi
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पांव लागीं मलिकार। अबहीं ले त हर दस बरिस पर आदमी गिनात रहल हा। एही से अंदाज लागी कि केतना लोग बढ़ गइल। कवना हिसाब से लोग बढ़त बा। लइकी-लइका के हिसाब निकालल जाई कि लइकन से लइकी बेसी पैदा भइली सन कि लइकन से लइकी।

अब सुने में आवता कि जात गिनाई। लालू जादो आ उनकर बेटा तेजस्वी जादो एकरा खातिर बेसी बेचैन बा लोग। कहे खातिर त सगरी दल के लोग जात के गिनती खातिर बिहार में एकवट गइल बा। बाकिर एह चक्कर में नीतीश जी अझुरा गइल बाड़े। उनका न लीलते बनता आ ना उगिलते बनता। ओने दिल्ली वाली सरकार बड़की कचहरी (मलिकाइन सुप्रीम कोर्ट के बड़की कचहरी कहेली) कह दिहले बिया कि जात के गिनती कइल संभव नइखे। बिहार वाला मोदी जी त साफ कहले बाड़े कि 2011 में एकर कोशिश भइल रहे, बाकिर कामयाबी ना मिलल। ई बहुते टेढ़ काम बा। कर्नाटक आ उड़ीसा सरकार अपने से जात के गिनती करवा रहल बाड़ी सन।

जेकरा जरूरी बुझाता, ऊ अपना राज में करवा लेव। एही जा नीतीश जी फंस गइल बाड़े। उनका ना नइहरे सुख मिलल आ ना ससुरे सुख बा। फूल छाप वाली पाटी के लोग के संगे भले ऊ सरकार चला रहल बाड़े, बाकिर कई बेर लोग उनका के खोदियावत रहेला। टटका झटका उनका एह बात से लागल बा कि फूल छाप पाटी के उप मुखमंतरी तार किशोर परसाद नीतीश जी के नल-जल जोजना के ठीका अपना दामाद, साला समेत कई गो रिश्तेदार के दिउवा दिहले बाड़े। ई जानला के बादो ऊ चुप बइठल बाड़े। तबो ललटेन छाप के संगे जाये के ऊ सपनो में सोचत नइखन।

जानतानी मलिकार, आज पांड़े बाबा ई कुल फजीरवा लोग के बतावत रहुवीं। हमहूं दोगहा में बइठल सुनत रहुवीं। हमरा खातिर त ई नया बतकही लगुवे, एही से कान पात के धेयान से सुनत रहुवीं। पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि नीतीश जी के उहे हाल बा कि ना नइहरे सुख आ ना ससुरे सुख।

2015 में फूल छाप के संघत छोड़ के ऊ ललटेन छाप के संगे चुनाव लड़ले। जीतियो गइले आ गिरमिट (एग्रीमेंट के मलिकाइन गिरमिट कहेली) के हिसाब से मुखमंतरी बन गइले आ ललटेन छाप से लालू जादो के दुनू बेटा में एक जने उप मुखमंतरी आ दुसरकू मंतरी बन गइले। बाकिर सतरहे महीना में उनका बुझा गइल कि ललटेन से तीर के नाता निभावल महंग पर गइल। खटपट क के ऊ फेर फूल छाप के संगे आ गइले। 2020 के चुनाव ऊ फूल छाप के संगे लड़ले, बाकिर रामविलास पासवान जी के बेटा चिराग पासवान फूल छाप के त कुछ ना बिगाड़ पवले, तीर छाप के खेल जरूर भांड़ दिहले। नीतीश जी के पाटी के 43 गो आदमी एमएलए चुना पवले। फूल छाप के 74 गो सीट मिलल। बड़ पाटी भइला के बादो फूल छाप वाला मुखमंतरी के कुरसी पर नीतीश जी के बइठवलस। एह से कि पहिलही ऊ कह चुकल रहे कि नीतीश जी के कमो सीट आई, तबो मुखमंतरी उहे बनिहें।

नीतीश जी के मन में एही जा से खटका के शुरुआत भइल। उनका दिमाग में बइठ गइल कि रामविलास जी के बेटा खाली उनकर खेल बिगड़लस, फूल छाप के ना। ओकरा बादो रामविलास जी बड़का मोदी जी के मंतरी बनल रहले। बेटवा त ओह बेरा खुल के कहत फिरे कि मोदी जी हमार राम हउवन आ हम उनकर हनुमान। बाद में एकर बदला रामविलास पासवान के बेटा चिराग पासवान से त नीतीश जी उनकर पाटी तूर के चुका लिहले, बाकिर फूल छाप के लेके उनका मन में खटका अबहीं ले कहीं ना कहीं धइले बा।

पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि नीतीश जी के हालत सांप-छछुंदर वाली हो गइल बिया। उनका ना लीलते बनता आ ना उगिलते। कुरसी बिना ऊ रह ना पइहें आ अबे फूल छाप के बिना कुरसी पर बइठे के कवनो उपायो नइखे। जात के गिनती के बतकही शुरू भइल त कूद-फान के लालू जादो के बेटा तेजसवी उनका के चढ़ा दिहले आ नीतीश जी सगरी दल के लोग के संगे लेके परधानमंतरी से मिले चल गइले। नीतीश जी के बुझा गइल बा कि जात के गिनती पर संगे ना रहेब त जवना वोट पर उनका बेसी भरोसा बा, ऊ बहक जाई। फूल छाप पाटी भी बूझत बिया कि हांजी ना पारी त ओकरो नुकसान हो सकेला। एही से परधानमंतरी से जात के गिनती के मांग करे जेतना पाटी के लोग गइल रहे, ओइमें फूल छाप पाटी के नेता भी रहले।

पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि नीतीश जी दिल्ली गइल रहले हां त ओइजा फेर कहले बाड़े कि कचहरी में दिल्ली वाली सरकार जवन हलफनामा दिहले बिया, ऊ सांच नइखे। एह से ऊ एक बेर फेर परधानमंतरी से बतिअइहें कि जात के गिनती जरूर होखो। इहो कहले बाड़े कि दिल्ली वाली बड़का मोदी जी के सरकार अगर बात ना मानी त बिहार में सगरी पाटी से बतिया के ऊ आगे के रास्ता तय करिहें। एइमें तनी टाइम लागी। एने तेजस्वी जादो देश के 33 गो नेता लोग के चिट्ठी लिख के जात के गिनती पर एक संगे आवे के निहोरा कइले बाड़े। ऊ एही बहाने बिहार के पोलटिक्स से कूद के देश के पोलटिक्स में ढूके के राह बनावे में लागल बाड़े।

पांड़े बाबा के कहनाम बा कि नीतीश जी के मुंह एक बेर दूध से जर चुकल बा, एह से छाछ भी ऊ फंक-फूंक के पीयेले। ललटेन छाप के संगे सरकार चला के ऊ देख लिहले बाड़े। एह से जात के गिनती पर ऊ हड़बड़ा के कवनो फैसला ना लीहें। लालू जादो कई बेर कहले बाड़े कि नीतीश के पेट में दांत बा। ऊ कब केकरा के कटिहें, कहल मुसकिल बा।

महंगाई, बेकारी जइसन बात के लेके फूल छाप के सरकार से जवनी गंतिया लोग खिसियाइल बा आ बंगाल के वोट में फूल छाप पाटी सगरी ताकत लगवला के बादो जवनी तरे मात खइलस, ओह से नीतीश जी के ई बात जरूर बुझाता कि बिलाई के भाग से सिकहर टूट सकेला। सगरी विरोधी पाटी एक हो जा सन त उनका चानस मिल सकेला। एही से उनकर पाटी उनका के सामने बइठा के प्रस्ताव पास कइलस कि नीतीश जी पीएम मटेरियल हईं।

उनका मालूम बा कि विरोधी पाटी में कवनो अइसन चेहरा अबे ले नइखे, जेकरा नाम पर सभे राजी हो जाव। अगर इनकर नाम पर लोग के राय बनल, तबे ऊ फूल छाप के साथ छोड़िहें। पांड़े बाबा त एगो बात गारंटी दे के कहुवीं कि कुछऊ होखो, नीतीश यूपी के चुनाव के पहिले फूल छाप के साथ छोड़े वाला नइखन। चाहे कुछऊ हो जाव।

यूपी में फूल छाप पाटी हार जाई, तबे नीतीश जी कवनो फैसला करिहें। इहो हो सकेला कि जात के गिनती वाला ममिला अबहीं बड़की कचहरी में बा। नीतीश जी इहो कह सकेले कि कचहरी के फैसला तक इंतजार करे के चाहीं। अइसन राम मंदिर वाला ममिला में भइल रहे नू मलिकार। फूल छाप पाटी के तेयारी रहे कि अध्यादेश निकाल के मंदिर के काम शुरू होई। एई पर नीतीश जी अड़ गइल रहले कि अध्यादेश के उनकर पाटी विरोध करी। बुद्धि भिड़ा के बड़का मोदी जी कह दिहले के कचहरी जवन फैसला सुनाई, उहे होई। सांपो मर गइल आ लाठियो ना टूटल। हो सकेला कि एह लोगन के हुरदुंग पर दिल्ली वाला मोदी जी कह देस कि ममिला कचहरी में बा त ओकरा फैसला के इंतजार करे के चाहीं।

पांड़े बाबा के एगो बात पर हमरा त अइसन हंसी अउवे कि मुंह से हीही निकलिये गउवे। उहां के कहत रहुवीं कि झारखंड के मुखमंतरी भी नेता लोग के लेके जात के गिनती खातिर दिल्ली गइल रहले हां। उनका सरकार में शामिल कांग्रेस के लोग पिछड़ा लोग के 27 परसेंट रिजवेशन खातिर जगहा-जगहा धरना देता आ मुखमंतरी के मुंह से बकार नइखे फूटत। उहो जात के गिनती खातिर दउरल शाह जी से भेंट करे पलटन लेके दिल्ली पहुंचल गइल रहले हां।

जाये दीं मलिकार, ई कुल पोलटिक्स के लमतरानी ह। हम अबे ले त इहे देखत आइल बानी कि केहू जीते-केहू हारे, पाबलिक के हाल ओइसने रही। छठ में आवे के कोशिश करेब। हं, एगो बात बतावल त हम भुलाइए गइल रहनी हां मलिकार, नानी के नरहन वाली नतिनिया अबकी कलक्टर वाला इंतहान पास क गइल बिया। दिल्ली में रह के पढ़त रहल हिया। चलीं, आपन खेयाल राखेब। एइजा सब ठीक बा।
राउर, मलिकाइन

(ओमप्रकाश अश्क वरिष्ठ पत्रकार हैं। आलेख में व्यक्त विचार उनके निजी हैं)

Tags: Bhojpuri News, Bihar News, CM Nitish Kumar

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