Bhojpuri: पंचाइत चुनाव - दिन में भोज-भात राती खा नाच, भोट के भांज में मुखिया कंडिडेट

परसासन कोरोना से बचाव खातिर नियम बनवले रहे कि भोजभात में दू सै से अधिका अदिमी ना जामा होइहें. दू गज दूरी के पालन एकदम जरूरी बा. लेकिन भोज खाये के जोश में केकरो नियम पालन के होश ना रहल. पूड़ी-बुनिया चांपे खातिर लोग मधमाछी लेखा भिनभिनाये लागले. एक पांत उठे ना कि दोसर पांत बइठ जाय. पहिले बइठे खातिर ठेलमठेल भी भइल.

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  • Last Updated: April 12, 2021, 2:37 PM IST
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गांव-तेतरी, बलौक- चेनारी, जिला- रोहतास. आज गांव में भोरे से चहल-पहल रहे. दिन में भोज अउर राती खा नाच. परसासन कोरोना से बचाव खातिर नियम बनवले रहे कि भोजभात में दू सै से अधिका अदिमी ना जामा होइहें. दू गज दूरी के पालन एकदम जरूरी बा. लेकिन भोज खाये के जोश में केकरो नियम पालन के होश ना रहल. पूड़ी-बुनिया चांपे खातिर लोग मधमाछी लेखा भिनभिनाये लागले. एक पांत उठे ना कि दोसर पांत बइठ जाय. पहिले बइठे खातिर ठेलमठेल भी भइल. भोज में भीड़ जुटला के खास कारण भी रहे. राती खा नाच के पोरगराम रहे. आरकेसटरा के नामी डांसर के आवे के हाल्ला रहे. ई सुन के जवार के लोग भी आ गइले. मुफतिया भोजन, मुफतिया डांस. राती खा जब नाच शुरू भइल तs कोरोना के नियम चल गइल बूंट लादे. आगा बइठे खातिर जवन झक्काझूमर भइल कि पूछीं मत. रगड़ा-रगड़ी, धाक्का-धुक्की सभ भइल. केहू मास्को ना लगवले रहे. ई भोज अउर नाच के इंतजाम कइले रहन मुखिया के चुनाव लड़े वला गांवहीं के एगो कंडिडेट. चुनाव के तारीख के अभी एलान भइल नइखे लेकिन तबहुओं ऊ भोट के भांज में पहिलहीं से लाग गइल बाड़े. कोरोना के नियम के तूर के जब नाच-भोज भइल तs एकर शिकाइत थाना में पहुंच गइल. मुखिया कंडिडेट चुनाव का लडिहें, अब उनका के पुलिस खोज रहल बिया.

नाच-भोज से केहू मुखिया बन जाई ?

नागमनी, चनरिका, नगीनदर महुआ के छांह में बइठ के बतियावत रहे लोग. नागमनी कहले, का हो नगीनदर ! नाहिंयो तs काल्ह भोज अउर नाच में किशुन चा के लइका के पचास हजार रोपेया गल गइल होई. अबहीं तs नमनेसनो नइखे भइल आ अतना रोपेया रुआ के फाहा लेखा उड़ गइल. चुनाव होत-होत केतना रोपेया खर्चा होई ? नगीनदर कहले, सरकार के नियम के मोताबिक मुखिया के चुनाव में केहू 40 हजार से अधिका रोपेया ना खर्चा कर सकेला. लेकिन ई नियम के केतना कंडिडेट पालन करिहें ? अपने गांव में देख लs. गांव अभी बसबो ना कइल कि जोगी फेरा लगावे लगले. का खिअवला-पिअवला अउर नाच देखवला से केहू मुखियी बन जाई ? अगर अइसने होइत तs सभ पइसा वला मुखिये-परमुख बन जइते. अब केहू गोइंठा में घीव सुखाई तs दोसर कोई का करी ?

मुर्गा-भात के भोज से बन गइल रहन मुखिया
चनरिका कहले, 2016 के पंचाइच चुनाव इयाद बा ? चेनारी बलौक के एगो मुख्या के बारे में हाल्ला रहे कि ऊ मुर्गा-भात के भोजे पs चुनाव जीत गइल रहन. ऊ मुर्गी के फारम हाउस खोलले रहन. घर के मुर्गी दाल बराबर. गांवें- गांव मुर्गा भात को भोज दे के आपन भोट बैंक बना लेले रहन. जे, जे मुर्गा टनले रहे ऊ त भोट देलहीं रहे, अपना लाग-भाग में दोसरो से दिअवले रहे. अइसन मुखिया लोग आगा का करी एकरो नमूना मिल गइल. दू महीना पहिलहीं नू चेनारी बलौक के आठ मुखिया के पद से हटा दिहल गइल रहे. जे चुनाव में बेहिसाब खर्चा करी ऊ चुनाव जीतला के बाद लूट-पाट तs करबे करी. आरोप लागल कि इ नवो मुखिया कागज पs जोजना देखा के टोटल फंड अपना पाकिट में भर लेले रहन. जब जांच भइल तs जमीन पs कवनो कामे ना भइल रहे. लेकिन अब कमाये-खाये वला मुखिया लोग के धर-पकड़ तेज हो गइल बा. पंचाइत के खर्चा के ऑडिट करावल जरूरी बा. जब ले मुखिया ओकर रिपोट ना जामा करिहें तब ले ऊ चुनाव ना लड़ सकस.

कहीं खराब तs कहीं निमन

नगमनी कहले, कल्हे नू पटना जिला के पुनपुन से एगो हित आइल रहन. ऊ कहत रहन कि उनको गांव में पंचाइत चुनाव के हलचल बा. कतना आदिमी खादी के कुर्ता-पैजामा सिया के घूम रहल बाड़े. केहू अपने लड़े खातिर बेचैन बा तs केहू मेहरारू खातिर हथजोड़िया कर रहल बा. कतना काम हवे हवाई बा. उनका पंचाइत के बहुत पहिले खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिहल गइल रहे. लेकिन आजो रोड के किनारा गांदा के गांदा रहे ला. भोर में तs अइसन हाल रहे ला कि रोड पs चलल मोसकिल हो जाला. लेकिन इहो ना कहल जा सकेला कि सभ पंचाइत में गडबड़िये बा. कतना मुखिया अपना काम से ना खाली बिहार में बलिक देश भर में नाम कमा लेले बाड़े. सीतामढ़ी जिला के राज सिंहवहिनी पंचाइत के मुखिया रितु जायसवाल के ना जाने. उनका उपराषट्रपति से पुरस्कार मिलल बा. उनका काम के अतना डंका बाजल कि 2020 के बिधानसभा चुनाव में राजद टिकट भी देले रहे. बहुत कम भोट से ऊ हारल रही. सीतमढ़ी के बगाड़ी पंचाइत, नालंदा के कोसियंवा पंचाइत के निमन काम करे खातिर देश भर में पहिला पुरस्कार मिलल रहे. केन्द्र सरकार से दस-दस लाख के इनाम भी मिलल रहे. अक्सरहां महिला मुखिया के लोग काबिल ना माने . लेकिन दरभंगा के केवटी पंचाइत के मुखिया नासरा बेगम के राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार मिलल रहे. नागमनी के बात पs नगीनदर कहले, निक-जबून तs हर जगे होला, बेवस्था अइसहीं चलेला. ई बात पs चनेसर भी हुंकारी भर देले. (लेखक अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ स्तंभकार हैं.)




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