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Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती- खूंटा ओइजे गड़ाइल, बाकिर बाजल नौ गो बाजा- कांग्रेस के इहे हो गइल बा हाल

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कांगरेस के चिंतन शिविर में आगा-पाछा करत अब ईहे तय भइल बा कि एक घर से दू आदमी चुनाव लड़ सकेले, बाकिर एकरा खातिर पांच साल से पाटी में रहल जरूरी होई. पाटी के परसीडेंट राहुल गांधी होइहें. बिहार आ झारखंड में अलगे खरमंडल मचल बा. आन्ही-बरखा आ गरमी के संगे अब पीये के पानी के संकट अलगे बड़ समस्या भइल जाता. चेनई में दू हजार फुट नीचे चल गइल बा पानी. जानीं, देस भर के कहानी, मलिकाइन के जुबानी.

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पांव लागीं मलिकार! हमार बड़का बाबा बारबर तीन गो कहाउत बराबर कहीं. एगो रहे- पोखरा में मछरी, नौ-नौ कुटिया बखरा. दोसरा होखे- गाछे कटहर, ओठे तेल. तीसर कहाउत उहां के कहीं- खुंटवा ओही जा गड़ाई, बाकिर नौ बाजा बजा के. लरिकाईं में अइसन गूढ़ कहाउतन के माने हमनी के का बुझाये के रहे मलिकार. कटहर के कोआ आ मछरी खात रहनी सन त एतने ले बुझाव. सेयान भइला पर एकर माने बुझाये लागल. आज पांड़े बाबा का दुआर पर जुटान में कई किसिम के बतकही होत रहुवे. ओही में रसूलपुर के रामपिरीत पांड़े बाबा से पुछुअन कि ए बाबा, एह घरी सुराजी पाटी के का हाल बा. हमहूं पहिले सुराजी पाटी ना बूझत रहनी, बाकिर वोट के टाइम में जब नेता लोग के आदमी घरे-घरे पइसा-कपड़ा बांटत रहे त ओही बेरा उहां के बतवले रहनी कि जे जवन देव, ऊ ले लेबे के चाहीं, बाकिर पुरनका नारा इयाद रखिहs लोगिन- दही-चूरा राज के वोट द सुराज के. वोट जेकरा के देबे के होई, दीह लोगिन, बाकिर पइसवा सभका से झीट लीह लोगिन. ओह दिने पांड़े बाबा बतवनी कि आजादी के बेरा पहिलका बेरी जब वोट भइल त एगो राजा साहेब अपना इहां से खाड़ा रहले आ उनका खिलाफ सुराजी पाटी के एगो नेता रहले. राजा साहेब मय इलाका दही-चूरा फिरी क दिहले. लोग खूब खायिल, बाकिर वोट सुराजी पाटी के दे दिहल. दही-चूरा राज के, वोट द सुराज के नारा ओही घरी चलल रहे. सुराजी पाटी तब कांगरेस के कहल जाव. रामपिरीत के सवाल ओही कांगरेस के बारे में रहुवे.

खूंटा ओइजे गड़ाइल, बाकिर बाजल नौ गो बाजा

पांड़े बाबा लगुवीं कांगरेस के हाल बतावे. उहां के कहुवीं कि गांधी बाबा आजादी के बाद कहले रहले कि अब कांगरेस के खतम क देबे के चाहीं. कांगरेस आजादी के लड़ाई लड़े खातिर बनल रहे आ आजादी मिल गइला के बाद अब एकर रहल अनेर बा. बाकिर लोग के जोरे-गुंटियावे खातिर कांगरेस अबहीं ले जियत बिया. एह पाटी के सबसे बड़का खराबी इहे रहल बा कि एके घराना के अरिया-कगरी चकरी अइसन एकर नेता घूमत रहेले. पहिले नेहरू जी रहले, ओकरा बाद इनरा जी, राहुल जी, सोनिया जी पाटी के हांकत आइल लोग आ अबहियों ओही घराना के राहुल गांधी के पाटी के हांके खातिर हार-पाछ के फेरू गड़ुआन (गाड़ीवान) बनावे के तय भइल बा. तीन दिन ले राजस्थान में माथा मारला के बाद इहे तय भइल बा कि राहुले गांधी पाटी के हेड रहिहें. सबसे अचरच एह बात के बा कि 2024 के चुनाव खातिर पाटी में पहिले राय बनल कि एक घर से एके आदमी के चुनाव लड़े के टिकट दियाई. बाकिर सोनिया गांधी के घर पर ई नियम लागू ना होई. एकर माने ई भइल कि सोनिया, राहुल आ उनकर बहिन पिरयंका (प्रियंका) तीनों जने चुनाव लड़ सकेले. अब अखिरिया ई तय भइल बा कि एक घर से दू आदमी से बेसी के टिकट पाटी ना दी. एकरा खातिर जरूरी होई कि दुसरका आदमी पांच साल से पाटी में होखे. एही के कहल जाला कि खूंटा ओही जा गड़ाई, बाकिर नौ बाजा बजा के.

बिहार के पोलटिक्स में सह-मात के खेल

पांड़े बाबा सुराजी पाटी के हाल बतावते रहुवीं, तबले फुलुंगनी के फुलेना जादो पूछ बइठुवन कि बिहार के का हाल बा ए बाबा. पांड़े बाबा कहुवीं कि बिहार के पोलटिक्स एह घरी खउंजियाइल बा. तीर छाप आ फूल छाप में जवनी गंतिया सुशील मोदी के टाइम में गहिर इयारगही रहे, ऊ अब नइखे रह गइल. बड़का मोदी जी दिल्ली में कवनो भोज-भात रखले रहले हां थोरहीं दिन पहिले. नीतीश कुमार ओइमें ना गइले. मोदी जी के खिलाफ रोज टेढ़ बोले वाली ममता दीदी ले ओह भोज में गइली, बाकिर बिहार में फूल छाप के संगे सरकार चलावे वाला नीतीश जी के फुर्सत ओह दिन ना मिलल. आरा में कवनो पुल के उद्घाटन भइल हा. ओहू में नीतीश जी ना गइले. जवन नेवता एकरा खातिर छपाइल रहे, ओइमें खाली फूल छाप वाला नेता लोग के नांव रहे. तीर छाप के कवनो नेता के नांवें ना रहे. एतने ले ना, उद्घाटन खातिर जगहा-जगहा जवन पोस्टर सटाइल रहे, ओहू में नीतीश जी के फोटो गायब रहे. एकरा के लेके जब खबर वाला लोग हल्ला कइल त अखिरिया टाइम में पोस्टर बदलाइल आ नीतीश जी के फोटो बड़कू मोदी जी के बगल में लागल. एने नीतीशो कुमार कम नइखन. सात साल से लालू जादो के खानदान से मुंह फुलौले रहले हां. बाकिर इफ्तारी पाटी में एक हांक पर राबड़ी देवी के डेरा पर पैदले चल गइले. एही से बिहार के पोलटिक्स के रोख ठीक नइखे बुझात.

झारखंड के पोलटिक्स त पहिलहीं से गरमाइल बा

पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि पोलटिक्स में सगरी जगहा के हाल एके जइसन बा. कतहूं शांति नइखे. झारखंड में त बुझाता कि सरकार अब गइल, तब गइल. जेतना दिन खेपा जाव. ओइजा के मुखमंतरी अइसन लफड़ा में अझुराइल बाड़े कि उनका निकले के कवनो राहे नइखे लउकत. ऊ त अझुराइले बाड़े, उनकर हाकिमो लोग ओतने अझुरात जाता. जब से ओइजा के डीसी पकड़ाइल बाड़ी आ उनका से पूछताछ होता, तब से केतने लोग के ना रात में नीन आवता आ ना दिन में चैन रहता. सभकर मुंह झुराइले रहता. ई हाल ओह मुखमंतरी आ उनकर सरकार के बा, जे बेसी सीट ले के सरकार बनवले बिया. सुने में त इहो आवता कि जांच होखे त अइसन अइसन लोग धराई, जेकरा बारे में आदमी सोचियो ना पवले होई.

चेन्नई में बढ़ल बा संकट, पानी पाताल ध लिहले बा

पांड़े बाबा एगो अउरी खबर सुनावत रहुवीं मलिकार. बतावत रहुवीं कि चेनई में पानी पाताल ध लिहले बा. का दों दू हजार फीट नीचे पानी चल गइल बा. तराही-तराही मचल बा. सरकार बोरिंग करे पर रोक लगा दिहले बिया. रामपिरीत पुछुवन कि दू हजार फीट केतना होई बाबा, त उहां के बड़ा समझा के बतउवीं. कहुवीं कि अंगना में जवन धाजा गड़ाइल बा, ऊ बेसी होई त दस-बारह हाथ के होई. एक हाथ में डेढ़ फुट होला. एकर माने बीस फुट बूझ ल. अब खतरा एही से समझल जा सकेला कि धाजा के बांस अइसन सौ बांस नीचे पानी चल गइल बा. ई सुन के त हमार माथा चकरा गउवे मलिकार. एतना नीचे त पाताले नू होई. एकर माने इहे नू भइल कि पानी अब पातालपुरी से निकाल के पीये के परी. पांड़े बाबा त अउरी हड़का दिहुवीं ई कह के कि अबहियो से लोग ना मानल आ घरे-घरे बोरिंग गाड़े से बाज ना आइल त एक दिन अइसन आई कि सभका बून भर पानी खातिर चिरई-चुरुंग नियर छिछियात फिरे के परी. हमरा तब बुझउवे मलिकार कि उहां के सांच बात कहतानी. पहिले बीस फुट के एगो पाइप आ पांच फुट के एगो जाली लगा के जवन कल हलत रहली हा सन, ओइमें से अइसन पानी निकली कि बुआई जे छाछात गंगा जी समा गइल बाड़ी. पर साल गरमिया में कलवा आपन रोज रात खानि सूख जाव. मिस्त्री बोलवनी त ऊ कहलस कि एगो अउरी पाइप डलवा दीं. मने पौंतालीस फुट पर पानी निकलल आ कल सूखे के बेमारी बन भइल.
राउर, मलिकाइन
(ओमप्रकाश अश्क स्वतंत्र पत्रकार हैं. आलेख में व्यक्त विचार उनके निजी हैं.)

Tags: Article in Bhojpuri, Bhojpuri, Congress

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