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India Vs Australia: ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया उड़इले बाss गरदा... सिडनी में रचले इतिहास

भारतीय टीम के बहादुरी के आज दुनिया भर में डंका बाज रहल बा। हारे वला मैच के ड्रा करा देले। आस्ट्रेलिया के जबड़ा से जीत छीन लेले।
भारतीय टीम के बहादुरी के आज दुनिया भर में डंका बाज रहल बा। हारे वला मैच के ड्रा करा देले। आस्ट्रेलिया के जबड़ा से जीत छीन लेले।

सिडनी क्रिकेट टेस्ट मैच (Sydney Cricket Test Match) में अश्विन अउर हनुमा बिहारी (Hanuma Vihari) इतिहास रच देले। इनकर बहादुरी के आज दुनिया भर में डंका बाज रहल बा। हारे वला मैच के ड्रा करा देले। आस्ट्रेलिया के जबड़ा से जीत छीन लेले।

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2021, 6:42 PM IST
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आस्ट्रेलिया में भारत के ताकत अउर हिम्मत के पताका फहर रहल बा। क्रिकेट के महारथी आस्ट्रेलिया के खेमा में हाहाकार मचल बा। सिडनी में बरियारी- बेईमानी के बादो आस्ट्रेलिया भारत के किला ना ढाह पवलस। अब चौउथा टेस्ट बिस्बेन में बा। लड़ंत-भिड़ंत में भारत के पांच धाकड़ खिलाड़ी घाहिल हो गइल बाड़े। बुमराह के फिट ना होखे से अब तेज गेंदबाजी के भार मोहम्मद सिराज, नवदीप सैनी, शार्दुल ठाकुर अउर नटराजन जइसन नवका खिलाड़ी के उठावे के पड़ सकेला। बैटिंग, बॉलिंग अउर फील्डिंग में माहिर रवीन्द्र जडेजा अंगूठा टूटला से ना खेल पइहें। अभी लड़ाई बराबरी पs चल रहल बा। लेकिन अंतिम रण से पहिले भारत के पलटन में जितावे वला जोधा के कमी हो गइल बा। अब तs ब्रिस्बेन में हिम्मत अउर समझदारिये से भारत के बेड़ा पार लाग सकेला। हिम्मते मर्दा, मददे खुदा।
सिडनी में रचले इतिहास
सिडनी क्रिकेट टेस्ट मैच में अश्विन अउर हनुमा बिहारी इतिहास रच देले। इनकर बहादुरी के आज दुनिया भर में डंका बाज रहल बा। हारे वला मैच के ड्रा करा देले। आस्ट्रेलिया के जबड़ा से जीत छीन लेले। खेल में कबो-कबो हिम्मत, काबिलियत पs भारी पड़ जाला। हिम्मत के बल पs साधारण जोधा भी पराक्रमी के कस-बल ढीला कर सकेला। हनुमा बिहारी गोड़ के नस खिंचाइला से घवाहिल रहन तs अश्विन पीठ के दर्द से बेहाल। अश्विन हवें टीम के नम्बर एक गेंदबाज (377 विकेट)। ऊपर से फिट ना रहन। सामने रहे दुनिया के सबसे खौफनाक गेंदबाजन के तिकड़ी। एकरा बादो अश्विन बैटिंग में कमाल कर देले। चउथा पारी में नाबाद 128 गेंदा खेल के एगो नया रेकाड बना देले। एकरा पहिले भारत के कवनो गेंदबाज नम्बर 7 पs बैटिंग कर के 128 गेंदा ना खेलले रहन। हनुमा बिहारी भी एकरा पहिले कवनो खास खेल ना देखवले रहन। पिछला पांच पारी में नाकाम रहन। जब सिडनी टेस्ट के चउथा पारी में ऊ बैटिंग करे अइले तs मने मने सोचले कि कवनो हाल में आज कुछ करहीं के पड़ी। फेल भइला के मतलब टीम से छुट्टी तय बा।
अश्विन-बिहारी के सामने 42.4 ओभर के पहाड़
भारत के स्कोर जब 275 रन रहे तs पुजारा आउट हो गइले। अब भारत भीरी कवनो मान्यताप्राप्त बल्लेबाज ना रहे। करीब 88 ओभर के खेल हो गइल रहे। 42 ओभर चार गेंदा के खेल बांचल रहे। भारत के जीते खातिर 42.4 ओभर में 133 रन बनावे के रहे। टारगेट कवनो कठिन ना रहे लेकिन मोसकिल ई रहे कि भारत भीरी कवनो ठोस बल्लेबाज ना रहे। पंत अउर पुजार के आउट भइला के बाद जीते के कोशिश में जोखिम रहे। पांच विकेट गिर गइल रहे। जडेजा के अंगूठा टूटल रहे। ऊ केतना खेलिहें, मालूम ना। अब एक्को बिकेट गिरला के मतलब रहे हार। पुजारा के आउट भइला पs अश्विन आइले। अश्विन ड्रॉ के इरादा से ही पिच पs उतरले। टी ब्रेक नजदीक रहे। चउथा पारी में टी ब्रेक के बाद बैटिंग सबसे कठिन मानल जाला। पिच के टूट जाए से फास्ट बौलर अउर स्पिनर, दूनो के मदद मिले लागेला। अब कइसहूं बिकेट बचावे के रहे।

डुप्लेसी के कहानी से बढ़ल अश्विन के हिम्मत


अश्विन अभी चारे गेंदा खेलले कि उनकर दर्द कबर गइल। बिहारी पहिलहीं से लंगड़ात रहन। जब केहू घनघोर संकट में रहेला तs ओकरा मन में कवनो ना कवनो बिचार जरूर आवेला जवना से कि हिम्मत बढ़ जाला। अश्विन जब तीसरा दिन के खेल के बाद सूते खातिर बिछावना पs गइल रहन तs उनका दक्षिण अफ्रीका के फाफ डुप्लेसी के कहानी इयाद आ गइल। डुप्लेसी 2012 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच बचावे के खातिर अंतिम दिन आठ घंटा बैटिंग कइले। डुप्लेसी भर दिन क्रीज पs खाड़ा रहले लेकिन बनवले कुल्लम 110 रन। ओह घरी रन से अधिका जरूरी रहे क्रीज पs समय बितावल। डुप्लेसी के बैटिंग के बल पs दक्षिण अफ्रीका मैच ड्रा करा लेले रहे। अश्विन रात में इहे सोंचत-सोंचत सूत गइले कि अब डुप्लेसी जइसन पारी ही खेली के परी। आस्ट्रेलिया के पिच पs चउथा पारी में मैराथन बैटिंग संभव बा, ई डुप्लेसी साबित कर देले बाड़े।
काम बहुत कठिन रहे
सोंचल जतना आसान बा, कइल ओतने मोसकिल बा। ओह दिन पैट कमिंस अइसन बौलिंग करत रहन जइसे कि केहू आग के गोला फैंखत होखे। अश्विन के मोताबिक, “ओह दिन कमिंस जइसन तूफानी गेंदबाजी अपना जीवन में ना देखले रहीं। दूनो अदिमी के इहे बुझाये कि अब भयंकर तूफान के बीच फंस गइल बानी जा। सांय- सांय गेंदा आवे। कबो छाती पs तs कबो माथा पs। पंत, जडेजा घाहिल हो गइल रहन। लेकिन दूनो अदिमी (अश्विन-बिहारी) सामना करे खातिर ठान लेनी रहीं। तय भइल कि कवनो हवाई शॉट नइखे खेले के। हर हाल में डिफेंस करे के बा।” मन दाब के खेलल जरूर रहे। ओभर पs ओभर बीते लागल। कमिंस, हेजलबुड अउर स्टार्क आपना सब ताकत झोंक देले। लेकिन अश्विन-बिहारी खूंटा गाड़ले रहले।
गेंदबाज अश्विन के बौटिंग में कमाल
इनका लोग के धेयान भटकावे के खूब कोशिश भइल। कप्तान टिम पेन अंट-शंट तक बोलले। लेकिन भारत के बीर मोर्चा पs डटल रहले। भारत के स्कोर पांच बिकेट पs 334 रन पहुंच गइल। अश्विन 39 पs नाबाद तs बिहारी 23 पs नाबाद रहन। एक ओभर के खेल बाकी रहे तब्बे आस्ट्रेलिया ड्रॉ खातिरा राजी हो गइल। अश्विन अउर हनुमा बिहारी 128-128 गेंदा खेलले। सातवां नम्बर पs बैटिंग कर के 128 गेंदा खेले वाला भारत के पहिला बौलर बनले अश्विन। एकरा पहिले सतवां नम्बर पs धोनी 159 गेंदा, पंत 146 गेंदा, नयन मोंगिया 135 गेंदा, सैयद किरमानी 133 गेंदा खेले के रकौड बनवले रहन। चूंकि एह रेकौड में अश्विन अकेला गेंदबाज बाड़े एह से उनकर प्रदर्शन के सबसे ऊंचा आंकल जाई। भगवान भी बहादुरे के मदद करे ले। अब इहे बहादुरी ब्रिस्बेन में देखावल जरूरी बा। (यह लेख लेखक के निजी विचार हैं)
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