Bhojpuri: माई के अँचरा पुरान, अँचरवे में खोट हो गइल; मदर्स डे पर जरूर पढ़ें

पूरा विश्व में मई महीना के दूसरा अतवार के मातृ दिवस मनावल जाला.

पूरा विश्व में मई महीना के दूसरा अतवार के मातृ दिवस मनावल जाला.

माई के ममता पर हिन्दी आ भोजपुरी में गाना बहुत सारा गीत बा. भोजपुरी में हालांकि माई पर ढेर गाना लोरी बा लेकिन कुछ गाना बा जवन माई के प्रेम आ ओकर महत्व के बखान करता जइसे एगो गाना बा ‘माई रे माई तोर मनवा गंगा के पनिया हो राम…’ ई गाना रफी साहब गवले रहलें आ ई एगो क्लासिक गाना बा अंजान साहेब के लिखल.

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आज मदर्स डे ह. पूरा विश्व में मई महीना के दूसरा अतवार के मातृ दिवस मनावल जाला. हालाँकि अभी त मनावे लायक कुछुओ नइखे. कोरोना के चलते का गाँव, का शहर सब श्मशान बनल बा. रोज लोग मर रहल बा. हर उम्र के लोग मर रहल बा. केतना लोग अपना महतारी-बाप के खो देलस.

जेकर माई मुअल बाड़ी, ओकरा खातिर त आज के दिन अउर भारी होई. पिछिला साल कोरोने में एगो फिल्म के अइसने मार्मिक दृश्य खातिर हमरा से गीत लिखवावल गइल. एह सिचुएशनल गीत के आज कई लोग अंदर तक महसूस करत होई.

गीत के बोल बा -

अँचरा छोड़ा के चल काहे दिहले
एतना दूर ए माई

अब के बबुआ, बबुआ कहिके हमके पास बोलाई

तोरा बिना जीही, जीही कइसे



तोरा बिना जीही, जीही कइसे

तोर बउरहवा रे माई

रे माई

फिल्म ‘मेहंदी लगा के रखना 3’ में हमार लिखल इ गाना खेसारी लाल यादव पर फिल्मावल गइल बा. गाना के संगीत बड़ा सुंदर बा, रजनीश मिश्र संगीत निर्देशक बानी. फिल्म के निर्देशन भी इहें के कइले बानी. युवा गायक नीलकमल के स्वर में गाना खूब धरत बा. कहानी में जब हीरो के एकलौता सपोर्ट करे वाली माई मर जात बाड़ी त उ भोकार पार के रोवत बाड़न आ अपना माई से पूछत बाड़न कि

खूँटा उखड़ गइल बा गईया के

अब इ बछड़ुआ कहवाँ जाई

रे माई...

तोरा बिना जीही, जीही कइसे

तोर बउरहवा रे माई

Youtube Video

माई के ममता पर हिन्दी आ भोजपुरी में गाना बहुत सारा गीत बा. भोजपुरी में हालांकि माई पर ढेर गाना लोरी बा लेकिन कुछ गाना बा जवन माई के प्रेम आ ओकर महत्व के बखान करता जइसे एगो गाना बा ‘माई रे माई तोर मनवा गंगा के पनिया हो राम…’ ई गाना रफी साहब गवले रहलें आ ई एगो क्लासिक गाना बा अंजान साहेब के लिखल. फेर एगो गाना बहुत साल बाद फिल्म पंडित जी बताईं ना बियाह कब होई में आइल - ‘माई जइसन हो, के करी दुनिया में प्यार’ जवन बहुत पसंद कइल गइल. निरहुआ के फिल्म जिगरवाला के गाना ‘अमृत के धार केहू केतनो पिआई’ भी माई के ममता पर लिखाइल सुंदर गाना बा.

हिन्दी में माई पर कुछ सदाबहार गीत बाटे, जइसे जानवर फिल्म के गाना, ‘पास बुलाती है, कितना सताती है’ सुने वाला के आँख में आँसू भर देला. फिल्म लाडला के गाना ‘तेरी उंगली पकड़ के चला’ बहुत मार्मिक गाना बा. सोनू निगम के गावल गाना ‘माँ का दिल’ सभके पसंदीदा गाना ह आ ओह के हर एक एक लाइन में एतना मर्म बा कि सुने वाला भावुक हो जाला.

माई के प्यार आ ओकरा त्याग पर खूब लिखाइल बा, कहाइल बा, देखावल भी गइल बा. हमनी के वेद-पुराण से लेके आधुनिक कला अउरी साहित्य भी हमेशा से माई के गुणगान कइले बा. हिन्दी, भोजपुरी, मराठी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु आ अन्य भाषा के सिनेमा में भी माई पर फिल्म बनल बा, माई पर गीत बनल बा, ओकरा किरदार पर कहानी बनल बा, आइकॉनिक सीन फिल्मावल बा.

सभके याद होई दीवार फिल्म के सीन, अमिताभ बच्चन, शशि कपूर आ निरूपा रॉय के बीच फिल्मावल सीन. जब अमिताभ अपना दौलत शोहरत आ इज्जत के धौंस दे तारें आ पूछत बाड़ें कि तोहरा लगे का बा तs शशि कपूर उनका के एक लाइन में चुप करा देत बाड़ें. कहतारें कि ‘मेरे पास माँ है’. उहे माँ जेकरा सामने ई सगरो धन दौलत, नाम शोहरत फीका बा.

माई के त्याग आ न्यायप्रियता पर फिल्म मदर इंडिया माई पर बनल एगो कल्ट क्लासिक फिल्म ह. एह फिल्म के अब तक बेहतरीन भारतीय फिल्मन में शीर्ष में दर्जा दिहल जाला. एगो माई जब ओकर पति परिवार छोड़ के कहीं चल जात बाड़न त अकेले अपना तीन गो बेटा अउरी कोख में पलत चौथा संतान के जिम्मेदारी उठावत बाड़ी. उनका ऊपर गाँव के महाजन सुखीलाल के कर्ज चढ़ते जाता जवन भरले भरात नइखे. उनका जीवन में एक से एक तूफान आवता आ उ सबके डँट के सामना करत बाड़ी. एह संघर्ष में उ आपन तिसरका आ चौथा संतान खो देतारी बाकिर अपना पहिला दू संतान खातिर लड़त बाड़ी. कालांतर में जब बड़का बेटा डाकू बन जाता आ अपना जुल्म के बदला लेवे खातिर गलत राह अपनावता त माई बड़ा कष्ट से पालल ओह बेटा के धर्म अउरी न्याय के रक्षा खातिर गोली मार देतारी. ई फिल्म में माई के अपना बच्चा खातिर कुछु क जाए वाली दृढ़संकल्पित स्त्री के अलावा एगो भारतीय नारी के रूप भी दिहल बा जवन चंडी बन जाले जब ओकरा सामने अन्याय होला.

माई के दमदार किरदार वाली एगो अउर फिल्म बा- मॉम. एह फिल्म में श्रीदेवी माई के भूमिका में बाड़ी. फिल्म के कहानी एगो माई के बा जवन शिक्षिका बाड़ी आ अपना सौतेली बेटी के स्कूल में पढ़ावत बाड़ी. माई बहुत कोशिश करतारी कि उ बेटी उनका के माई कहे. एक बार बेटी के रेप हो जाता आ उ बिस्तर पर पड़ जा तिया. पुलिस प्रभाव मे आके केस रफा दफा कर देतिया. माई घायल शेरनी के जइसे बेटी के इंसाफ दिआवत बाड़ी. अंत में बेटी अपना सौतेली माँ के मॉम कहि देतिया जेकरा के सुने खातिर उनकर कान तरसत रहत बा. ई फिल्म माई के अपना संतान खातिर कवनो भी दुश्मन से लड़ जाए के कहानी कहत बा.

निर्देशिका अश्विनी अय्यर तिवारी के फिल्म नील बट्टे सन्नाटा में एगो नौकरानी माई अपना बेटी के अफसर बने के सपना खातिर सभ ताकत झोंक देत बाड़ी आ अंत में ओकरा के अफसर बनाइये देत बाड़ी. एही तरे माई के दमदार किरदार पर बॉलीवुड में अउर भी फिल्म बनल बा जइसे हेलीकॉप्टर ईला, पा, चाँदनी बार, वास्तव, सीक्रेट सुपरस्टार, जज्बा, कहानी आदि.

मदर्स डे पर इ सब त फिल्म आ गाना-बजाना के बात भइल. तनी ओल्ड एज होम के तरफ चलल जाय. तनी ओने चलल जाय जहाँ बेटा अमेरिका-इंग्लैण्ड में आ बेबस माई-बाप अकेले इण्डिया में आ एह कोरोना काल में केहू पूछ्निहार नइखे. इ त छोड़ी साहेब बेटा-बहू के साथ रहलो पर कुछ बुजुर्ग उपेक्षित बाड़े त हमरा अपने गाना के लाइन मन परता –

बबुआ भइल अब सेयान कि गोदिये नू छोट हो गइल

माई के अँचरा पुरान, अँचरवे में खोट हो गइल

मदर्स डे के सार्थकता तबे बा जब बबुआ माई के बुढ़ापा में ओइसहीं केयर करस जइसे माई बबुआ के बचपन में कइले रहली.

( लेखक मनोज भावुक भोजपुरी साहित्य व सिनेमा के जानकार हैं. )

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