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Bhojpuri में पढ़ें- कांग्रेस में मचल बा कोहराम त जातीय जनगणना पर बिहार में बवाल

Bhojpuri में पढ़ें- कांग्रेस में मचल बा कोहराम त जातीय जनगणना पर बिहार में बवाल

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कांग्रेस दिन बहुरे खातिर कोशिश त करतिया, बाकिर जेतने सझुरावे के उपाय होता, ओतने ऊ अझुरात जातिया। पंजाब में सिद्धू का कहला पर कैप्टन के हटवलस त ऊ खिसियाइल बाड़े आ एने सिद्धू आपन दबदबा ना देख के इस्तीफा दे दिहले बाड़े। ओने बिहार में जातीय जनगणना पर बवाल मचले बा।

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  • News18Hindi
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पांव लागीं मलिकार ! पोलटिक्स में एह घरी गजबे हौआहेल मचल बा। केहू खिसियाता, केहू के मनौवल होता, केहू भागता त केहू आवता। एही बीचे बिहार में राम, बैकवाड-फारवाड आ जातीय जनगणना के लेके बवाल मचल बा। आज पांड़े बाबा पोलटिक्स के ई कुल कथा-कहानी सुनावत रहुवीं। उहां के इहो कहुवीं कि एगो मोदी जी के मुखालफत खातिर सगरी पाटी कवनो ना कवनो कोर कसर खोजत रहतारी सन। कबो एकवट होखे के बतकही होता त कबो अपने में सिरफुटौवल होता। एने से ओने भागे के त होड़ लाग गइल बा। ना केहू के कवनो असूल रह गइल बा आ न कवनो सिद्धांत। सभे सुतार खोज रहल बा। जेकरा जेने सुतार मिलता, ऊ ओनहीं सरक लेता।

पांड़े बाबा कांग्रेस के खबर सुनावत रहुवीं। उहां के बतावत रहुवीं कि कमलिस पाटी के कन्हैया कुमार कांग्रेस में चल गइले। उनका संगे गुजरात के एगो निर्दल एमएलए जिग्नेश भी आइल बाड़े। बाकिर जिग्नेश अबे खाली समर्थन करिहें, जायन (ज्वाइन) ना करिहें। उनका डर बा कि जायन कइला से उनकर एमएलए पद छिना जाई। ई कुल एने होते रहल हा, तले पंजाब में सिद्धू साहेब इस्तीफा दे दिहनी। उहां के संगे-संगे तीन जने अउरी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिहले। केहू पाटी के खजांजी रहल हा गुलजार इंदल, उहो इस्तीफा दे दिहले। संगे-संगे महासचिव जोगिन्दर ढिंगरा आ एगो मंतरी रजिया सुल्तान भी इस्तीफा दे दिहल लोग। कांग्रेस में आवे वाला लोग के स्वागत के तैयारी एने दिल्ली में चलत रहे आ ओने पंजाब से दनादन इस्तीफा सोनिया जी के लगे पहुंचे लागल।

पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि अबे ले इहे मानल जात रहल हा कि कमलिस पाटी आ फूल छाप पाटी से लोग जल्दी कहीं ना जाला। एकरा के कट्टर वाली पाटी कहल जाला (मलिकाइन कैडर के कट्टर लिखले बाड़ी)। कन्हैया कुमार अइसने कमलिस पाटी के मेंबर रहले हां। उनका के पाटी में कवनो बड़हन पदो मिलल रहल हा, जवन नया लोग के जल्दी ना मिले। तबो ऊ कमलिस पाटी छोड़ के कांगरेस में चल गइले। जात-जात ऊ पटना आफिस से आपन एसी भी लेले गइले। दिल्ली में कवनो जनेऊ (जेएनयू के मलिकाइन जनेऊ लिखले बाड़ी) में ऊ पढ़े वाला लड़िकन के नेता रहल बाड़े। देश के खिलाफ नारा लगावे के उनका पर आरोप लागल रहे। थोर दिन जेलो में रहले।

जेल से निकलला के बाद कबो लालू जादो के बेटा तेजस्वी से सेटिंग करे में लगले त कबो नीतीश कुमार के तीर छाप के संगे गोटी भिरावे के कोशिश कइले। कहीं जोगाड़ ना बइठल त कमलिस पाटी के टिकट पर बिहार के बेगूसराय सीट से एमपी के चुनाव लड़ले। कम उमिर में पाटी में उनकर बढ़त कद देख कमिलस पाटी के कई लोग के पहिलहीं से शक रहल हा। आखिर उहे भइल। अब ऊ कहतारे कि देश खातिर कांग्रेस के बनल रहल बहुत जरूरी बा।

पांड़े बाबा कहत रहुवीं कि राहुल गांधी के सलाहकार एह घरी परशांत किशोर भइल बाड़े। ऊ समझवले बाड़े कि बुढ़ऊ लोग के किनारे कइल जाव आ जवान लोग के पाटी में ले आवल जाव। एकरा बाद कन्हैया आ जिग्नेश के कांग्रेस अपना पाटी में ले आवे के कोशिश कइलस आ कामयाब हो गइल। एही के कहल जाला मलिकार कि घर के जोगी जोगड़ा, आन गांव के सिद्ध। कांग्रेस आपन जवान नेता जोतिरादित सिंधिया के ना संभार पवलस। सचिन पायलटो खिसियाइले रहेले। सिद्धू कगरियाइए गइले। गोवा के कवनो मुखमंतरी रहल बाड़े कांग्रेस नेता फलेरियो साहेब, ऊ ममता दीदी के पाटी में जा तारे। आवाजाही अइसन लागल बा कि कांगरेस जेतने संभरे के कोशिश करतिया, ओतने अझुराइल जा तिया।
एने बिहार में जात गिनती के सवाल पर नीतीश भलहीं ललटेन छाप नेता तेजस्वी के संगे बाड़े, बाकिर उनका के हड़बड़ावे खातिर रोजे तेजस्वी कुछ ना कुछ उटपटांग सुना रहल बाड़े। नीतीश जी के हाल सांप-छछुंदर वाला हो गइल बा। ना लीलते बनता, ना उगिलते। एही बीचे नीतीश जी के मंतरी विजेंदर चौधरी कह दिहले कि अब बिहार के विशेष दरजा के मांग तीर छाप पाटी ना करी।

जात गिने पर साथ देबे वाला तेजस्वी के कहनाम बा कि तीर छाप पाटी भले ई मांग छोड़ देव, बाकिर ललटेन छाप ए मांग के जारी राखी। ऊ त दावा करतारे कि जहिया ललटेन छाप के सरकार बनल, मोदी जी के बिहार आ के विशेष दरजा देबे के एलान करे के परी। नीतीश जी के संगे रहे वाला जीतन राम मांझी एने अलगे बखेड़ा खड़ा कइले बाड़े। ऊ राम जी के पीछे त लागले रहले हां, अब त इहो कहतारे कि फारवाड लोग विदेश से भारत में आइल बा। हमरा बुझाता मलिकार कि बिहार के नेता लोग के माथा में तरक्की के बतकही कबो ना झुकी। ई लोग खाली जात-पात, ऊंच-नीच में अझुराइल रही। लोगवो अइसने बा मलिकार। जवन रोगिया के भावे, तवन बैदा फरमावे।

गांव-जवार के हाल ठीक बा मलिकार। मकई कटाये लागल बा। लीलगाय अइसन कइले बाड़ी सन कि बाल त घरे नइखे आवत, खाली मकई के डांठ के बोझा काट के आवता। होरहा के नेवानी हो गइल, उहे ढेर बा। बुझाते नइखे कि अब कवन फसल रोपल-बोअल जाव, जवन बानर-लीलगाय के ना रूचत होखे। बड़ी तबाही मचवले बाड़ी सन। बरखा रूकल रहल हा, बाकिर काल्ह-परसों से फेर धरियाइल बा। खाली बरिसते नइखते मलिकार, ठनको गिरता। दू-तीन दिन में नौ-दस आदमी के ठनका से मुअला के खबर सुनाइल बा। पांड़े बाबा बतावत रहुवीं कि अबे तीन-चार दिन ठनका-बरखा के खतरा बा। बरखा होत में बाहर निकलला भा पेड़ के नीचे खड़ा होखे से उहां के मना करत रहुवीं।
राउर, मलिकाइन

(ओमप्रकाश अश्क वरिष्ठ पत्रकार हैं। आलेख में व्यक्त विचार उनके निजी हैं।)

Tags: Bhojpuri Articles, Bhojpuri News, Navjot singh sidhu

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