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Bhojpuri: अगर बिहार में नया सरकार बनी तs केकरा फैदा, केकरा नोकसान?

Bhojpuri: अगर बिहार में नया सरकार बनी तs केकरा फैदा, केकरा नोकसान?

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बिहार के राजनीत में खलबली मचल बा. सत्ता परिवर्तन के पुरजोर चर्चा बा. कहल जा रहल बा कि जदयू के भाजपा से गठबंधन अब टूटी कि तब टूटी. कुछ लोग इहां तक कह रहल बाड़े कि भीतरे-भीतरे राजद, जदयू के समरथन देवे खातिर तइयार बा. ई सब चरचा सुन के विजयकांत के मन में बहुते सवाल उठे लागल. तब ऊ सवाल के जवाब खातिर राजनीतिक पंडित रामनाथ भास्कर भिरी पहुंचले. परनाम-पाती के बाद विजयकांत सीधे सवाल पs आ गइले.

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पूछले, का बिहार में भाजपा-जदयू के गठबंधन टूट जाई ? का जदयू -राजद के मेल से नया सरकार बन सकेला ? भास्कर जी गंभीर भाव से कुछ छन विजयकांत देने देखले. फिर कहले, अभी सभ कुछ अनुमान के आधार पर कहला जा रहला बा. सरकार गिरावे अउर बनावे के खेल का एतना आसान बा ? नफा-नोकसान भी तs समझे के पड़ी. हो सकेला कि जदयू, भाजपा के काबू में राखे खातिर ई दांव खेल रहल होखे. हो सकेला कि तना-तनी के बाद दूनो दल में सुलह-सपाटा हो जाए. अगर मान लs कि कवनो बिधि से जदयू-राजद के सरकार बन जाई तs ओकर नतीजा का होई ? केकरा फैदा होई, केकरा नोकसान होई ? हमरा समझ से तs भजपा के अभी भले हानि होई लेकिन भविष्य में ओकरा बहुत फायदा मिल सकेला. विजयकांत खटाक से सवाल पूछ देले, भास्कर जी, ई कइसे कह रहल बानी कि भाजपा के भविष्य में फैदा होई ?

अमोघ अस्त्र एक्के बेर चलेला
विजयकांत के सवाल के भास्कर जी जबाब देले. महाभारत के जुद्ध में महाबली कर्ण भिरी अमोघ अस्त्र रहे. लेकिन अमोघ अस्त्र के खासियत ई रहे कि एकर सिर्फ एक्के बेर प्रयोग हो सकत रहे. कर्ण आपन जीवन रक्षा खातिर अमोघ अस्तर के सुरक्षित रखले रहन. लेकिन युद्ध में परिस्थिति कुछ अइसन आ गइल कि कर्ण के घटोत्कच के खिलाफ अमोघ अस्त्र के इस्तेमाल करे के पड़ल. अमोघ अस्त्र उनका हाथ से निकल चुकल रहे. ऐह से कर्ण अंतिम समय में बेल्कुल असहाय हो गइल रहन. हमरा विचार से नीतीश जी 2017 में अमोघ अस्त्र चल चुकल बाड़े. अब उनका भिरी कम प्रभाव वाला ही तीर बांचल बा. अगर 2022 में भी जनादेश वला गठबंधन तूर के नया सरकार बनी तब राजनीतिक जुद्ध के अंतिम परिनाम आत्मघाती हो सकेला. जदयू के बड़का नेता कह चुकल बाड़े कि पाटी के एक्के मालिक बाड़े नीतीश जी. अगर मालिक के छवि धूमिल होई तब पाटी के भविष्य का होई ? अगर अब तेजस्वी के साथे सरकार बनावे में कवनो दिक्कत नइखे तब 2017 में काहे राजद के सरकार से बेदखल कइल गइल रहे ? अगर अब तेजस्वी ठीक बाड़े तs पांच साल पहिले उनका के भ्रष्टाचार के आरोपी काहे कहल गइल रहे ? अगर नया सरकार बनी तs लोग पूछबे करिहें कि 2017 में का नीतीश जी गलती कइले रहन ? अइसना में नीतीश जी के सिद्धांत पs के भरोसा करी?

शहीद हो के भाजपा अउर मजबूत हो जाई
भास्कर जी कहले, उसूल अउर पारदर्शिता के कारण ही नीतीश जी जनता में लोकप्रिय बाड़े. अगर उहे खतम हो जाई तब का होई ? उनकर राजनीतिक ग्राफ में जतना कमी होई, भाजपा के ओतने फायदा होई. ई सब कुछ एक झटके में ना होई. एकर असर धीरे-धीरे होई. अगर जदयू, भाजपा के बीच भंवर में डूबे खातिर छोड़ दिही तब जनता के सहानुभूति भाजपा से हो सकेला. भाजपा नीतीश जी के बिसवासघात के मुद्दा बना के जनता के बीच जा सकेले. तब लालू जी के ऊ बयान भी उछालल जा सकेला जवना में ऊ नीतीश जी के पलटू राम कहले रहन. खुद तेजस्वी नीतीश जी के कुर्सी कुमार कह के तंज कसत रहन. भाजपा राजद-जदयू के विरोधाभास उछाल के जनमत तइयार कर सकेले. तब राजद के अवसरवादी राजनीति अउर जदयू के धोखा पर भी सवाल उठी. अइसना में भाजपा स्थिर सरकार बनावे खातिर जनता से पूर्ण बहुमत देवे के अपील कर सकेले. लेकिन ई सब तब होई जब चुनाव के समय आयी. अगर नीतीश जी भाजपा के शहीद बना दिहें तब बिहार में भी उत्तर प्रदेश वला हाल हो सकेला. जइसे उत्तर प्रदेश में भाजपा, सपा अउर बसपा के पछाड़ के अकेले बहुमत हासिल कर लेलस वइसहीं बिहार में भी ऊ जदयू, राजद के परास्त कर 122 के आंकड़ा पार कर जाए. जात के राजनीति कबो मटियामेट हो सकेला. आज से दस साल पहिले केहू कहते रहे कि यूपी में भाजपा अकेले सत्ता हासिल कर ली ?

सरकार गिरी कि बांची?
विजयकांत के मन बेलकुल ना मानत रहे कि जदयू-भाजपा के सरकार गिर जाई. ऊ मन के संतोस खातिर फेन सवाल पूछले, भास्कर जी ! राउर आंकलन का कहत बा ? का सरकार गिरिये जाई ? भास्कर जी कहले, बिहार के राजनीत में किसिम के चरचा चलत रहल बा. जब बिहार में महागठबंधन के सरकार रहे तब आरोप लागल रहे कि लालू जी चारा घोटाला मामला में मदद खातिर भाजपा के दिग्गज नेता अरुण जेटली भिरी दूत भेजले रहन. ऊ प्रस्ताव देले रहन कि अगर सीबीआइ चारा घोटला मामला में अपील ना करी तब ऊ नीतीश सरकार के गिरा सके ले. चर्चा के मोताबित जब एह बात के जानकारी जदयू के मिलल तब ऊ राजद के साथ छोड़ के भाजपा साथे सरकार बना ले ले रहे. अब पांच साल बाद चर्चा चल रहल बा कि भाजपा के नेता आरसीपी सिंह के ढाल बना के जदयू के विधायक तूर के आपन सरकार बनावे के कोशिश में रहे. एह तरह के चर्चा से सरकार के स्थिरता पर जरूर असर पड़ेला. लेकिन अब लागत बा कि धधकल आग पs पानी डाले के कोशिश हो रहल बा. जदयू नेता अउर बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी कह रहल बाड़े कि बिहार एनडीए में कुच्छो गड़बड़ी नइखे. सरकार के सेहत पर कवनो असर नइखे. एक नेता (आरसीपी सिंह) पाटी (जदयू) से बाहर गइल बाड़े. ओही परिस्थिति पर विचार करे खातिर बिधायक लोगन अउर सीनियर लीडर के मीटिंग बालावल गइल बा. भाजपा नेता लोगन से लगातार बात हो रहल बा. सब कुछ ठीक बा. भास्कर जी के बात पूरा भइल तब विजयकांत कहले, भगवान के कृपा से सब ठीक्के होखे. एकरे में सबके भलाई बा.

(अशोक कुमार शर्मा स्वतंत्र पत्रकार हैं, आलेख में लिखे विचार उनके निजी हैं.)

Tags: Article in Bhojpuri, Bhojpuri

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