Bhojpuri Special: ममता बनर्जी के फेर लागल झटका, पार्टी में मचल बा भगदड़

तृणमूल कांग्रेस के इतिहास में शायद पहिली बार अइसन भइल बा कि टिकट मिलला का बाद कौनो उम्मीदवार पार्टी छोड़ि के विरोधी पार्टी में शामिल भइल बा. हद त ई बा कि सरला मुर्मू के पक्ष में तृणमूल कांग्रेस दीवार लेखन तक क चुकल रहल ह.

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तृणमूल कांग्रेस में भगदड़ मचल बा. एही सोमार के फेर पांच गो विधायक- सोनाली गुहा, दीपेंदु विश्वास, रवींद्रनाथ भट्टाचार्य, जटू लाहिड़ी आ शीतल सरदार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गउवे लोग. अउरी त अउरी, मालदा जिला के हबीबपुर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सरला मुर्मू टिकट मिलला का बादो पार्टी छोड़ि के भाजपा में शामिल हो गइल बाड़ी. तृणमूल कांग्रेस के इतिहास में शायद पहिली बार अइसन भइल बा कि टिकट मिलला का बाद कौनो उम्मीदवार पार्टी छोड़ि के विरोधी पार्टी में शामिल भइल बा.

हद त ई बा कि सरला मुर्मू के पक्ष में तृणमूल कांग्रेस दीवार लेखन तक क चुकल रहल ह. सरला मुर्मू चाहत रहली ह कि उनका के मालदा से टिकट मिलो. बाकिर उनुका के हबीबपुर से टिकट मिलल ह. अइसना में ऊ विद्रोह कइके भाजपा में चलि गइली ह. तृणमूल कांग्रेस कहतिया कि सरला मुर्मू के तबियत ठीक नइखे एसे ऊ हबीबपुर से नइखी लड़त. त जब तबियत ठीक नइखे त भाजपा के टिकट पर ऊ मालदा से कइसे लड़े के तेयार बाड़ी? त तृणमूल कांग्रेस आपन नोकसान के भरपाई बहाना बना के करता. राजनीतिक विश्लेषण करे वाला लोग कहता कि तृणमूल कांग्रेस में एबेरी टिकट वितरण प्रणाली गड़बड़ बिया. टिकट देबे में प्रशांत किशोर के आ अभिषेक बनर्जी के ढेर चलल ह. एसे तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में भगदड़ जारी बा. एह चुनाव में ध्रुवीकरण बहुत अधिका बा. सायद पश्चिम बंगाल में अइसन जबर्दस्त ध्रुवीकरण पहिला बार भइल बा.

बाकिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डैमेज कंट्रोल करेके लगातार कोशिश कर रहल बाड़ी. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का मौका पर मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा का मुद्दा पर सोमारे के एगो मार्च के आयोजन करुई. मुद्दा का रहुए? उत्तर प्रदेश में औरतन के खिलाफ अपराध हो रहल बा, ओही के विरोध में एही से एह मार्च के आयोजन कइल गइल रहुए. ई मार्च मध्य कोलकाता के कॉलेज स्क्वॉयर से शुरू होके धर्मतल्ला तक गउवे. कलकत्ता यूनिवर्सिटी के साथे कई गो नामी यूनिवर्सिटी-कॉलेज एह इलाका में बाड़े सन. एह मार्च में कई गो कॉलेज छात्रा शामिल रहुई सन. करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबा ई मार्च रहुए. ममता बनर्जी, कौनो सूरत में भाजपा के मिशन बंगाल के कामयाब नइखी होखे देबे चाहत. एही इरादा से सोमार के उत्तर प्रदेश के बात कोलकाता में ले अउवी. भाजपा भी कम नइखे. अभी हाले में भाजपा उत्तर 24 परगना के 85 साल के बुजुर्ग पर हमला के आरोप लगाके बंगाल सरकार पर सवाल ख़ड़ा कइले रहुए. भाजपा कोलकाता आ राज्य के कई गो शहर में महिला अपराध के लेके पोस्टर वार शुरू क चुकल बिया.

ममता के चुनावी स्लोगन पर सवाल उठवले बिया. हालांकि, ममता बनर्जी पलटवार करे में नइखी चुकत. ममता बनर्जी के चुनावी नारा बा- “बंगाली अपनी बेटी चाहते हैं”. तृणमूल कांग्रेस के उम्मीद बा कि ममता हैट्रिक में कामयाब हो जइहें. औरत के मुद्दा पर तृणमूल अपना रणनीति में बदलाव कइले बिया. तृणमूल 291 सीटन में से 50 गो पर महिला के टिकट देले बिया. पिछला विधानसभा चुनाव में तृणमूल 45 गो महिला के पार्टी उम्मीदवार बनवले रहे. एकरा अलावा बंगाल के जनता खातिर जौन स्वास्थ्य साथी कार्ड बनता ओमें लउके वाला फोटो घर के औरत के रहता. स्वास्थ्य साथी कार्ड में एगो चिप लागल बा, ओकरा भीतर पुरुष के फोटो बा. चिप वाला फोटो लउकत नइखे. बाकि स्वास्थ्य साथी कार्ड पर छपल फोटो औरत के ही बा. राज्य में जतना स्वास्थ्य साथी कार्ड बनल बाड़े सन ओमें कुल में घर के मुख्य औरत के ही फोटो छपल बा. एह पंक्ति के लेखक के स्वास्थ्य साथी कार्ड पर लेखक के पत्नी के ही फोटो छपल बा.
चुनाव घोषणा का बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगर के दिने पूर्व मेदिनीपुर जिला के नंदीग्राम में गउवी. ओइजा से उनुका खिलाफ भाजपा के शुभेंदु अधिकारी चुनाव लड़तारे. एने सोमार के दिन तृणमूल कांग्रेस छोड़ि के भाजपा ज्वाइन करे वाला रवींद्रनाथ भट्टाचार्य 2001 से सिंगुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के विधायक रहले ह. एह बारी 80 साल के ज़्यादा उम्र के केहू के तृणमूल टिकट नइखे देत. एही से रवींद्रनाथ भट्टाचार्य के टिकट नइखे मिलल. पिछला दशक में जौन सिंगुर आंदोलन भइल रहे ओमें प्रमुख चेहरा रवींद्रनाथ भट्टाचार्य भी रहले. कहल जाता कि रवींद्रनाथ भट्टाचार्य ममता बनर्जी से भारी नाराज बाड़े आ ऊ शुभेंदु अधिकारी के चुनाव प्रचार करे नंदीग्राम भी जइहें.

ऊ कहिहें कि जब 18 साल के उनकर साथ ममता बनर्जी एसे छोड़ि दिहली कि ऊ 80 साल के उमिर के हो गइले, त ममता बनर्जी केकर होइहें? त नंदीग्राम में टक्कर के लड़ाई होखे जा रहल बा. नंदीग्राम में मतदाता से सीधे संपर्क करे खातिर आ अपना टीम के हौसला बढ़ावे खातिर ममता बनर्जी नंदीग्राम में किराया के घर लेले बाड़ी. ताकि मुख्यमंत्री नंदीग्राम में ज्यादा से ज्यादा समय बिता सकसु. बुधवार के दिने ममता बनर्जी ओह सीट खातिर नामांकन दाखिल करिहें. नंदीग्राम में दूसरा चरण के दौरान एक अप्रैल के वोटिंग होई. एइजा ममता बनर्जी पदयात्रा के आयोजन भी करिहें.

पूज्य पाठक लोगन खातिर नंदीग्राम के ताजा इतिहास पर गौर कइल जरूरी बा. सन 2007 के नंदीग्राम के घटना ह. ओह घरी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य योजना बनवले कि नंदीग्राम में एगो केमिकल फैक्ट्री लगावल जाई. एकरा खातिर इंडोनेशिया के सलेम ग्रुप के नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण कके देबे के फैसला हो गइल. एह प्रोजेक्ट के भारी विरोध शुरु हो गइल. विरोध प्रदर्शन करे वाला लोगन पर पुलिस फायरिंग में 14 लोगन के मृत्यु हो गइल. ममता बनर्जी मार्च 2007 में नंदीग्राम के दौरा कइली. ओकरा बाद वाममोर्चा सरकार के खिलाउ ऊ भारी आंदोलन कइली.



सीबीआई के जांच के बाद एह प्रोजेक्ट के रद्द क दिहल गइल. एह घटना का बाद ऊ बंगाल से 34 साल बाद लेफ्ट के सरकार के उखाड़ि दिहली. पहिलहीं बतावल गइल बा कि नंदीग्राम पूर्व मेदिनीपुर ज़िला में परेला. एह जिला में मुसलिम समुदाय के आबादी क़रीब 14.6 फ़ीसदी बा. नंदीग्राम में मुसलिम वोटर निर्णायक स्थिति में बा लोग. सन 2011 के जनगणना के मुताबिक़ नंदीग्राम ब्लॉक-1, ब्लॉक- 2 आ नंदीग्राम क़स्बा में मुसलिम आबादी - 34, 12.1 आ 40.3 फ़ीसद रहे. पिछला दस साल में आबादी एकरा से ढेर बढ़ि गइल बा. मुसलिम समुदाय ममता बनर्जी के वोट दी. (लेखक विनय बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं.)
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