Bhojpuri: ‘आज जेल होई, काल्ह बेल होई, परसों से उहे खेल होई’, भोजपुरी एल्बम में बढ़त माफिया कल्चर

हाल ही में रितेश पांडे (Ritesh Pandey) के एगो भोजपुरी गाना (Bhojpuri Song) रिलीज भइल ह, जवना के नाम ‘आज जेल होई, काल्ह बेल होई, परसों से उहे खेल होई (Aaj Jail Hoyi, Kalh Bail Hoyi)’ ह. एह गाना के रिलीज भइला के बाद सवाल उठत बा कि का पंजाबी गाना के जइसे भोजपुरी में भी माफिया कल्चर के बखान होखे लागल?

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भोजपुरियो एल्बम पंजाबी एल्बम के तरे माफिया कल्चर के महिमा मंडन करत आइल बा. बिना ई सोचले कि एह गाना कुल के समाज पर, खासकर युवा वर्ग पर का प्रभाव पड़ी. का ओकनी का ई सब देख के बंदूक चलावल, अपना स्टेटस भा जाति के धौंस जमावल, हिंसा कइल ना सिखिहsसन. युवा वर्ग के मानसिकता होला कि फिल्म भा गाना के अनुसरण कर के उ अपना के सबसे उत्कृष्ट समझेला भा नया भाषा में कहीं त कूल समझेला. अगर हमनी का अपना आस-पास नजर दौड़ाएब जा त जवान लइका-लइकी के अइसन अनगिनत उदाहरण मिल जाई कि कइसे ओकनी का एल्बम आ फिल्म के स्टाइल धड़ल्ले से कॉपी करत बाड़ें सs ताकि ओकनी के कूल बन जा सन आ मॉडर्न सोसाइटी ओकनी के स्वीकार करे. जबकि ई कूल बनला के चक्कर में पूरा पीढ़ी फूल बन रहल बा.

कहल जाला गीत-संगीत के बिना जीवन नीरस होला. कहल जाला सिनेमा समाज के आईना होला. जवन समाज में होता उ सिनेमा आ गीत-संगीत में चित्रित कइल जाला. बाकिर एकर एगो कड़वा सच इहो बा कि जवन सिनेमा-एल्बम में होला ओकर समाज पर बहुत असर पड़ेला. रउआ सुनले होखब कि ईया-बाबा के जमाना में देवानंद के करिया कपड़ा के लोग एतना फैन रहे कि ओसहीं कपड़ा सिआवे लागल लोग. अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना आ मिथुन के हेयर स्टाइल से लेके मैनेरिज्म नकल कइल गइल. तेरे नाम के राधे के हेयरकट के लोग दीवाना हो गइल जेकरा चलते गाँवन में मांग-फरवा लइका जइसन विशेषण प्रचलित भइल.

अइसन कई गो अपराध के जब तहकीकात भइल त पता चलल कि ओकर दोषी कवनो फिल्म भा सीरियल से प्रेरणा लेके अपराध के अंजाम देहलस. कई बार त थ्रिलर फिल्मन के युक्ति के सहारा लेके शातिर अपराधी अपराध के गुत्थी अइसन उलझा देहले सन कि पुलिस के मामला सुलझावत में हालत पंचर हो गइल. गाजियाबाद में कुछ साल पहिले एगो घटना घटल रहे जे में एगो लइका डर फिल्म में शाहरुख के किरदार से एतना प्रभावित रहे कि उ अपना पागलपन के प्यार बुझ लेहलस आ एगो लइकी से इजहार करे खातिर आपन बढ़िया नौकरी छोड़ के ओकरा घर के आस-पास ऑटो चलावे. उ रोज एह इंतिज़ार में ऑटो चलावे कि कहियो त उ लइकी हमरा ऑटो में बइठी आ हम ओकरा से दिल के बात कहब. संजोग से कुछ महिना बाद उ लइकी ऑटो में बइठ गइल. लइका ओकरा के अकेले बइठवलस आ ऑटो के ओकरा घर वाला एरिया में ना ले जाके कवनो सुनसान जगह ले गइल आ ओकरा से अपना दिल के सब हाल कहि देहलस. लइकी एकदम डेरा गइल. उ शोर मचावे लागल त लइका ओकरा के कवनो सुनसान जगह कैद क देहलस आ ओकरा के तनिको चोट ना पहुंचवलस. बस ओकरा के बियाह खातिर तैयार करे के मनावे आ खूब ख्याल रखे. पुलिस के ओकर पता लाग गइल आ लइकी के छोड़ा ले आइल. लइका पकड़ा गइल बाकिर ओकरा चेहरा पर शिकन ना रहे. उ कहे कि हम प्यार खातिर ई सब कइनी हँ. उ अपना बेआन में कहलस कि उ डर फिल्म देख के प्रेरणा लेहले रहे. हम प्रतीक के रूप में रउआ के एगो घटना बतवनी ह जबकि अइसन बहुते घटना हो चुकल बा.

भोजपुरिए एल्बम के भड़काऊ गाना के नतीजा ह कि बिहार-पूर्वी यूपी में आर्केस्ट्रा पर एक टाइम बैन लाग गइल, तबो उ चोरी छुपे चलबे करे. बाद में पुलिस प्रशासन के अनुमति लेहला पर आर्केस्ट्रा बोलावे के प्रावधान भइल. अइसन सालों से होत आइल बा, अभियो होला कि आर्केस्ट्रा जहां आवेला, उहाँ मार जरूर होला, ना कुछ होई त धाका-धुकी जरूर होई. हम अपना आँखी के सामने भीषण लाठीबाजी, तंबू-फराई, कुर्सी-तुराई, पीठ-फराई आ हाथ-गोड़ तुराई देखले बानी.

भोजपुरी में एक बेरा एगो गाना हिट रहे, ‘चली समियाना में आज तहरे चलते गोली’. कल्लू ई गाना गा के त हिट हो गइलें, फिलिम में करियर बना लेहलें बाकिर एह गाना के बोल सुन के लवंडा-लफाड़ी से लेके अधेड़वन आ बुढ़वन ले में जवन जोश जागल अउरी ओकरा चलते समियाना में छेद भइल, उ अनगिनत बा. बहुते टेंट वाला लोग के चुना लागल. पवन सिंह अइसन तोडू-फोडू गाना के मास्टर हवें. एगो गाना गवलें, ‘मुखिया जी मन होखे त बोलीं, नाही त रउआ खाईं बरदास वाला गोली’. ई गाना सुनके मुखिया जी आ उनके बेलचा लोग खूब गोली चलावल लोग. दरोगा बाबू आई लव यू के आइटम सॉन्ग ‘ए जादो जी बोलीं कहवाँ ले जाइब’ भी आर्केस्ट्रा में खूब चलल आ लोग नोट के बौछार कर दिहल. जुलुम आ बेहूदगी नाचे वाली लइकियन पर भइल. ओकनी के जबरदस्ती छूवे, छाती प हाथ धरे आ रेप तक के घटना घटल.

आजकाल बाबुआन आ अहिरान के जातिसूचक गीतन के त हल्ला बटले बा आ ओकरा चलते आर्केस्ट्रा में हो रहल बवाल पर हरदमे खबर छपेला. साँच बताईं त जवना बेटी के बाप के जब ई पता चलेला कि बारात में आर्केस्ट्रा आइल बा त ओकर हाथ छातिए पर रहेला एह बात से ना कि बेटहा कवनो अलबल डिमांड ना कर दे बाकिर एह बात से कि आर्केस्ट्रा में बवाल ना मच जाव, बंदूक-लाठी ना चल जाव.

रितेश पांडे के एगो गाना बड़ा ट्रेंड में बा, ‘आज जेल होई, काल्ह बेल होई, परसों से उहे खेल होई’. वीडियो में रितेश पांडे बाहुबली बनल बाड़ें, खूब गन चमका रहल बाड़ें, आपन धौंस जमा रहल बाड़ें. बाकिर नैतिकता के पॉलिश करे खातिर उनके गरीबन के मसीहा देखावल बा. कहे के माने केतनो सफेदी पोता जाव भा बचाव में दलील दिआ जाव बाकिर ई माफिया कल्चर भोजपुरी संगीत देखे सुने वाला युवा वर्ग पर बहुते खतरनाक असर डाल रहल बा. ओकर सीधा असर रउआ बिहार, यूपी, झारखंड के अखबार उठा के देख सकीलें कि केतना तेजी से युवा सोशल मीडिया पर आ समाज में कूल बनला के चक्कर में अपराध अउर हिंसा के चंगुल में फंस रहल बाड़ें.

ध्यान राखीं, समाज के छोट क्रूर सचाई पर्दा पर विकराल रूप ले लेला. फेर उ क्रूरता आ गंदगी समाज में अउर तेजी से फ़इलेला. एह से बिल्कुल ध्यान रखे के जरुरत बा कि मनोरंजन के लुभावना पैकेट में हमनी के का परोस रहल बानी जा.

(लेखक मनोज भावुक भोजपुरी साहित्य और सिनेमा के जानकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

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