Bhojpuri: अमेरिका में बाज रहल बा भोजपुरी के डंका, जानीं कइसे?

अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य. कैलिफोर्निया में एगो शहर बा सैन हौजे. राज्य के तीसरा सबसे बड़ शहर. सैन होजे के कैपिटल ऑफ सिलिकॉन वैली कहल जाला. दुनिया भर में सबसे अधिक आइटी कंपनी एही इलाका में असथापित बा. भारत के बहुत लोग ईहां काम करेले. सांझ के समय रहे. भारतीय समुदाय के लोग एगो सांस्कृतिक कार्यक्रम खातिर जुटल रहन.

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आरा टेशन से टरेन दिल्ली खातिर खुलल तs जैन कौलेज के हाता लउके लागल. ई देख के बीतल दिन इयाद आवे लागल. मन के किताब के पन्ना फड़फड़ाये लागल. एक-एक बात आंख के सोझा घूमे लागल. कलासरूम, पोरफेसर, साथी-संघतिया के बारे में सोचे लगनी तs बुझाये कि ई काल्हे के बात हs. हिंदी के पोरफेसर कपिलदेव पांडेय जी के पढ़ाई मन में आजो रचल बसल बा. कपिलदेव बाबू के ही आसीरबाद बा कि आज हमरा जइसन साधारन अदिमी भी दिल्ली के कौलेज में पढ़ा रहल बा.

कपिलदेव बाबू के चेहरा दिल-दिमाग में घूमे लागल. ऊहां के हिंदी अउर भोजपुरी के बहुत बढ़ावा देले रहीं. आरा के संघतिया मयंक मनोज बतवले रहन कि कपिलदेव बाबू के लइकी स्वस्ति पांडेय तs आज अमेरिका में भोजपुरी के मान-सम्मान बढ़ा रहल बाड़ी. चार दिन पहिले आरा में मयंक मनोज से भेंट भइल रहे. जब अमेरिका में भोजपुरी के बात आइल तs हमरो जिज्ञाषा बढ़ गइल. मयंक से स्वस्ति पांडेय जी के कहानी सुन के कपिलदेव बाबू के प्रति सरधा अउर बढ़ गइल.

आरा से कैलिफोर्निया
मयंक मनोज के बतावल बात दिमाग में सिनेमा के रील जइसन घूमे लागल. अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य. कैलिफोर्निया में एगो शहर बा सैन हौजे. राज्य के तीसरा सबसे बड़ शहर. सैन होजे के कैपिटल ऑफ सिलिकॉन वैली कहल जाला. दुनिया भर में सबसे अधिक आइटी कंपनी एही इलाका में असथापित बा. भारत के बहुत लोग ईहां काम करेले. सांझ के समय रहे. भारतीय समुदाय के लोग एगो सांस्कृतिक कार्यक्रम खातिर जुटल रहन . मंच पs कलाकार आ चुकल रही. ऊ अभी माइक टेस्ट करते रही कि एगो श्रोता उठ के कहे लगले, निमिया के डाढ़ मइया !!! निमिया के डाढ़ मइया !!! सब केहू उनका देने देखे लगले. केहू समझ ना पावल कि ऊ का कहल चाहत बाड़े. लेकिन मंच पs मौजूद कलाकार समझ गइली कि भोजपुरी के देवी गीत के फरमाइश हो रहल बा. कार्यक्रम में बंगाली, पंजाबी, गुजराती, दक्षिण भारत अउर अमेरिका के भी कुछ लोग शामिल रहे. गायिका असमंजस में पड़ गउली कि अतना बहुभासी लोग के बीच भोजपुरी के गीत कइसे पेश करीं. तब ऊ अपना पतिदेव के मदद लेली. उनकर पति सोफ्टवेयर इंजीनियर रहन. ऊ मंच पs अइले. निमिया के डाढ़ मइया गीत के अंगरेजी में पूरा बतवले. गीत के फरमाइश करे वला श्रोता फिजी के रहन अउर सैन हौजे में रहत रहन. फिजी में भोजपुरी बोलल जाला. उहो अंगरेजी-भोजपुरी में ई गीत के बारे में बतवले. एकरा बाद मंच पs साज-बाज के साथ बइठल कलाकार गावे लगली... निमिया के डाढ़ मइया लावेली झुलुहवा हो कि झुली झुली ना...

कैलिफोर्निया के सैन हौजे शहर में भोजपुरी
ई देवी गीत में सुर-ताल के अइसन रसधार बहल की सब लोग बेसुध हो गइले. गीत के भाव अउर मिठास में भासा के भेद खतम हो गइल. का मदरासी, का पंजाबी, का बंगाली, का अमेरिकी सभ केहू अइसे झूमे लागल जइसे आरा, छपरा बलिया के लोग बइठल होखे. गीत खतम भइल तs वन्स मोर ! वन्स मोर ! के अवाज गूंजे लागल. गायिका निमिया के डाढ़ मइया फेन गवली. एह तरीका से अमेरिका के सैन हौजे शहर में भोजपुरी के शुरुआत भइल देवी गीत से. ई बात हs 2006 के. गीत गावे वला रही आरा शहर के स्वस्ति पांडेय. उनकर पति तरुण कैलाश सैन हौजे में आइटी इंजीनियर बाड़े. उनकर पढ़ाई आइआइटी रुड़की में भइल बा. तरुण कैलाश जी भी आरा के ही रहे वला हंवे. ऊ खुद गीत-संगीत के बहुत अच्छा जानकार बाड़े. एकरा बाद स्वस्ति पांडेय अउर तरण कैलाश अमेरिका में भोजपुरी के बढ़ावा देवे खातिर जी जान से जुट गइल लोग. स्वास्ति पांडेय गायन अउर तबला वादन में प्रभाकर के उपाधि लेले बाड़ी. फिलॉस्फी के गोल्डमेडलिस्ट भी हई. ऊ अपने भोजपुरी गीत लिखेली अउर खुद संगीत में सजावेली. स्वस्ति जी दोसरा भासा के गीत के भी भोजपुरी में अनुवाद कर के गावेली.

न्यूयॉर्क, टेक्सास से ले के आस्ट्रेलिया- इंग्लैंड तक
स्वस्ति पांडेय –तरुण कैलाश के जोड़ी यूट्यूब चैनल बना के भोजपुरी गीत परचार करे लागल लागल लोग. भोजपुरी लोकगीत के साहित्यिक संदर्भ के साथ प्रस्तुत करे से पढ़ल लिखल समाज में एकतर लोकप्रियता बढ़े लागल. एकरा बाद पांडेय दम्पति के टेक्सास, न्यूयॉर्क से भी कार्यक्रम पेश करे खातिर निमंत्रण मिले लागल. आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड से बोलहटा आ गइल. आज स्वस्ति पांडेय अमेरिका में भोजपुरी संगठन भी बना लेले बाड़ी. ऊ अबहीं भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (पश्चिमी तट) के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बाड़ी. अब तक बीसो अमेरिकी शहर में ऊ आपन पोरगराम कर चुकल बाड़ी. जब छठ के समय आवे ला तs रोडियो शिकागो से उनकर छठ गीत भी परसारित होला. तरुण कैलाश जी भी भोजपुरी के नया ऊंचाऊ देवे के कोशिश में जुटल बाड़े. ऊ आइटी इंजीनियरिंग के पढ़ाई के आसान बनावे खातिर भोजपुरी में एगो किताब लिख रहल बाड़े. तरुण कैलाश जी के सफलता खातिर मने-मने मनौती मंगनी. हमार मन सोचे लागल कि अगर इजरायल में मेडिकल अउर इंजीनियरिंग के पढ़ाई हिब्रू भासा में हो सकेला तs हमनी के भोजपुरी में ई सपना काहे ना देख सकिना जा. (अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ स्तंभकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

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