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Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती- लंका, पाकिस्तान के संगे अब कंगाल हो गइल नेपाल

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दू साल से करोना आ अढ़ाई महीना से रूस-उकरेन के लड़ाई से दुनिया के तबाही अब साफ झलके लागल बा. जान-माल के नोकसान त भइबे कइल, कई गो देस कंगाल हो गइल बाड़े सन. महंगाई में त अइसन लुत्ती लागल बा कि रोज राकेट अइसन सांय-सांय आकासे भागल जाता.

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पांव लागीं मलिकार ! पांड़े बाबा आज बतावत रहुवीं कि महंगाई हमनिये कीहां खाली नइखे. ई मय दुनिया के तबाह कइले बा. पाकिस्तान के लगे अब पइसा नइखे कि ऊ कवनो काम करे. नेपाल जइसन छोटहन देस एतना तबाह बा कि ऊ दोसरा देस से कवनो सामान कीने पर रोक लगा दिहले बा. लंका के हाल त पहिलहीं से सभे जानता. अब सुने में आवता कि बंगलादेस भी पइसा के तबाही से जूझ रहल बा. चीन से ओकरा करजा मिलत रहल हा, ऊ अबे रुक गइल बा. बंक से कर्जा लिहल महंग हो गइल बा. सगरो तराहि-तराहि मचल बा. आपनो मुलुक के हाल नीमन नइखे, बाकिर अबहियो दोसरा देस से त एकर हाल नीमने बा. कम से कम खाये-पीये के त कवनो तबाही नइखे. हं, तनीमनी महंगाई जरूर बुझाता. उहो सहर में बेसी, गांव में कम.

पांड़े बाबा नैपाल के हाल बतावत रहुवीं कि नैपाल के बोडर अपना देस से सटल बा. बिहार के लोग के सादी-बियाह ले नैपाल में होत रहेला. एह घरी ओइजा के हाल एतना खराब बा कि दोसरा देस से कवनो जिनिस-पत्तर कीने-मंगावे पर सरकार रोक लगा दिहले बिया. एह साल जनवरी से नैपाल के हाल खराब होखे लागल. डीजल-पेटरउल ओइजा सस्ता मिलत रहल हा. नैपाल के बोडर पर बसल बिहार के लोग तेल भरवावे ओइजे पहुंच जा रहल हा. अब त सुने में आवता कि हप्ता में दू दिन त ओइजा फटफटिया (बाइक) आ मोटर गाड़ी चलावे पर सरकार रोक लगा दिहले बिया. नैपाल में सामान के दाम पांड़े बाबा खबर कागज पढ़ के सुनावत रहुवीं. सुन के कपार बथे लगुवे.

पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि अपना इहां जवन सरसों के तेल 180 से 190 रुपये लीटर के बीचे बिकाता, ओकर दाम नैपाल में साढ़े तीन सौ रुपिया लीटर हो गइल बा. चक्की के आटा अपना इहां चक्की पर 20 से 24 रुपये किलो बा आ नैपाल में एकर भाव 50 रुपया किलो हो गइल बा. सीधे दुगुना. अपना इहां के 40-45 रुपया किलो के चीनी नैपाल में 80-85 रुपया के भाव बिकाता. इहे हाल पाकिस्तान में बा. ओहूजा भाव नैपाल के भाव से कम नइखे. पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि अपना मुलुक के इहे ताकत बा कि खाये-पीये वाला जरूरत के बेसी सामान अपने इहां पैदा हो जाला. एकरा खातिर अब हमनी का दोसरा देस के आसरा ना देखे के परे. उहां के कहलका हमरा माथा में एह से ढूकत रहुवे मलिकार कि काल्हिए बदरजीमी के दू गो बैपारी आइल रहुवन सन. ऊ गेहूं के भाव 1800 रुपये किंटल कहुवन सन त लोग बेचे खातिर टूट परुवे. हमहू दू किंटल बेच दिहुवीं. गेहूं के एतना भाव भादो-कुआर में भी ना मिलत रहल हा.

गांव में केहू के मुंहे महंगाई के बतकही एतना ना सुने के मिले. खाली सहरिया लोगवा आवेला त एकर बतकही करेला. तीन-चार दिन पहिले सिहोरवां के सरजुग आइल रहुवन. बंबे में नीमन कवनो नोकरी करे ले. ऊ बइठते महंगाई के राग सुनावे लगुवन. तेल महंगा, तरकारी महंगा, बिजली महंगा, साबुन-सरफ महंगा, दवाई महंगा, डीजल मंहंगा आ ओही तरे पेटरउल के महंगाई. पढ़ाई के महंगाई फरका बा. एतना महंगाई बढ़ गइल बा कि कमाई कुछ बुझाते नइखे. पांड़े बाबा उनकर तलब पूछवीं त बतावत रहुवन कि डेढ़ लाख महीना कमाले. ओकरा बाद से हम भर दिन इहे सोचत रहुवीं मलिकार कि गांव आ सहर में केतना फरक बा. गांव में आलू के भाव एतना गिर गइल बा कि जवन भाव बिया कीन के बोआइल, ओकरो से कम रेट बैपारी लगावत बाड़े सन. तियन-तरकारी त गांव में जल्दी केहू के कीनहीं के ना परे. अनाज-पानी के काम त घरे से चल जाला. छेंवके-बघारे भर के तेल के सरसों सभका खेत में हो जाला. लइका सरकारी इसकूल में पढ़े ले सन त ओकनी के कवनो फीस लागहीं के नइखे. चांपाकल चला के पानी इफरात मिल जाला. तबो केहू मानता. सभका सहरे में बसे के बेचैनी नधले रहता.

पांड़े बाबा नैपाल के बारे में अउरी कई गो चीज बतावत रहुवीं कि ओकर हाल काहें खराब बा. नैपाल सरकार दोसरा देस से सामान एह से नइखे मंगावत कि एह खातिर ओकरा लगे पइसे नइखे. अपना देस से जेतना के सामान नैपाल जात रहल हा, ओकरा में एक चौथाई के कमी त तीने महीना में हो गइल बा. मोटामोटी दू हजार करोड़ रुपिया के नोकसान भारत के एकरा से भइल बा. आपन मुलुक हर साल नैपाल के 6520 अरब डालर के सामान बेचेला. इहे हाल रही त भारत के साल भर में एतना के नोकसान हो जाई. नैपाल दोसरा देस से जेतना सामान कीनेला, ओइमें अपना मुलुक से मोटामोटी बारह आना सामान जाला. तनी भर चीन से आवेला. अपने इहां से डीजल-पेटरउल नैपाल जाला. अपने इहां एतना महंगाई बा त नैपाल में ओकर भाव केतना होखे चाहीं अंदाज लगावल जा सकेला.

नैपाल के संगे-संगे पाकिस्तानो के हाल कम खराब नइखे. पाकिस्तान त एतना कंगाल हो गइल बा कि ओकर सगरी काम कर्जा के भरोसे बा. रूस-उकरेन के लड़ाई आ पाकिस्तान में गद्दी बदलला के बाद चीन करजा देबे में आनाकानी करता. पहिले उहे बढ़-चढ़ के पाकिस्तान के करजा देत रहल हा. आईएमएफ से मिले वाला करजा में भी देरी हो रहल बा. आईएमएफ पाकिस्तान के करजा पर बियाजो माफ करे वाला रहल हा. उहो लटकल बा. महंगाई के त पूछहीं के नइखे. एह से पाकिस्तान के हाल एकदमे खराब बा. कवनो चालू खाता होला. पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि पाकिस्तान के चालू खाता के घाटा 13 अरब डालर से बेसी हो गइल बा. चीन सबसे बड़ पाकिस्तान के मददगार रहल हा. उहो हाथ खींच लिहले बा. अढ़ाई अरब डालर करजा ओइजा से मिले वाला रहल हा पाकिस्तान के, बाकिर गद्दी बदलते उहो चुपा गइल बा. सऊदी अरब से पाकिस्तान निहोरा कइले बा कि ऊ पाकिस्तान में जवन बैंक में पइसा जमा कइले बा, ओकरा के अबे मत निकालो. एह से कि अबे पाकिस्तान भारी तबाही में बा.

पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि लंका त सबसे पहिले दिवालिया हो गइल. ओइजा के महंगाई से तबाह लोग रोजे हुरदंग मचावता. सरकार के खजाना में पइसे नइखे कि ऊ दोसरा देस से कवनो सामान कीन के मंगा सके. आपन देस दू-तीन बेर कुछ मदद कइलस हा. चाउर आ डीजल-पेटरउल दिहलस. चाउर त चलीं अपना मुलुक में होला, बाकिर डीजल-पेटरउल त अपनो देस कीनिये के नू मंगावेला मलिकार. तबो पड़ोसिया के मदद कइले बा. नैपालो के मदद करबे करी. सबसे बेसी चीन के फजीहत होता. ऊ करजा दे-दे के लंका, पाकिस्तान आ बंगलादेस के बूंट के झार पर चढ़ा दिहले रहल हा. अब करोना आ रूस-उकरेन के लडाई से ओकरो हाल खराब बा. ऊ अब मदद करे से हाथ खींच लिहले बा. एही से कहल गइल बा मलिकार कि पांव ओतने पसारे के चाहीं, जेतना बड़ चादर होखे.
राउर, मलिकाइन
(ओमप्रकाश अश्क स्वतंत्र पत्रकार हैं. आलेख में व्यक्त विचार उनके निजी हैं.)

Tags: Article in Bhojpuri, Bhojpuri

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