Bhojpuri: मीसा भारती के MBBS में टॉप करे पs 22 साल पहिले भइल रहे भारी बिबाद

1993 में मीसा भारती मेडिकल इंट्रेस के परीक्षा में बइठल रही. लेकिन ऊ पास ना भइली. कम्पटिशन में फेल भइला के चलते बिहार के सरकारी मेडिकल कौलेज में उनकर नांव ना लिखा पाइल. ओह घरी बिहार अउर झारखंड एक्के रहे. जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में टाटा कंपनी के कोटा रहे. जानीं फिर आगे के कहानी...

  • Share this:

भारतेन्दु कुमार अपना बइठका में अखबार के कतरन बिछा के कुछ खोजे में मगन रहन. देशदीपक के आवत देख के ऊ फाइल समेटे लगले. कोठारी में आवते देशदीपक पूछले, का भारतेंदु, सगरे अखबार छितरा के का खोज रहल बाड़s ? भारतेंदु कहले, सुशील मोदी अउर लालू परिवार के मौखिक लड़ाई में मीसा भारती अउर रोहिणी आचार्य के डाक्टरी डिग्री चर्चा में आ गइल बा. हमरो मन ई जाने खातिर कुलबुलाये लागल कि आखिर इनका लोग के एमबीबीएस के डिग्री मिलले कइसे रहे. एक बेर हम अंगरेजी के टेलीगराफ अखबार में एकर खबर पढ़ले रहीं. बीस-बाइस साल पुरान बात रहे. बहुत कुछ भुला गइल रहीं. उहे बात जाने खातिर पेपर कटिंग खोजत रहीं. देश दीपक पूछले, का मिल गइल ? भारतेंदु कहले, हां, संजोग से मिल गइल.

कम्पटिशन में फेल, टाटा के कोटा से डाक्टर

देशदीपक पूछले, बाइस साल पहिले का छपल रहे ? भारतेंदु कहले, 1993 में मीसा भारती मेडिकल इंट्रेस के परीक्षा में बइठल रही. लेकिन ऊ पास ना भइली. कम्पटिशन में फेल भइला के चलते बिहार के सरकारी मेडिकल कौलेज में उनकर नांव ना लिखा पाइल. ओह घरी बिहार अउर झारखंड एक्के रहे. जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में टाटा कंपनी के कोटा रहे. लालू जी ओह घरी बिहार के मुख्यमंत्री रहन. बिहार में के कहो, पूरे देश में उनका नांव के डंका बाजत रहे. टाटा कंपनी भी लालू जी के अदब मानत रहे. टाटा मनेजमेंट के कोटा पs मीसा भारती के महात्मा गांधी मेडिकल कौलेज में एडमिशन हो गइल. लालू जी के चलती के कवनो सीमा ना रहे. ऊ अपना बेटी के तs डाक्टरी में नांव लिखइबे कइले, मंतरी इलियास हुसैन के बेटी आसमा परवीन के भी एहिजे एडमिशन करा देले. ओह घरी लालू जी के सबसे करीबी नेता इलियास हुसैन रहन. मीसा भारती अउर आसाम परवीन जमशेदपुर के एजीएम मेडिकल कौलेज में डाक्टरी पढ़े लागल लोग. ओह घरी जमशेदपुर के एसपी रहन अजय कुमार (बाद में नेता अउर सांसद बनले). जब ऊ पटना में तैनात रहन तs लालू जी उनका पs बहुत भरोसा करत रहन. एसपी अजय कुमार के मीसा भारती के लोकल गारजियन बनावल गइल रहे. 1998 में लालू जी आपन एक अउर बेटी रोहिणी आचार्या के टाटा कोटा से महात्मा गांधी मेडिकल कौलेज में नांव लिखवले रहन.

मीसा भारती के टॉप करे पs बिबाद
भारतेंदु एक बेर अखबार के कतरन देखले, फेन कहले, बाद में मीसा भारती के सुरक्षा के हवाला दे के पटना मेडिकल कौलेज अस्पताल में ट्रांसफर कर दिहल गइल. ओह घरी राबड़ी देवी बिहार के मुखमंतरी रही. जब मीसा भारती के पीएमसीएच में ट्रांसफर भइल तs बिबाद खाड़ा हो गइल. आरोप लागल कि सरकार के प्रभाव में ई ट्रांसफर कइल गइल बा. मीसा भारती बिना कम्पटिशन पास कइले बिहार के सबसे बड़का मेडिकल कौलेज में डाक्टरी पढ़े लगली. 1999 में जब एमबीबीएस फाइनल ईयर के परीक्षा भइल तs मीसा भारती टॉप कर गइली. उनका गायनोकोलॉजी अउर इनटी में डिस्टिंक्शन मिलल रहे. जब ई रिजल्ट निकलल तs हंगामा खाड़ा हो गइल. फाइनल इयर के लइका आरोप लगावे लगले कि पढ़े में अतिसाधारण मीसा भारती टॉप कइसे कर गइली ? विरोधी दल भी एकरा के मुद्दा बना लेलस. बिपक्ष आरोप लगा देलस कि मुखमंतरी राबड़ी देवी के खुश करे खातिर पीएमसीएच के डाक्टर मीसा भारती के टॉप करा देले. मीसा भारती के इएनटी (कान, नाक, गला) में डिसटिंक्शन मिलल रहे. ओह घरी पीएमसीएच में इएनटी के हेड रहन डाक्टर बी पी साहा. जब उनका से मीसा भारती के रिजल्ट पs सवाल कइल गइल तs ऊ कहले, मीसा भरती कबो बिरिलिएंट एस्टूडेंट ना रही. लेकिन जमशेदपुर से पीएमसीएच अइला के बाद उनका पढ़ाई में सुधार भइल रहे.

टैलेंटेड लइका भइले दरकिनार

मीसा भारती के रिजल्ट के बिबाद बढ़ल तs पटना यूनिभरसिटी के भाइस चांसलर के सफाई देवे के पड़ल. ओह घरी पीएमसीएच पटना यूनिभरसिटी में रहे अउर भाइस चांसलर रहन पोरफेसर नासिर हसन. भाइस चांसलर कहले, मीसा भारती के रिजल्ट में कवनो गड़बड़ी नइखे. ऊ लगाताकर बढ़िया नम्बर ले आवत रही. लेकिन एह बिबाद से पीएमसीएच के कुछ डाक्टर खुश ना रहन. केहू के बैक डोर से टॉप करवे के आरोप से कौलेज के परतिस्ठा खराब होत रहे. ओह समय में पीएमसीएच के प्रिंसपल रहन डाक्टर डीपी सिन्हा. एह संबंध में जब उनका से सवाल पूछल गइल तब ऊ कहले, ई परीक्षा के आयोजन हमनी के नइखे कइलीं जा. एह मामला में यूनिभरसिटी परशासन से पूछे के चाहीं. मीसा भारती के कॉपी एक्सटरनल एक्जामनर जांच कइले बाड़े. मीसा भारती के टॉप करे पs उनकर एगो बैचमेट कहले रहन, एह घरी एमबीबीएस के फाइनल परीक्षा में टैलैंटेड लइकन के अस्थान नम्बर 11 से शुरू होला. एक से दस नम्बर तक भीआइपी के बेटा-बेटी खातिर रिजरभ रहे ला.



कांगरेसी मुखमंतरी के बेटी भी कइले रही टॉप

जब मीसा भारती के टॉप होखे पs बिबाद बढ़तल तs पीएमसीएच के डाक्टर एगो अउर कहानी सुनवले रहन. 1980 के दशक में कांग्रेस पाटी के एगो मुखमंतरी रहन. उनकर लड़की पीएमसीएच में पढ़त रही. जब फाइनल इयर के रिजल्ट तइयार भइल तs मुखमंतरी अचरज में पड़ गइले कि उनकर लइकी टॉप कर रहल बाड़ी. मुखमंतरी खुश होखे के बदले परेशान हो गइले. ऊ जानत रहन कि अगर रिजल्ट निकली तs हंगामा खाडा हो जाई. ऊ पढ़े में ठीक रही लेकिन अतना तेज ना रही कि टॉप कर जास. तब मुखमंतरी भाइस चांसलर के फोन कर के कहले कि उनका लइकी के रिजल्ट दोसरा पोजिशन पs कर दिहल जाव. ओग घरी कांग्रेस के मुखमंतरी लोग कवनो बिबाद में ना फंसल चाहत रहन काहे से कि आलाकमान के तुरंते कुर्सी छोड़े के फरमान आ जात रहे.1999 में पीएमसीएच के डॉक्टर लोग बतवले रहे कि कुछ साल पहिले बिहार के शिक्षा मंतरी के भाई के भी पैरबी के चलते ढेर-ढेर नम्बर दिहल जात रहे.

डिगरी के बाद भी डाक्टरी ना करे पs सवाल

आरोप लगावल जाला कि मीसा भारती के पढ़ाई से ना बलिक पैरवी से टॉप करावल गइल रहे. एही से ऊ रोगी के इलाज ना करस. पूर्व मंतरी इलियास हुसैन के बेटी आसमा परवीन मीसा भारती संगे पढ़ल रही. दूनो लोग में बहुत दोस्ती भी बा. आसमा परवीन डाक्टरी के पढ़ाई के बाद बिहार सरकार के अस्पताल में डाक्टर बहाल भइली. ऊ हाजीपुर अस्पताल में तैनात रही. आसमा के मीसा भारती से अतना दोस्ती रहे कि ऊ आपन किलनिक के नांव मीसा किलनिक राख देले रही. 2020 के बिधानसभा चुनाव में आसमा परवीन जदयू के टिकट पs महुआ से चुनाव लड़ल रही. लेकिन राजद के मुकेश कुमार रौशन उनका करीब नौ हजार भोट से हरा देले रहन. आसमा परवीन भी टाटा के कोटा से डाक्टर बनल रही लेकिन ऊ परैकटिस कइली. जब कि एमबीबीएस में टॉप करे वला मीसा भारती आज ले डाक्टरी काहे ना कइली ? कोरोना महामारी के बीच इहे सवाल पs आज राजनीतिक घमासान मचल बा. (लेखक अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ स्तंभकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज