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Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती- हेलल-हेलल भइंसिया पानी में

Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती- हेलल-हेलल भइंसिया पानी में

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देश-दुनिया में एह घरी का हो रहल बा, एकरा पर मलिकाइन के आपन चिंतन-मनन बा। बिहार, बंगाल आ यूपी के राजनीति से लेके तालिबान के आतंक से हलकान अफगानिस्तान तक ऊ आपन नजर दउरवले बाड़ी।

पांव लागीं मलिकार ! कनिया इया एगो कहाउत कहेली मलिकार- हेलल-हेलल भइंसिया पानी में, दूधवो ना पीयनी जवानी में। लरिकाईं में एकर माने त हमरा ना बुझात रहे, बाकिर पांड़े बाबा इहे कहउतवा सुनावत लालू जादो के बड़का लाल के हाल काल्ह बतावे लगनी तब हमरा एकर माने बुझाइल। सुने में आइल हा कि लालू जादो के बड़का बेटा तेजू (तेजप्रताप) जवना आकाश जादो नांव के संघतिया पर फउंकत रहलन हा, उनका पद से ललटेन पाटी हटा के औकात बता दिहलस। एकरा बाद त ऊ एतना बिरनाइल रहने कि बुझाइल ललटेन पाटी गइल हवा में। बाकिर छोटजना एतना तनेन हो गइल आ लालू जादो हड़कवले त ऊ अब औकात में आ गइल बा, बाकिर उनकर अइंठ अबे ले गइल नइखे। एतने ले ना, उनकर संघतियवा अब पाटियो बदल दिहलस। छोटका पासवान (मलिकाइन रामविलास पासवान के भाई केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के छोटका पासवान लिखले बाड़ी) जी के पाटी में ऊ चल गइल बा। अब तेजू मुंह लटकवले घूमत फिरत बाने। उनका ई बुझा गइल बा कि भइंसिया पानी में हेल गइल बिया। अब बेसी चिंचिअइला के कवनो फायदा नइखे।

पांड़े बाबा त इहो कहत रहुवीं कि तेजू कबो साधु बनेले, कबो कान्हा के रूप धरेले आ कबो बड़का नेता बने के नौटंकी करेले। ए मलिकार, इनके नू बियहवा कवनो बड़ नेता के घर के पढ़ल-लिखल लइकी से भइल रहे। ओकरो जिनिगी बर्बाद क दिहलन। पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि उनुका अपना माइयो से ना पटेला। ऊ उनका संगे ना रहेले। फरका कवनो बंगला मिलल बा। ओही में रहेले आ आपन नौटंकी करत रहेले। कबो अपना के कान्हा बतावेले आ अपना छोटका भाई के अर्जुन कहेले। छने में अइसन नौटंकी करे लागेले कि बुझाला- खेली ना खेलाई, खेलवे भांड़ दी। दू दिन पहिलहीं के बात पांड़े बाबा सुनावत रहुवीं कि लालू जादो से भेंट क के पटना लवटने त पाटी आफिस में जाके बापे के चेंबर में बइठ गइले। एतने ले ना, आपन आदमी भेज के ओही जगदा बाबू के बोलाहट भेजले, जवन जगदा बाबू उनकर औकात बता दिहले बाड़े। ऊ त आवे से रहले। उठ के ऊ आफिस से घरे चल गइले। एही के कहल जाला मलिकार कि क, ख, ग, घ जाने ना आ माई से मांगे पोथी।

सुपवा हंसे चलनिया के- तोरा में बहत्तर गो छेद

पांड़े बाबा त एगो अउरी बात बतावत रहुवीं मलिकार कि तीर छाप वाली पाटियो में एह घरी झूरे-झमेला चल रहल बा। भलहीं एह लोगन के ललटेन पाटी में भाई-भाई के रगड़ा-झगड़ा देख के मन में लड्डू फूटत बा, बाकिर आपसे में हो लोग लोग आपन जोर देखावे-बतावे में लागल बा। एही के नू कहल जाला मलिकार, सुपवा हंसे चलनिया के- तोरा में बहत्तर गो छेद। अब सुने में आवता कि अइसन लोग के नीतीश जी नाथे के तैयारी में लाग गइल बाड़े। तीन गो नेता तीन तरह के पोस्टर छपवा के टंगवावत फिरत रहले हां। इनका पोस्टर में उनकर फोटो गायब त उनका में इनकर फोटो गायब। एक जने त अपना के भावी मुख्यमंत्री बतावत पोस्टर टंगवा दिहले रहले हां। अब सुने में आवत बा कि तीर छाप पाटी के आफिस के बहरी-भीतरी खाली नीतीश जी वाला पोस्टर टंगाइल बा। ओइमे गान्हीं बाबा के फोटो भी कोना में लउकत बा। पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि एह पोस्टर से नीतीश जी ई साबित करे के कोशिश कइले बाड़े कि अबे ऊ कमजोर नइखन भइल। पांड़े बाबा त इहो बतावत रहुवीं कि नीतीश जी का करे वाला बाड़े, उनका के छोड़ के केहू ना जान पावे। लालू जादो एही से उनका बारे में कहले कि नीतीश के आंत में दांत बा।

कवनो खबर के पांड़े बाबा बड़ा बढ़िया से समझा के बताई ले। उहां के कहत रहुवीं कि नीतीश जी एह फेर में बाड़े कि यूपी में फूल छाप वाली पाटी अगिला साल वोट में हार गइल त कइसे ऊ ओकरा से पिंड छोड़ा के विरोधी खेमा में सट जास। एकरा खातिर अबे से ऊ हवा बान्हे लागल बाड़े। दस दल के नेता लोग के लेके ऊ बड़का मोदी जी से एह खातिर भेंट करे गइल रहले कि खाली आदमी के गिनती जनि होखो। जात के आधार पर गिनती होखे के चाहीं। एतने ले ना, ऊ त इहो कह देले बाड़े कि बड़का मोदी जी संतान पैदा करे के सीमा तय करे वाला जवन कानून बनावे वाला बाड़े, ओकरा के बिहार में लागू ना करिहें। लोग के समझा-बुझा के आबादी घटइहें। पांड़े बाबा जब ई बतिया बतावत रहुवीं त हमरा मन में एगो बात अउवे मलिकार। इहे काम ऊ दारू बंदी खातिर कइले रहिते त केतना नीमन होइत। जब समझवले से लोग मान जाव त ओकरा खातिर कानून बनावे के कौन जरूरत बा। एकर नतीजा लउकत बा नू मलिकार। हजारों करोड़ रुपिया सरकार के टेक्स के डूब गइल आ दारू गांवे-गांवे बिकाते बा। एही में नकली दारू बनावे वाला आपन हाथ साफ करे में लागल बाड़े सन। जब से दारूबंदी लागू भइल बा, तबसे नकली दारू पी के केतने लोग जान गंवा दिहल। केतने लोग आन्हर हो गइल।

चिरई के जान जाव, लरिका के खेलवना

पांड़े बाबा ई कुल खबरिया के संगे काबुल के एगो खबर सुनउवीं त हमार त देह के रोआं खाड़ा हो गउवे। उहां के कहत रहुवीं कि ओइजा जवन बदमशवा कब्जा जमवले बाड़े सन, ऊ एक दिन एगो अइसन बड़का बम फोर दिहले सन कि सौ से बेसी आदमी के जान चलि गइल। मेहरारुन के घर से निकलला पर बदमशवा कोड़ा से सटहोरत बाड़े सन। अब त इहो सुने में आवत बा कि पाकिस्तान के बदमशवा ओकनी के संगे मीटिंग क के अपनो मुलुक में हड़कंप मचावे वाला बाड़े सन। एकरा लेके कशमीर के संगे देश भर में चौकस रहे के खबर आइल बा। पकिस्तनियन में तनिको दया-माया नइखे मलिकार। कहां ले काबुल के बमबाजी पर दुखी होखे के चाहीं त ई एही में आपन रोटी सेंके में लागल बाड़े सन। एही के कहल जाला मलिकार, चिरई के जान जाव, लरिका के खेलवना। ई कुल जान-सुन भा देख के बड़का कुल देशवा काहें चुप बइठल बाड़े सन मलिकार! फेर एक बेर हुमचा दीते सन त एकनी के होश ठेकाने लाग जाइत।

राम मिलवले जोड़ी, एगो आन्हर आ एगो कोढ़ी

पांड़े बाबा बंगाल के हाल सुनावत रहुवीं। सुने में आवता कि जब से ममता दीदी के सरकार बनल बा आ सगरी तामझाम के बाद फूल छाप वाली पाटी ओइजा सरकार ना बना पवलस, तबे से खाली कोट-कचहरी आ जांच-पड़ताल होत रहता। मार-काट त अइसन कि लोग घर-दुआर छोड़ के भाग पराइल बा। कबो ममता के पुलिस फूल छाप वाला नेता लोग पर केस करत बिया त ओकरा जवाब में फूल छाप वाला लोग दिल्ली के अपना महकमा से जांच करावे में जोर लगा दिहले बा। कवनो ईडी आ आईटी महकमा बा, ऊ सुने में आवता कि ममता के लोग के तबाह क के रखले बा। ओकरा जवाब में ममता के लोग फूल छाप वाला नेता लोग पर तिरपाल चोरी, सिपाही के मउवत से लेके किसिम-किसिम के केस करे में लागल बा। मार-काट त अइसन मचल बा कि अब त बड़का कचहरी ओकर जांच सीबीआई से करा रहल बिया। एही के कहल जाला मलिकार- राम मिलवले जोड़ी, एगो आन्हर, एगो कोढ़ी।

धोबी के कुकुर घर के ना घाट के

पांड़े बाबा त जोगी जी के वोटवो के बतकही करत रहुवीं। उहां के कहत रहुवीं कि बीस-पच्चीस साल पहिले जवना बाभन-राजपूत के जूता मारे के बतकही जवन पाटी करत रहली सन, अब ऊ ओह लोग के पटावे में लागल बाड़ी सन। कबो मायावती बाभन सम्मेलन करावत बाड़ी त कबो अखिलेश। सभका ई बुझाता कि बाभन-राजपूत संगे आ जइहें त आसानी से जोगी बाबा के सरंगी धरा के विदा कइल जा सकेला। उहां के कहुवीं कि एकनी के चाल सभे बूझत-समझत बा। तबो अइसन लोग के कमी नइखे, जे एह घरियारन के लोर देख के लट्टू अइसन नाच रहल बा। अइसन लोग के उहे हाल होला मलिकार- धोबी के कुकुर घर के ना घाट के।

पाती लमहर हो गइल मलिकार। बाढ़ फेर हउवाहेल मचवले बा। दियरा वाला फूफा त माल-गोरू लेके तीन दिन पहिलहीं से अपना घरे पहुंच गइल बानी। एही जा डेरा डाल दिहले बानी। उहां के बतावत रहुवीं कि आधा घर पानी में बा। आदमी त केनहू जाके खा-पी ली, बाकिर माल-गोरू केकरा खूंटा बान्हल जा सकेला। उहां के छोड़ के फुआ आ सगरी घर के मरदाना-मेहरारू छपियां वाली बहिना के घरे गइल बा लोग। मलिकार, फेरू सुने में आवता कि करोनवा बढ़े लागल बा। केरल में बेसी केस मिलत बा। रउरो धेयान राखेब। बाकी अगिला पाती में।
राउरे, मलिकाइन
(ओमप्रकाश अश्क वरिष्ठ पत्रकार हैं। आलेख में व्यक्त विचार उनके निजी हैं)

Tags: Bhojpuri, Bhojpuri News, Hindi news

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