Bhojpuri Spl: दीदी के परिवार में विद्रोह! भाई कार्तिक बनर्जी होइहे भाजपा में शामिल?

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चर्चा बा कि ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के भाई कार्तिक बनर्जी (Karthik Banerjee) भाजपा में शामिल हो सकेले. बिना नांव लेले ऊ परिवारवाद पर भी हमला कइले बाड़े. कार्तिक बनर्जी कहतारे कि 'परिवारतंत्र' राजनीति खातिर एकदमे ठीक नइखे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 3:39 PM IST
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के परिवार में बगावत के आहट सुनाए लागल बा. रउवां मन परते होई कि पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी (Shuvendu Adhikari) तृणमूल छोड़िके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल भइला का बाद घोषणा कइले रहले कि ममता बनर्जी के घर में कमल के फूल खिली त कई लोग अचकचा गइल. तब लोगन के ओतना अंदाज ना रहे. बाकिर अब ममता बनर्जी के सगा भाई कार्तिक बनर्जी राजनीति में उतरे के साफ- साफ संकेत दे देले बाड़े. ऊ कहतारे कि बंगाल में बंगाली आ बाहरी के कौनो मुद्दे नइखे. चर्चा बा कि कार्तिक बनर्जी भाजपा में शामिल हो सकेले. बिना नांव लेले ऊ परिवारवाद पर भी हमला कइले बाड़े. कार्तिक बनर्जी कहतारे कि 'परिवारतंत्र' राजनीति खातिर एकदमे ठीक नइखे.

खाली बंगाले में ना, समूचा देश आ दुनिया में जेकरा में क्वालिटी बा ओकरे के राजनीति में जगह मिले के चाहीं. कुछ लोग बोलेले कि लोगन खातिर काम करब, जनता खातिर काम करब, बाकिर चुनाव होखला का बाद अइसन लोग अपना परिवार के अलावा केहू के ना देखेला. जितला का बाद जनता का ओर देखे के केहू के फुरसते ना मिले. ऊ कहतारे- "हम ममता बनर्जी के भाई हंईं, एकर मतलब ई ना कि हमरा के राजनीति में जगह मिलहीं के चाहीं. अंदरूनी सूत्र कहतारे सन कि कार्तिक बनर्जी, अभिषेक बनर्जी से खुश नइखन. अभिषेक बनर्जी, ममता बनर्जी के भतीजा हउवन. जाहिर बा ऊ कार्तिक बनर्जियो के भतीजा हउवन. त कार्तिक बाबू अपना भतीजा से खुस नइखन. शुभेंदु अधिकारी भी अभिषेक बनर्जी पर लगातार निशाना साध तारे.

शुभेंदु अधिकारी के आरोप बा कि ममता बनर्जी सिर्फ चेहरा हई, पार्टी अभिषेक बनर्जी चलावेले. एने कार्तिक बनर्जी कहतारे कि खाली बंगाले में ना देश आ पूरा दुनिया में जेकरा में क्वालिटी होखे ओकरे के राजनीति में जगह मिले के चाहीं. कुछ लोग कहेले कि लोगन के काम करबि बाकिर चुनाव में जितते अइसन लोग खाली अपना परिवार से मतलब राखेला. ऊ साफ- साफ कहतारे, "हम ममता बनर्जी के भाई हईं एकर मतलब ई ना कि हमरा के राजनीति में जगह मिलहीं के चाहीं. जेकरा पासे योग्यता बा ओकरे जगह मिले के चाहीं. इहे सबका हित में रही. बीजेपी में शामिल होखे के चर्चा पर कार्तिक बनर्जी कहतारे, "हमनी के ऋषि-मुनि लोग ने जौन कुछ कहले बा, हमनी के ओही लोगन के बतावल रास्ता पर आगा चलेके चाहीं."

कार्तिक बनर्जी केहू के नांव नइखन लेत. बाकिर परिवारवाद पर उनुकर निशाना साफे बा. रहस्य ई बा कि कार्तिक बनर्जी अपना बारे में केहू के अंदाज नइखन लगावे देत. आपन पत्ता अभी तक नइखन खोलले. बाकिर 'परिवारवाद' पर निशाना साधि के ऊ बंगाल के राजनीति में कई गो संकेत दे देले बाड़े. कुछ तृणमूल कांग्रेस समर्थक कहतारे सन कि कार्तिक बनर्जी कौनो लोकप्रिय नेता त हउवन ना. उनुका भाजपा में गइला से का फर्क परे के बा? त राजनीतिक प्रेक्षक कहता लोग कि कार्तिक बनर्जी के सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में इलाका के सब लोग जानता. एकरा से बढ़ि के ई बा कि ममता बनर्जी के भाई के अपना ओर ले आके भाजपा एगो इमेज तेयार करी. कही कि ममता बनर्जी के त परिवारे में फूट बा. ऊ पहिले आपन परिवार देखसु. हालांकि सभे जानता कि ममता बनर्जी आ उनुकर सब भाई लोग उनुका से अलगा रहेला.
अभिषेक बनर्जी ममता दीदी के भाई अमित बनर्जी के पुत्र हउवन. अभी तक इहे समाचार बा कि अभिषेक में आ कार्तिक बनर्जी में तनिको नइखे पटत. चाचा- भतीजा में तनाव बा. भाजपा एकरे फायदा उठावे के फेर में बिया. ऊ शुभेंदु अधिकारी के माध्यम से लगातार कार्तिक बनर्जी के संपर्क में बिया. बाकिर जब भाजपा के नेता लोगन से पुछाता कि कार्तिक बनर्जी से पार्टी संपर्क कइले बिया? त पार्टी फिलहाल साफ इंकार करतिया. कहतिया कि भाजपा एह तरह के कौनो प्रयास नइखे करत. बाकिर अभी तक अधिकतर लोगन के ईहे धारणा बा कि ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बाबू भाजपा में जाए वाला बाड़े. लेकिन जेकरा जाए के चर्चा होता ऊ आपन पत्ता नइखे खोलत. चतुर राजनीतिज्ञ के इहे लक्षन ह.

अब प्रश्न उठता कि कार्तिक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के कतना वोट काटि सकेले? त एकर उत्तर बा- वोटरन पर कौनो खास प्रभाव ना परी. त भाजपा के का फायदा होई? भाजपा कार्तिक बनर्जी के माध्यम से एगो हवा खड़ा क दी कि देख लोग भाजपा के ताकत. ई हवा लोगन के दिमाग पर असर डाल सकेला. कतना असर डाली, ई अभी कल्पना के बात बा. वास्तविकता के स्तर पर एकर कौनो साक्ष्य सामने नइखे आइल. दक्षिण कोलकाता में कालीघाट इलाका में हरीश मुखर्जी रोड बा, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैतृक घर बा. बहुत दिन से देखल जाता कि ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के कौनो गतिविधि में हिस्सा नइखन लेत. पहिले तनी सक्रिय रहले ह. अब सक्रिय नइखन. परिवार में ममता बनर्जी भतीजा अभिषेक बनर्जी के सबसे ज्यादा महत्व देतारी, इहे कार्तिक बनर्जी के भीतर भावनात्मक घाव कदेले बा. पहिलहीं एह विश्लेषण में कहा चुकल बा कि भाजपा में शामिल होखला का बाद टीवी इंटरव्यू से लेके प्रिंट मीडिया तक में बंगाल के पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी दावा क चुकल बाड़े कि हर घर में कमल फूल खिली आ हरीश मुखर्जी रोड में भी कमल फूल खिली. एने जब कार्तिक बनर्जी राजनीतिक पाखंड के बात करतारे त साफे इशारा बा कि ऊ तृणमूल कांग्रेस से असंतुष्ट बाड़े. काहें से कि भाजपा ममता बनर्जी पर परिवारवाद के आरोप लगा चुकल बिया. एने कार्तिक बनर्जी परिवारवाद के खिलाफ लगातार बोल रहल बाड़े.

अभी पश्चिम बंगाल के राजनीति में ई प्रसिद्ध हो गइल बा कि जबे भाजपा के कौनो बड़ स्तर के नेता बंगाल आई त तृणमूल कांग्रेस के कौनो ना कौनो नेता भाजपा में जाई. हालांकि तृणमूल कांग्रेस के संगे अभी भी समर्पित नेता बा लोग. समर्पित कार्यकर्ता बाड़े सन. खुद ममता बनर्जी जमीनी स्तर पर बहुते काम कइले बाड़ी. अभी भी चुनावी दृष्टि से उनुकर स्थिति मजबूत बा. बाकिर ईहो सच बा कि तृणमूल में एगो अइसन वर्ग बा, जवन फिलहाल भाजपा का ओर ललचाई नजर से देखता. ममता बनर्जी मूलत: डेराए वाली नेत्री ना हई. उनुका में राजनीतिक लड़ाई करेके बहुत मजबूत माद्दा बा. लेकिन एह बार नियर असंतुष्ट नेतन के संख्या उनुका पार्टी में कबो ना रहल ह. राजनीति प्रेक्षक कहतारे सन कि ममता बनर्जी के ग्राउंड वर्क उनका के वोट दियवाई. बाकिर फिलहाल भाजपा के रणनीति के कारन ममता बनर्जी चैन से नइखी रहि पावत. त पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल शंका- आशंका के इर्द- गिर्द मंडरा रहल बा. एही दूनो पार्टी खातिर ना, लगभग हर पार्टी खातिर. (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं.)
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