Bhojpuri Spl: ममता बनर्जी अस्पताल में, छह सदस्यीय डाक्टरन के टीम के निगरानी में

ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) चुनाव लड़े खातिर हल्दिया (Haldia) में नामांकन कके फेर वापस नंदीग्राम (Nandigram) अउवी आ उनुकर आरोप बा चुनाव प्रचार के दौरान साजिश के तहत उनुका पर हमला कइल गउवे. मौका पर लोकल पुलिस ना रहुए. लोकल एसपी भी ना रहुअन.

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  • Last Updated: March 12, 2021, 1:59 PM IST
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ममता बनर्जी कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के वुडबर्न ब्लाक में भर्ती बाड़ी. काल देर शाम उनुका अस्पताल में भर्ती होखे के पहिलहीं उनुकर भतीजा अभिषेक बनर्जी, राज्य के मंत्री पार्थ चटर्जी, फिरहाद हाकिम आ सुब्रत मुखर्जी अस्पताल पहुंचल रहुए लोग. राज्य के स्वास्थ्य सचिव एन एस निगम भी तुरंते पहुंचि गउवन. राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी उनुका के अस्पताल में देखे खातिर पहुंचि गउवन. चुनाव लड़े खातिर हल्दिया में नामांकन कके फेर वापस नंदीग्राम अउवी आ उनुकर आरोप बा चुनाव प्रचार के दौरान साजिश के तहत उनुका पर हमला कइल गउवे. मौका पर लोकल पुलिस ना रहुए. लोकल एसपी भी ना रहुअन.

कहुई कि हम अपना एसयूवी गाड़ी में बइठे जात रहनी हं तले चार-पांच आदमी हमरा संगे धक्का- मुक्की करुए आ खूब जोर हमार गोड़ कचार दिहुए. ममता के एह आरोप पर केंद्रीय चुनाव आयोग, राज्य चुनाव आयोग से शुक्रवार तक रिपोर्ट मंगले बा. नंदीग्राम से तुरंते उनुका के कोलकाता पहुंचावल गउवे. ममता बनर्जी कहुई कि चोट के वजह से उनका पैर में सूजन आ गइल बा आ उनका बोखार नियर महसूस होता. ममता बनर्जी ओह घरी बेचैन लागत रहुई. उनकर सेक्योरिटी में लागल लोग उनका के अपना हाथ पर उठाके गाड़ी में बइठउवे लोग. एइजा गौर करे लायक बात ई बा कि ममता बनर्जी के जेड प्लास सेक्युरिटी मिलल बा. ऊ खुद मुख्यमंत्री बाड़ी आ पुलिस विभाग भी खुद उनुका लगे बा. मुख्यमंत्री जहां भी चलेली उनुका संगे एक लंबा- चौड़ा काफिला चलेला. सुरक्षा के भारी इंतजाम रहेला. अइसना में उनुका पर हमला भइल सुरक्षा व्यवस्था पर बहुत बड़ प्रश्नचिन्ह खड़ा करता. ममता बनर्जी के बांया गोड़ में प्लास्टर चढ़ावल गइल बा. सीना में दर्द के शिकाइत रहुए आ सांस लेबे में दिक्कत रहुए. काल्ह सुबह तक सब ठीक रहल ह. ममता बनर्जी आराम करत रहली ह. नंदीग्राम में चुनाव प्रचार में रास्ता में जौन मंदिर परत रहुए ओमें ममता बनर्जी जाके दर्शनो करत रहुई. डाक्टर कहता लोग कि उनका बा टखना आ गोड़ में गंभीर चोट लागल बा, दहिना कंधा, बांह आ गर्दन में चोट लागल बा. डाक्टरन के निगरानी में ऊ 48 घंटा खातिर राखल गइल बाड़ी.

उनुकर एमआरआई (मैग्नेटिक रिजोनेंस इमेजिंग) कइल गइल बा ताकि गोड़ के हाड़ के का हाल जानल जा सके आ कौन- कौन टिश्यू जख्मी बाड़न स, एकर पता चल सके. ई घटना जौना दोकान के सामने भउवे, ओकर मालिक निमाई मैती कहतारे कि भीड़ ममता बनर्जी का ओर बढ़ुए. जइसे-जइसे लोग आगे बढ़ुए, ममता बनर्जी के पैर कार के दरवाजा से टकरा गउवे आ ऊ चोटिल हो गउवी. एह मुद्दा पर आरोप- प्रत्यारोप तेज हो गइल बा. तृणमूल कांग्रेस के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी तुरंते चुनाव आयोग पर नाराजगी जाहिर करुअन. आरोप लगउवन कि चुनाव आयोग पहिले लॉ एंड आर्डर के एडीजी के हटउवन फेर डीजी पुलिस के भी हटा दिहुअन. एकरा अलावा चुनाव आयोग संवेदनशील मामला में कुछु बोलत नइखे. एगो अउरी मंत्री सुव्रत मुखर्जी कहुअन कि विरोधी पार्टी ममता बनर्जी के रास्ता से हटावल चाहता, एही से हमला करावता. आजु तृणमूल कांग्रेस के नेता लोगन के एगो टीम चुनाव आयोग से भेंट कइले बा आ आपन शिकायत दर्ज करवले बा. ओने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष दिलीप घोष कहुअन कि एह घटना के सीबीआई से जांच होखे चाहीं. एकर तथ्य सामने आवे के चाहीं.

कैलाश विजयवर्गीय कहुअन- “मुख्यमंत्री के अइसन सुरक्षा बा कि केहू के हिम्मत ना परी कि उनका ओर केहू आंख उठाके भी देखो. हमला के बात त दूर के बा. पश्चिम बंगाल में हम छव साल से राजनीति करतानी. ममता बनर्जी जइसन सुरक्षा घेरा में रहेली, जौना तरह के उनकर कार्यकर्ता बाड़न स केहू के हिम्मत ना होई कि उनका तरफ केहू देख लेउ. अगर वास्तव में अइसन भइल बा त हम चुनाव आयोग से आग्रह करबि कि एकर सीबीआई जांच होखो. हमलावर के बड़ सजा होखेके चाहीं. मुख्यमंत्री के मालूम बा कि उनकर जमीन खिसकि गइल बा. ऊ सहानुभूति चाहतारी.'' बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह कहुअन कि ममता बनर्जी सहानुभूति बटोरे के कोशिश करतारी. नाटक करतारी. पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था बहुते खराब बा. उनकर सुरक्षा में भारी संख्या में जवान रहेले सन. कौनो भूत त हमला कइले नइखे, कौनो आदमिए कइले होखी. पुलिस काहें नइखे पकड़ले?
लोकसभा में कांग्रेस के नेता आ बंगाल कांग्रेस के शीर्ष नेता लोगन में से एक अधीर रंजन चौधरी कहुअन कि ममता बनर्जी के हमला के आरोप सियासी पाखंड ह. जब उनका लागल ह कि नंदीग्राम में उनकर पकड़ नइखे त ई पाखंड रचली ह. ममता बनर्जी आखिर मुख्यमंत्री बाड़ी, ऊहे गृहमंत्री बाड़ी. आश्चर्य ई बा कि उनुका पर हमला भउवे आ कौनो पुलिस वाला ओइजा ना रहुए? केहू एपर बिसवास क सकेला?

अधीर रंजन चौधरी काल्हुए आरोप लगवले रहुअन कि ममता बनर्जी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से डेरा गइल बाड़ी. ममता बनर्जी के पहिली बार खुद के ब्राह्मण साबित करेके परता. ममता बनर्जी पहले कहत रहली ह कि हिजाब पहिरेली आ मुसलमानन के हिफाजत करेली. लेकिन अब उनकर व्यवहार बदलि गइल बा. अधीर रंजन चौधरी कहतारे कि मुख्यमंत्री आजकल चंडी पाठ करतारी.

भाजपा नेता आ सांसद बाबुल सुप्रियो काल कहले रहुअन कि जब मौजूदा चीफ मिनिस्टर के अपना पारंपरिक सीट से जीत के भरोसा नइखे त एकर मतलब साफ बा कि उनुका डर बा कि ऊ भवानीपुर से हार जइहें. भवानीपुर में 40 से 45 हजार मुसलिम मतदाता बा लोग. तृणमूल कांग्रेस के अस्तित्व में अइला का बाद ई मतदाता ममता बनर्जी के वोट देत आइल बा लोग. बाकिर ए बार ममता बनर्जी भवानीपुर से शोभनदेव चटर्जी के लड़ावतारी.



पूर्व मेदिनीपुर ज़िला में हल्दी नदी का किनारे बसल अचर्चित गांव सन 2007 में ज़मीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के कारण चर्चा में आ गइल. दरअसल इंडोनेशिया के सलीम ग्रुप खातिर तत्कालीन वामफ्रंट सरकार नंदीग्राम से 11 किलोमीटर दूर नयाचार में किसानन के 4,450 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण क लिहलस. लोग विरोध प्रदर्शन कइल त पुलिस फ़ायरिंग क दिहलस जवना में 14 लोग मरा गइल रहे. एकरा नंदीग्राम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खी में आ गइल रहे. नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में 30 प्रतिशत अल्पसंख्यक बा लोग आ 70 प्रतिशत हिंदू. भाजपा के एही हिंदू वोटरन पर भरोसा बा. त ममता के अल्पसंख्यक मतदाता पर ढेर भरोसा बा. बाकिर ऊ जानतारी कि नंदीग्राम में बहुसंख्यक हिंदू बा लोग. ममता बनर्जी बार- बार कहतारी कि भाजपा 70-30 के आंकड़ा से खेलतिया." अपना पहिलकिए सभा में नंदीग्राम के मॉडल बनावे के वादा करुई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. कहुई कि नंदीग्राम में एगो विश्वविद्यालय आ हल्दिया से जोड़े वाला एगो पुल बनावल बहुते जरूरी बा.

त शुभेंदु अधिकारी कहतारे क- "एकरा पहिले भी मुख्यमंत्री भगवान राम के कई बार अपमान कइले बाड़ी. सरस्वती मंत्र के ग़लत पाठ कइले बाड़ी आ अब रैली में चंडीपाठ के ग़लत जाप करतारी. मुख्यमंत्री बंगाल के संस्कृति के बार-बार अपमान कइले बाड़ी."

सन 2011 में राज्य में पहिली बार सत्ता में अइला के साल भर बादे ममता बनर्जी मसजिद के इमाम लोगन खातिर ढाई हज़ार रुपया के मासिक भत्ता देबे के घोषणा क दिहली. पिछला साल यानी 2020 में पहिली बार मुख्यमंत्री राज्य के आठ हज़ार से ज़्यादा ग़रीब ब्राह्मण पुजारियन के एक हज़ार रुपया मासिक भत्ता आ मुफ़्त आवास देबे के एलान करुई. ओकरा बाद प्रश्न उठल कि इमाम लोगन के ढाई हजार रुपया महीना आ पुजारिन के एक हजार रुपया महीना काहें? हिंदू धर्म का संगे ई भेदभाव काहें? नंदीग्राम से कांग्रेस-लेफ्ट आ आईएसएफ गठबंधन सीपीएम के मीनाक्षी मुखर्जी के उम्मीदवार बनवले बा. बाकिर ऊ लड़ाई में तीसरा नंबर पर लउकतारी. (लेखक विनय बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं.)
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