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Bhojpuri Spl: महाशिवरात्रि विशेष- सगरे बदनवा में साँप रे साँप... जीवन के हर भाग में मिलिहें शिव!

शिव (Lord Shiva) भोजपुरी लोक जीवन (Bhojpuri Culture) आ लोक कला के हर भाग में मिल जानी. शिव के तांडव नृत्य (Shiva Tandav) आ उहां के डमरू से निकलल ध्वनि ही एह ब्रह्मांड में कला आ संगीत के सर्जक बा. शंकर के नटराज रूप के पूजा हर कला में कइल जाला.

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गाय के गोबर महादेव अंगना लिपाय...
सुनी ए शिव, शिव के दोहाय...
ई लोक गीत रउआ अमूमन भोजपुरी भाषी परिवार में सुने के मिल जाई. कवनो भी शुभ काम के शुरुआत में ई गीत शगुन के तौर पऽ सबसे पहिले गावल जाला. अइसन मानल जाला कि भगवान शिव जे आदि अउर अंत दूनू के कारक हईं उहां के स्मृति मात्र से राउर कार्य पूर्ण हो जाला. शिव भोजपुरी लोक जीवन आ लोक कला के हर भाग में मिल जानी. शिव के तांडव नृत्य आ उहां के डमरू से निकलल ध्वनि ही एह ब्रह्मांड में कला आ संगीत के सर्जक बा. शंकर के नटराज रूप के पूजा हर कला में कइल जाला.

फागुन के मौसम में बिहार, उत्तर प्रदेश के भोजपुरी क्षेत्रन में फगुआ गावल जाला जेहमें भगवान शंकर के स्मरण कइल जाला, जइसे-
बाबा हरिहर नाथ...सोनपुर में रंगवा लूटे...
ई गीत आजुओ सर्वाधिक प्रचलित फगुआ गीत में से एगो बा.

एकरा बाद चइत के महीना में चइता गावे के चलन बा. उदाहरण खातिर एगो चइता जेहमें शिव आ पार्वती जी के एगो प्रसंग आवेला...
होत भिनुसरवा शिव जी जगावे ए राम उठऽ गउरा...भंगिया रगरी पिआवऽ ए राम, उठऽ गउरा…
ई भैरवी हऽ. भैरवी भोर (ब्रम्ह मुहूर्त) में गावल जाला.

सावन तऽ पूरा शंकरे जी के हऽ. एह महीना में भोजपुरी इलाका बोल बम के नारा से गूंज उठेला आ भोजपुरी अल्बम अतना प्रचुरता में निकलेला जइसे कि कढ़ाही में जिलेबी छनात होखे. लगभग सभ फिल्मी धुन में भगवान शंकर अवतरित हो जानी. कांवरियन के काफिला निकलेला. फिलिम के हीरो-हीरोइन लोग भी शिव भक्ति आ कांवर के स्पेशल सांग्स निकालेलें. दिनेश लाल निरहुआ आ आम्रपाली दुबे के एगो गाना वायरल भइल जेमे आम्रपाली दिनेश से कहऽतारी, -
बलमु, बलमु तनी कांवर के पावर देखा दऽ हो…

काशी तऽ शिव के नगरिए हऽ. इहां त बारहो मास हर-हर महादेव बा. गायक नीरज सिंह के गीत हर शिवरात्रि के पूरा देश में गूंजेला-
बम-बम बोल रहा है काशी …

महाशिवरात्रि के दिने भगवान शंकर आ माता पार्वती के बिआह भइल रहे. पूरा ब्रम्हांड में अपना ढंग के ई एगो अनोखा बिआह रहे. अद्भुत दुलहा जेकरा गला में सांपन के माला आ सवारी बसहा बैल. बाराती भूत-पिशाच. बाकिर अनुकरणीय बात ई कि ई बिआह निभल. एही से ई दिन बहुत पवित्र आ शुभ मानल जाला आ धूम-धाम से मनावल जाला.

लोक गायक उदय नारायण सिंह कहेलें कि मिथिलांचल में तऽ राम से जादा शिव प्रिय बानी जबकि राम ओजा के दामाद बानी. राम-जानकी के ऊ सुख ना दे पवले जवन कि महादेव गउरा के दिहलें जबकि राम राजा रहलें आ शिव फक्कड़. जानकी के दुख मिथिलांचल के मेहरारूअन के आजो सालत रहेला.

शिव बिआह भोजपुरी के पुरान लोक गायक लोग खूब गवले बा. बलिया के लोकप्रिय गायक बिरेंदर सिंह धुरान तऽ शिव बिआह पऽ केंद्रित अपना एगो अल्बम बुढऊ के बियाह में गवनी-
सगरे बदनवा में साँप रे साँप / अइसन दुलहा ना देखनी बाप रे बाप…
...बाकिर मजा के बात तऽ ई बा कि भावी दुलहा खातिर लइकी सभ भगवान शिव के ही पूजेली सन.
भोजपुरी क्षेत्रन में बिआह में भगवान शिव के जरूर स्मरण कइल जाला-
अरे माई अइसन ज्ञानी गउरा के बरवा मिलल बउराह…
हर दुलहिन गउरा आ हर दुलहा शंकर. सुप्रसिद्ध लोक गायक भरत शर्मा व्यास जी के एगो गीत बहुते लोकप्रिय भइल रहे-
बर बउरहवा देखनी गउरा के घरवा डरवा लागे माई रे...
गायिका कल्पना तऽ शंकर जी के गनेश के पापा कहके गवले बाड़ी-
हमसे भंगिया पिसाई ए गनेस के पापा, नइहर जात बानी/ दुखाला
कोमल हमार कलाई ए गनेस के पापा नइहर जात बानी…

पद्मविभूषण शारदा सिन्हा के गावल गीत ‘’ का लेके शिव के मनाइब हो, शिव मानत नाहीं ’’ अउर पद्मश्री मालिनी अवस्थी के गावल गीत ‘’ होली खेले मसाने में ‘’ बार-बार सुने वाला अद्भुत गीत बा.

कोरोना काल के असर थोक में बने वाला बोल बम गीतन पर भी पड़ल बा. हाल हीं खेसारी लाल यादव के एगो गीत आइल बा – जात बारू देवघर लेके घरवा के चाभी / मुँह में लगा के जॉबी (मास्क) / जल ढारिहs ए भाभी
खेसारी के एगो अउरियो गीत बा -

कोरोनवा के माई मुर्दाबाद ... भतीजा तोर माईयो जाई का / तोर मउसियो जाई का ... देवघर त अबकी जाइब जा / भले पुलिस से पिटाइब जा

करोड़ो लोग एह सब गाना के पसंद कइले बा. अइसने एगो करोड़िया गाना पवनो सिंह के बा –

एगो वीडियो में पवन सिंह अपना प्रेमिका से कहत बाड़न – भर सावन सोना तुम नज़र नहीं आना / तेरा बाबू हो चुका है महादेव का दीवाना
पवन सिंह गवलें त अक्षरो सिंह गवली - ना बाबू ना सोना, सावन में बोल बम, बोल बम करो ना

अक्षरा सिंह के ई गाना अभी करोड़ो व्यूज तक त नइखे पहुंचल बाकिर एकरा पहिले के उनकर एगो हिंदी गाना दू करोड़ से बेसी लोग देखले बा - चली रे चली मैं तो भोले की गली

कहे के मतलब कि फिलिम आ अल्बम के गली में भोले बाबा के गूँज-अनुगूँज बनल रहेला.

लोक गायिकी के दुनिया में भी भोले बाबा फेवरिट बाड़न. उभरत लोक गायिका मैथिली ठाकुर जब आपन भाई लोगन के साथे ‘’ बम भोले हो लाल कहवां रंगवलऽ पागरिया ’’ गावेली तऽ एगो आश्वस्ति बन जाली. चन्दन तिवारी, मनीषा श्रीवास्तव अउर संजोली पाण्डेय भी शंकर जी पऽ कई गो पारंपरिक गीत गवले बा लोग. एह समय में भोजपुरी लोकगाथा के सबसे सशक्त गायिका स्वर्गीय अनुभूति शांडिल्य तीस्ता के भी बहुते ईयाद आवत बा; जब ऊ गावत रहली, ‘’ बसहा चढ़ल एगो जोगिया आज धूम मचा गइले हे. किया गउरा उड़लू कि डूबलू, किया जोगी से लुभा गइलू हे.‘’
ई जोगी माने भगवान शंकर पऽ त संउसे दुनिया लुभा गइल बा.
( लेखक मनोज भावुक भोजपुरी लोक साहित्य, सिनेमा और संगीत के मर्मज्ञ हैं.)

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