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Bhojpuri Spl: जब लालूजी के बेल मिलल रहे तs हाथी पs निकलल रहे जुलूस

बेल के जिरह में कानूनी नोख्ता पासा पलट देला. एही से लालू यादव के एकबार फिर से जमानत याचिका खारिज हो गइल. दुमका ट्रेजरी केस में ई बात साबित ना भइल कि लालूजी के सजाय आधा पूरा भइल बा. दू महीना सात दिन के कमी रह गइल एह से बेल ना मिलल.

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बिहार बिधानसभा के बजट सत्र शुरू बा. बिधायक लोग के पटना में डेरा जम गइल बा. एमएलए फ्लैट के अगल-बगल भीड़भाड़ बा. बिधायक लोग के समर्थक के भी जुटान होखे लागल बा. मुखिया जनक किशोर, एडभोकेट रेवतीरमण अउर राधामोहन अपना क्षेत्र के बिधायक के हाता में बइठ के गप मारत रहन. जनक किशोर कहले, बहुत उमेद रहे कि लालूजी के जमानत मिल जाई लेकिन आस पूरा ना भइल. कपिल सिब्बल जइसन धुरंधर वकीलो लालूजी के बेल ना दिया पवले. एतना सुन के एडबोकेट रेवती रमण कहले, बेल के जिरह में कानूनी नोख्ता पासा पलट देला. दुमका ट्रेजरी केस में ई बात साबित ना भइल कि लालूजी के सजाय आधा पूरा भइल बा. दू महीना सात दिन के कमी रह गइल एह से बेल ना मिलल. राधामोहन कहले, सब समय-समय के बात हs. आज लालूजी के बेल खातिर सभे टकटकी लगवले बा लेकिन एगो उहो समय रहे जब उनकर बेल पs रिहाई भइल रहे तs हाथी पs जुलूस निकलल रहे.

बेल मिलल तs हाथी पs बइठ के घरे गइले लालूजी
मुखिया जनककिशोर पूछले, ई कब के बात हs ? राधामोहन कहले, चारा घोटला केस में लालूजी पहिला बेर 30 जुलाई 1997 के जेल गइल रहन. 137 दिन जेल में रहला के बाद 12 दिसम्बर 1997 के पहिला बेल मिलल रहे. एकरा बाद लालूजी 28 अक्टूबर 1998 के दूसरे बेर जेल गइले. एह केस में बेल मिलला के बाद लालूजी 9 जनवरी 1999 के जेल से रिहा भइले. ओह घरी लालूजी पटना के बेउर जेल में बंद रहन. जब लालूजी बेउर जेल से बहरी निकलले तs ऊ हाथी पs बइठ के अपना घरे पहुंचले. हाथी पs बइठल लालूजी के जुलूस में खूब नारेबाजी भइल रहे. उनकर समर्थक रोड पs खुशी में झूमत जात रहन. राबड़ी देवी के सरकार रहे. शासन-प्रशासन सब कुछ देख के भी अंजान रहे. कहल जाला कि लालूजी एह जुलूस के बहाने आपन बिरोधी लोग के ताकत देखावल चाहत रहन. उ ई बतावल चाहत रहन कि जेल गइला के बादो उनकर लोकप्रियता बरकरार बा. अगिला दिन टाइम्स ऑफ इंडिया में लालूजी के हाथी पs चढ़ल फोटो भी छपल रहे.

दिल्ली भी आइल चाहत रहन हाथी पs चढ़ के
राधामोहन एगो अउर घटना बतावे लगले. लालूजी के जेल से निकलला के बाद हाथी पs चढ़ के जुलूस निकलला के बहुत चर्चा भइल रहे. एह घटना के करीब एक हफ्ता बाद लालू जी के दिल्ली जाये के रहे. 25 जनवरी 1999 के लालू जी के दिल्ली पहुंचे के रहे. लालूजी अपना समर्थक लोग के कहले रहन कि हवाई अड्डा पs हाथी तइयार रखिहs लोग. हम हाथी पs चढ़ के दिल्ली आइब. लेकिन दिल्ली सरकार राजद नेता लोग के हाथी पs जुलूस निकाले के मंजूरी ना देलस. यातायात बेवस्था बिगड़े के हवाला देके प्रस्ताव खारिज कर देल गइल. ओह घरी अंग्रेजी इंडिया टूडे में एगो खबर छपल रहे, राजद प्रमुख लालू यादव को दिल्ली में हाथी की सवारी के लिए मंजूरी नहीं. लोग के कहनाम रहे कि लालू यादव बिहार के राजा हो सकत बाड़े लेकिन दिल्ली में उनका नियम के मोताबिक ही चले के पड़ी.

जब प्लेन में काजू खाय़े खातिर लालूजी कइले मजाक
राधामोहन के बात पs रेवती रमण कहले, लालूजी के राजनीत के रंग निराला रहल बा. ऊ चाहे जेल जास चाहे निकलस, दूनो स्थिति के अपना हक में इस्तेमाल करत रहन. 2002 में लालूजी स्पेशल कोर्ट में पेशी खातिर जब रांची गइल रहन तs उनका साथे अनगिनत कार के काफिला रहे. लालूजी कवनो बिधि से चर्चा में रहल चाहत रहन. अइसहीं अगस्त 2018 में जब ऊ रांची कोर्ट में सरेंडर करे जात रहन तs उनका चेहरा पs तनिको शिकन ना रहे. एह मोसकिल समय में भी ऊ हंसी-मजाक करे लगले. लालू जी हवाई जहाज से रांची जात रहन. उनका साथे पत्रकार लोग भी रहे. लालूजी एक के बाद एक इंटरव्यू देवे लगले. बोलत-बोलत लालूजी थाक गइल रहन. ऊ कुछ देर सुस्ताइल चाहत रहन कि फेन एगो पत्रकार इंटरव्यू खातिर पहुंच गइले. तब लालूजी के मजाक सूझल. लालूजी एयर होस्टेस से कहे लगले, सिस्टर ! सिस्टर देखिए ई लोग हमको काजू नहीं खाने दे रहा है. हम इतना महंगा टिकट लेकर जात्रा कर रहे हैं और अभी सब काजू बचा ही हुआ है. एतना सुनला के बाद सभे कोई हंसे लागल. सरेंडर कइला के बाद लालूजी के जेल होखे वला रहे लेकिन तबो ऊ हंसे-हंसावे के बात सोचत रहन.

जज से कम सजाय के गोहार
एडभोकेट रेवती रमण कहले, लालूजी जज साबेह से भी हंसी मजाक के बात कर लेत रहन. जनवरी 2018 में जस्टिस शिवपाल सिंह के अदालत में लालूजी के केस (देवघर ट्रेजरी) के सुनवाई चलत रहे. लालूजी जज साहेब से कहले, हुजूर तनी ठंढा दिमाग से हमरा पs बिचार करब. कम से कम सजाय देवे के बारे में सोचब. तब जज साहेब कहले, आपके शुभचिंतक दूर-दूर से फोन कर रहे हैं. मैं इनसे कह देता हूं कि मुझे भी पता नहीं कि केस में क्या फैसला आएगा. तब लालूजी कहले , मैंने भी लॉ की डिग्री ली है. पटना हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों जगह रजिस्ट्रेशन है. एह बात पs जज साहेब कहले, आपको डिग्री दिखानी चाहिए. लालूजी मोसकिल से मोसकिल समय में भी हंसी-मजाक से लोग के अचरज में डाल देत रहन. बतकही होते रहे कि बिधायकजी उहां गइल. बिधायकजी के देख के तीन जना चुप लगा गइले. (लेखक अशोक कुमार शर्मा जी वरिष्ठ स्तंभकार हैं.)

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