होम /न्यूज /bhojpuri-news /Bhojpuri: द्वितीय विश्व युद्ध में ब्रिटेन का ओर से लड़े वाला कइसे बन गइल भोजपुरी सिनेमा के जनक

Bhojpuri: द्वितीय विश्व युद्ध में ब्रिटेन का ओर से लड़े वाला कइसे बन गइल भोजपुरी सिनेमा के जनक

.

.

नाजिर हुसैन एगो अइसन शख्सियत रहलें जे अपना जीवन में कई गो रंग देखलस. ऊ गाजीपुर के एगो गाँव उसिया में पैदा भइलें अउरी रे ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

एतने ना, ए बेरा 2000 करोड़ के कीमत वाली बन गइल भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के नींव भी रखलें अउरी कई गो यादगार फिल्म बनवलें. रउआ पढ़ के सोचत होखब, एगो आदमी अपना एके गो जीवन में का-का कर गइल. त महाराज, बहुत कुछ कर गइलें नाजिर हुसैन, पढ़ी विस्तार में –

नाजिर हुसैन कइसे बनले सिपाही
गंगा पार कमसार स्थित उसिया गाँव में 15 मई 1922 के नाजिर साहब के जनम भइल. उनके बाबूजी साहबजादा खान रेलवे में गार्ड रहनी आ लखनऊ में पोस्टिंग रहे, एही से बालक नाजिर के पालन-पोषण लखनऊ में भइल. बाद में उहवें से पढ़ाई-लिखाई के बाद रेलवे में फायरमैन के रूप में युवा नाजिर नौकरी जॉइन कर लेहलें. तब द्वितीय युद्ध के खतरा हर जगह मंडराए लागल रहे. ब्रिटेन भारत में भी सैनिकन के बहाली करत रहे ताकि ऊ विश्व युद्ध में ब्रिटेन खातिर लड़ सके. उनके जंग में तैनाती पहिले मलेशिया अउरी फेर सिंगापुर में भइल. ब्रिटेन जापान से जंग हार गइल तब लगभग 60 हज़ार सिपाहियन के साथे नाजिर हुसैन भी बंदी हो गइलें. उहाँ जापानी सेना के खूब अत्याचार भी सहे के पड़ल. नाजिर साहब कैद में ही आपन आ सिपाहियन के दुःख-दर्द भूले-भुलवावे खातिर लिखल आ अभिनय कइल शुरू कइलें. एक बार जब सुभाष चंद्र बोस जापान में भारत के बंदी सिपाहियन से मिले गइनी त नाजिर हुसैन के लिखल नाटक के मंचन उहाँ के सामने भइल. बोस ऊ नाटक देखके बहुत प्रभावित भइनी. सुभाष चंद्र बोस सिंगापुर रेडियो पर नाज़िर हुसैन के कार्यक्रम भी कई बेर सुनले रहनी. एही से ऊ नाजिर हुसैन से मुलाकात भी कइनी. ओही बेरा सुभाषचन्द्र बोस आजाद हिन्द फ़ौज के गठन भी करत रहनी. उहाँ के पेशकश पर नाजिर हुसैन भी आजाद हिन्द फ़ौज में शामिल हो गइलें अउरी साथी सिपाहियन के भी शामिल होखे खातिर प्रेरित कइलें.

नाजिर हुसैन सिपाही से कइसे बनलें स्टार अभिनेता
आजाद हिन्द फौज के विघटन आ भारत के आजादी के बाद जब नाजिर हुसैन भारत अइलें त कलकत्ता में न्यू थिएटर में नाटक करे लगलें. तब बिमल रॉय आजाद हिन्द फौज अउरी सुभाष चंद्र बोस पर फिल्म बनावे के चाहत रहलें. ऊ अइसन आदमी के तलाश में रहलें जे आजाद हिन्द फौज में रहल होखे. उनके मुलाकात नाजिर हुसैन से भइल अउरी ऊ नाजिर साहब के आवाज आ व्यक्तित्व से प्रभावित हो गइलें. लेकिन शुरू में नाजिर हुसैन फिल्मन में आवे के तइयार ना रहलें. उनके कवनो अइसन बैकग्राउंड रहल ना रहे, एही से उनके फिल्मन में आवे में अटपटा बुझाव. बाकिर दोस्तन के खूब कहला-सुनला पर ऊ बिमल रॉय के सहायक बनलें अउरी ‘पहला आदमी’ फिल्म के निर्माण भइल जवन 1950 में रिलीज भइल. नाज़िर साहब एह फिल्म में मुख्य भूमिका में रहलें. 28 बरिस के युवा एगो बुजुर्ग आदमी डॉ विजय कुमार के रोल कइलस, जवन बड़ा चर्चित भइल. एह फिल्म के पटकथा अउरी संवाद उहे लिखलें. ई पहिलके फिल्म उनके स्थापित कर देलस. ऊ स्टार बन गइलें. ऊ बिमल रॉय के फिल्मन के भी एगो स्थायी सदस्य हो गइलें अउरी उनके अधिकांश फिल्मन में लउकलें. बिमल रॉय के बनावल क्लासिक फिल्म दो बीघा जमीन, देवदास में भी नाजिर हुसैन के विशेष रोल रहे. नाज़िर हुसैन फिल्म ‘मुनीम जी’ में पहिला बार देवानंद के साथे दिखलें. एह फिल्म के पटकथा-संवाद भी उहे लिखले रहलें. देवानंद आ नाज़िर साहेब के दोस्ती एही जी से शुरू भइल आ आजीवन चलल. अपना करियर में ऊ लगभग 500 से अधिक फिल्मन में काम कइलें. ऊ हिन्दी सिनेमा के एगो मशहूर चरित्र अभिनेता के रूप में बहुत सफल भइलें.

हिन्दी फिल्मन के सफल अभिनेता कइसे रखलस भोजपुरी फिल्मन के नींव
नाजिर साहब तब बहुत व्यस्त रहलें, उनके लगातार फिलिम आवे. हर जगह उनके डिमांड रहे. एही दौरान उनके तत्कालीन राष्ट्रपति राजेन्द्र बाबू से मुंबई में एगो फिल्म समारोह में मुलाकात भइल. ओहिजा राजेन्द्र बाबू के बगल में बइठल नाज़िर हुसैन से परिचय भइल. जब राजेन्द्र बाबू जननीं कि नाज़िर हुसैन भोजपुरी भाषी हउअन त भोजपुरिये में कहनी कि रउआ जइसन भोजपुरी भाषी कलाकार बा तबो भोजपुरी में अभी ले कौनो फिल्म ना बनल? ई बात नाज़िर जी के मथे लागल. ऊ बड़ा तन्मयता से ‘गंगा मईया तोहे पियरी चढ़इबो; के स्क्रिप्ट लिखलें आ प्रोड्यूसर के तलाश करे लगलें. कई जगह गइलें बाकिर केहू भेंटाइल ना. भोजपुरी में फिलिमो बन सकेला, ई केहू सोचले ना रहे, एही से लोग पइसा लगावे से डेराव. ऊपर से तब फिल्म-निर्माण बहुत कठिन आ खर्चीला काम रहे. नाजिर साहब निराश होखे लागल रहलें तबले संजोग से उनके मुलाकात विश्वनाथ शाहाबादी से हो गइल. ऊ पइसा लगावे खातिर तैयार भइलें अउरी एह तरे भोजपुरी के पहिला फिल्म बनल जवन आवते भोजपुरिया क्षेत्र में एगो नया बाज़ार आ श्रोता वर्ग खड़ा कर देलस. 1962 में रिलीज भइल ओह फिल्म के बाद लोग भोजपुरी में फिलिम बनावे लागल बाकिर नाज़िर हुसैन के पहिला कदम बढ़ावे के पड़ल. नाजिर साहब के भोजपुरी में उल्लेखनीय फिल्मन में हमार संसार, बलम परदेसिया, रूस गइलें सइयां हमार, चुटकी भर सेनुर आदि बा.

उनके भोजपुरी फिल्मन में भोजपुरिया लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन आ लोक-रंग के प्रभाव सर चढ़ के बोलत रहल. बतौर निर्देशक ऊ बलम परदेसिया, रूस गइलें सइयां हमार जइसन सफल फिल्म देहलें. नाज़िर हुसैन के निधन 16 अक्टूबर 1987 के मुंबई में भइल. ऊ भले ए दुनिया के अलविदा कहि देहलन बाकिर लाखों लोगन के रोजगार आ करोड़ों लोगन के मनोरंजन के जरिया के रूप में भोजपुरी फिल्म उद्योग के निर्माण कर गइलन.

(लेखक मनोज भावुक भोजपुरी साहित्य व सिनेमा के जानकार हैं.)

Tags: Article in Bhojpuri, Bhojpuri

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें