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Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती- वोट के रिजल्ट आइल, अब सांढ़-भैंसा के लड़ाई ओराइल

Bhojpuri में पढ़ें मलिकाइन के पाती- वोट के रिजल्ट आइल, अब सांढ़-भैंसा के लड़ाई ओराइल

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पांच गो राज में वोट के बतकही जब से शुरू भइल, तबे से ई बुझात रहल हा कि ई वोट नइखे होत, साढ़-भैंसा के लड़ाई होता. नेता लोग के बोली-बतकही त बिगड़ले रहल हा, पढ़ल-लिखल लोगवो खरछाह बोले लागल रहल हा. जाये दीं, वोट बीतल, रिजल्ट आइल त सांढ़-भैंसा के लड़ाईयो ओरा गइल.

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पांव लागीं मलिकार ! तीन-चार महीना से वोट के लेके पांच गो राज में अइसन धूमगज्जड़ मचल रहल हा कि इनकर-उनकर टेढ़-मेढ़ आ उटपटांग बतकही सुन-सुन के कान पाक गइल रहल हा. वोट के बतकही जब से शुरू भइल, तबे से ई बुझात रहल हा कि ई वोट नइखे होत, साढ़-भैंसा के लड़ाई होता. नेता लोग के बोली-बतकही त बिगड़ले रहल हा, पढ़ल-लिखल लोगवो खरछाह बोले लागल रहल हा. कवनो मनौव्वर साहेब (मुनौव्वर राणा) बानी. यूपी में रहीले. उहां जइसन आदमी कह दिहल कि जोगी जी जीत गइले त ऊ दोसरा जगहा चल जइहें. अब रउरे बताईं मलिकार कि केहू से एतना नफरत कइल जा सकेला. पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि हमनी कीहां अइसन बेवस्था बा कि जेकरा बेसी वोट मिली, ओही के माथे मउर बन्हाई. वोट पाबलिक के देबे के होला आ नेता लोग अनेरे आहुंड़ कूंचेला. होखे के त ई चाहीं कि सभे आपन-आपन काम बतावे-गिनावे आ पाबलिक के जेकर काम नीमन लागे, ऊ ओकरा के आपन वोट देव. इहां त हिन्दू-मुसलमान, छोट जात-बड़ जात, बाभन-राजपूत, अहीर-मलाह के नांव पर वोट मांगे नेता लोग चहुंप गइल रहल हा. पाबलिक अबकी अइसन लोग के नीमन से समझा दिहले बा. अबो से ई लोग ना सुधरी त जवन हाल हाथ छाप के भइल बा, उहे गत एहू लोग के होई. हमरा त खुशी एह बात के बा मलिकार कि वोट बीतल त सांढ़-भैंसा के लड़ाई ओरा गइल.

तीर छाप मणिपुर में फूल छाप पर हो गइल भारी

पांड़े बाबा एगो खबर सुनावत रहुवीं कि मणिपुर में तीर छाप चहुंप गइल बा. बिहार आ दिल्ली में भलहीं तीर छाप आ फूल छाप में इयारी बा, बाकिर बाहर में अइसन नइखे. फूल छाप पाटी त जोगी बाबा के खिलाफो लड़ल रहल हिया. ओइजा त ओकर दाल ना गलल हा, बाकिर मणिपुर में छह गो सीट पर तीर छाप के कंडिडेट फूल छाप के कंडिडेट के हरा दिहले. दू गो सीट त अइसन तीर छाप जीतले बिया, जहवां फूल छाप के पानी पिया दिहलस. दस-बारह परेसंट वोट तीर छाप के फूल छाप से बेसी मिलल बा. यूपी में त बिहार से एगो अउरी पाटी लड़े खातिर छउक के गइल रहल हिया, बाकिर ओकरा ठेंगा भेंटाइल. पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि तीर छाप के छह गो एमएलए अरुणाचल परदेश में भी रहले, बाकिर ओह लोगन के फूल छाप पाटी दू साल पहिले तूर के अपना में मिला लिहलस. एकरा के लेके बिहार में तनी मनी तीर छाप खिसियाइल रहे, बाकिर कुछ बोललस ना. ओकर बदला ऊ मणिपुर में ले लिहले बिया. अब त सुने में आवता कि सात बहिनी परदेस कहाये वाला ओह इलाका के सगरी राज में तीर छाप अब वोट लड़े के तैयारी में बिया.

जात-धरम गाछे गइल, जोगी जी फेर महंत

पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि जोगी जी के हरावे खातिर विरोधी लोग कवन उपाय ना कइल हा. पहिले त जात-पात के बतकही भइल, फेर हिन्दू-मुसलमान, जिन्ना-पाकिस्तान अइसन बतकही होखे लागल. एकरा बादो पाबलिक देखा दिहलस कि एह कुल से वोट ना मिलेला. वोट काम कइला से मिलेला. जोगी जी के तारीफ करोना के टाइम से होत रहे. बदमास लोग खातिर त ऊ काल बन गइल रहले. केतने बदमास के घर बुलडोजर से ढहवा दिहले. बदमास खातिर उनका पोथी में कवनो जात-धरम ना रहे. कुछ बदमास त मारल गइले, जे बांच गइल, ऊ जेल में जांत पीसत बा. जोगी जी के एगो अउरी खूबी लउकल. पांच साल में ऊ बेसी लबर-लबर ना बोलले. जवन नीमन-बाउर लागल, ऊ कइले-छोड़ले. धरम के बतकही में पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि गोरखपुर में जोगी बाबा के जवन मठ बा, ओह इलाका में मुसलमान के सबसे बेसी दौरी-दोकान बा.

पंजाब में आप त निकल गइल सभकर बाप

पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि पंजाब के वोट में केजरी के पाटी आप सभकर बाप बन गइल. हाथ छाप के राज रहल हा ओइजा. आपसे में एह तरे हाथ छाप वाला लोग लड़ गइल कि दिल्ली से हाथ के साफ करे केजरी के आप आ गइल. झाड़ू लेके आप अइसन बहरलस कि पंजाब एकदम साफ हो गइल. अब त सुने में आवता कि आप गुजरात आ हरियाना का ओर जाये वाली बिया. देखल जाव, ओइजा का होता. अबहीं त ओने वोट में तनी देरी बा. पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि आप दिल्ली में मुफुत के अइसन आदत लगा दिहलस कि दोसरा जगहा भी मुफुत में बांटे के होड़ लाग गइल. पंजाब में भी ओकरा एही से कामयाबी मिलल हा कि मुफुत में कई चीज के वादा ओहू जा कइले बिया. समय बताई कि मुफुत में बंटला के नफा-नोकसान का होला.

यूपी के राहे दिल्ली गइल अब आसान हो जाई

पांड़े बाबा जब ई बतावे लगुवीं कि दिल्ली के राह यूपीए होके जाला. बड़ी देर ले सोचला के बाद हमरा ई बात समझ में अउवे. सचहूं मलिकार, बंगाल, आसाम, झारखंड, बिहार भा देस के कवनो कोना से दिल्ली जाये के होखे त यूपीए मुंहे नू टरेनवा जाली सन. रउरा त जनबे करीले कि हमरा गेयान के अलमारी में एकरा से बेसी ना समाला. जब पांड़े बाबा ई बतउवीं कि एमपी के वोट में सबसे बेसी सीट जवना बिहार, यूपी, बंगाल जइसन राज के बा, ओइमें थोरथार घटियो जाई, तबो बेसी सीट त मिले के चानस बनल रही. सबसे बेसी सीट यूपी में बा एमपी के. यूपी जदि फूल छाप जीतजीत गइल त दिल्ली जीतल मुसकिल नइखे. एकर माने ई कि 2024 के एमपी चुनाव में फूल छाप के राह अब आसान हो जई.

अब एकवट हो सकेला विरोधी पाटी के लोग

यूपी के वोट में विरोधी लोग एक होखे के कोसिस खूब कइल हा. बंगाल से ममता दीदी खेला करे आ गइल रहली हा. ललटेन छाप के तेजस्वी जादो खुद त परचार खातिर ना गइले, बाकिर त ताल ठोक के कहत रहले हां कि साइकिल के सरकार बने से अबकी केहू रोक ना पाई. एने हाथी छाप वाली माया बहिना (मायावती) आ हाथ छाप वाली पिरयंका दीदी (प्रियंका गांधी) अलगे खूंटा गड़ले रहल हा लोग. बाकिर अब सभका समझ में आ गइल बा कि एकवट ना होखी लोग त फूल छाप के हटावल सपनो में ना सोचल जा सकेला. एह से फेर एक बेर ई लोग कोसिस कर सकेला. ममता दीदी त बंगाल से बाहर निकले खातिर खूब हाथ-गोड़ चलवली हा, बाकिर उनहूं का थाह लाग गइल कि ऊ केतना पानी में बाड़ी. उनकर घास फूल पाटी एक राज में बिया त झाड़ू अब दू राज ले पसर गइल बा. एह से अबे त केहू नइखे लउकत जे सभका के एक जगहा जोर सके. हो सकेला, बाद में ई लोग गुंटियाये खातिर कवनो राह निकाले, बाकिर भादो का बेंग नियर एक जगहा सभका के राखल कठिन काम होई.

आज एतने, बाकी अगिला पाती में. सरसों पाक गइल बा. फगुआ ले कटा-झरा जाई. बरम बाबा रखवार, अबे ले मौसम साथ दे दिहले बा. आलू फगुआ बाद कोड़े लायक हो जाई. काली माई के किरपा से हमनी का नीक-निरोग बानी सन. आपन खेयाल राखेब.
राउर, मलिकाइन
(ओमप्रकाश अश्क स्वतंत्र पत्रकार हैं. आलेख में व्यक्त विचार उनके निजी हैं.)

Tags: Article in Bhojpuri, Bhojpuri, UP Election 2022

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