Bhojpuri Spl: बिधानसभा में चलल रहे चप्पल तs केहू भइल रहे बेहोश, जानीं पूरा माजरा!

अब राजनीति में हारजीत के कड़ुआहट पहिले से बहुत जादा बढ़ गइल बा. सदन अउर स्पीकर के मरजादा भी केहू नइखे बूझत. आज से एगारह साल पहिले बिधानसभा में ऐहू से बड़ हंगामा भइल रहे. ओह घरी तs केतना बिधायक घवाहिल हो गइल रहन. दू बिधायक बेहोश हो गइल रहन.

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  • Last Updated: March 18, 2021, 4:00 PM IST
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नवल किशोर दलान पs बइठ के अखबार पढ़त रहन. अतने में मोतीलाल अउर बिजयकांत आ गइले. दूनो जना के आवत देख के नवल किशोर चस्मा-अखबार चौकी पs राख देले. बिजयकांत अखबार देख के कहले, का नवल भाई ! का पढ़त रहs, राजनीति के हाल तs बेहाल बा. नवल किशोर कहले, हां, बिधानसभा में जवन अबहीं हो रहल बा ऊ देख-सुन के बहुत तकलीफ हो रहल बा. परजातंत्र के मंदिल में अगर धक्का-धुक्की होई, मारामारी के ठेकान लाग जाई तs आम जनता पs एकर का असर पड़ी ? मोतीलाल कहले, अब राजनीति में हारजीत के कड़ुआहट पहिले से बहुत जादा बढ़ गइल बा. सदन अउर स्पीकर के मरजादा भी केहू नइखे बूझत. नवल किशोर कहले, आज से एगारह साल पहिले बिधानसभा में ऐहू से बड़ हंगामा भइल रहे. ओह घरी तs केतना बिधायक घवाहिल हो गइल रहन. दू बिधायक बेहोश हो गइल रहन. रातभर बिधानसभा में धरना दिहल गइल रहे. अउर हद तब हो गइल जब सदन में हंगामा के बिच्चे केहू स्पीकर देने चप्पल फेंक देले रहे.

11 साल पहिले का भइल रहे ?

बिजयकांत तनी अचरज में कहले, बिधानसभा में एहू से बड़ हंगामा भइल रहे ? कब अउर कवना बजह से भइल रहे ? नवल किशोर कहले, ई बात हs जुलाई 2010 के. तीन महीना बाद बिहार विधानसभा के चुनाव होखे वला रहे. राजद मुख्य बिपक्षी दल रहे अउर ओकर 54 बिधायक रहन. नीतीश कुमार सत्ता बरकरार राखे खातिर राजनीत करत रहन तs राजद वापसी खातिर जोर लगवले रहे. 19 जुलाई 2010 से बिहार बिधानसभा अउर बिहार बिधान परिषद के मानसून सत्र शुरू भइल रहे. एही समय में सीएजी के रिपोट आइल रहे जवना में कहल गइल रहे कि 2002-03 से लेके 2007-08 के बीच अलगा-अलगा सरकारी बिभाग में 11 हजार 412 करोड़ रोपेया के गड़बड़ी भइल रहे. राजद, कांग्रेस, कौमनिस्ट पाटी सीएजी रिपोट के मुद्दा बना के नीतीश कुमार से इस्तीफा मांगे लगले. 20 जुलाई के बैइठक के दूसरा दिन रहे. राजद, कांग्रेस, लोजपा, सीपीआइ के बिधायक बिधानसभा में हंगामा करे लगले. बिपक्षी दल ट्रेजरी में घोटाला के आरोप लगा के नीतीश कुमार से इस्तीफा के मांग करे लगले. खूब हंगामा भइल. राजद कांग्रेस के बिधायक बिधानसभा के भीतरे कुरसी-टेबुल पलट देले. पक्ष बिपक्ष में धक्का-धुक्की भी होखे लागल. कुर्सी, टेबुल, माइक फेंकला से कतना बिधायक घवाहिल भी हो गइले. स्पीकर के बात सुने खातिर बिपक्ष तइयार ना रहे.

रातभर सदन में धरना
नवल किशोर बोलत-बोलत रुक गइले तब मोतीलाल पूछले, फेन का भइल ? नवल किशोर कहले, एकरा बाद जवन भइल ऊ बिहार के इतिहास में बहुत दुखदायी और शरमनाक रहे. बिपक्षी बिधायक लोग बिधानसभा में धरना पs बइठ गइले. ऊ लोग के कहनाम रहे कि जब ले नीतीश कुमार इस्तीफा ना दिहीं तब ले दिने-राते बिधानसभा में ही बइठल रहब जा. रातभर 50 से अधिका बिधायक बिधानसभा में धरना पs बइठले रह गइले. पांच बिधायक बिधानसभा कैंपस के बहरी रोड पs धरना देवे लगले. कुर्सी फेंका-फेंकी अउर धक्का-धुक्की केतना बिधायक घायल हो गइल रहन. ऊहो मलहम पट्टी करा के धरना में शामिल हो गइल. रात भर ई सभे लोग अइसहीं धरना पs बइठल रह गइले. बिहार खातिर ई अनोखा बात रहे. एह घटना से एक हफ्ता पहिले करनाटक में कांग्रेस के बिधायक लोग खनन घोटाला के सीबीआइ जांच खातिर दू दिन दू रात सदन के लॉबी में धरना देले रहे लोग. ओह घरी करनाटक में भाजपा के सरकार रहे.

सदन में चलल चप्पल

भोर भइला के बाद बुध के दिन बिधानसभा के कार्यवाही फेन शुरु भइल. विपक्षी सदस्य फेन हंगामा करे लगले. ऊ नारा लगावे लगले, खजाना चोर- गद्दी छोड़. तब सत्ता पक्ष के एक बिधायक प्रस्ताव रखले कि हंगामा करे वला बिधायक लोग सदन से निकाल देव जाय. स्पीकर उदय नारायण चौधरी प्रस्ताव मंजूर कर लेले. हंगाम कर रहल अउर धरना दे रहल 67 बिधायक के सदन से निलंबित कर दिहल गइल. निलंबित बिधायक लोग के सदन से बहरी करे खातिर मारसल के बोलावल गइल. मारसल, बिधायक लोग के टांग-टांग बहरी करे लगले. एही बीच केतना बिधायक लोग मारसल संगे अझुरा गइले. अफरा-तफरी के माहौल बन गइल. एही हंगामा के बीच कवनो सदस्य स्पीकर देने चप्पल फेंक देले. चप्पल स्पीकर के टेबुल के बगल में गिरल. ई बहुत शरमनाक बात रहे. बिपक्षी बिधायक लोग स्पीकर उदय नारायण चौधरी पs पक्षपात के आरोप लगा के उनको खिलाफ भी नारा लगावे लगले.



केहू बेहोश भइल, केहू गमला पटक के फोड़लस

जवन 67 बिधायक बिधानसभा से निलंबित भइले ओकरा में राजद के 42, लोजपा के 10 अउर कांग्रेस के दू लोग शामिल रहन. बिधायक लोग के सदन से निकाले में मारसल लोग बहुत परेसानी उठावे पड़ल. आपाधापी हिल हुज्जत में राजद के बिधायक शिवचंदर राम बेहोश हो गइले. उनका के अस्पताल पहुंचावे पड़ल. बिधानपरिषद में भी सीएजी रिपोट के मामला में बहुत हंगामा भइल रहे. सभापति के माइक उखाड़ के फेंक दिल गइले रहे. सभापति हंगाम कर रहल विपक्षी सदस्य लोग के बहरी निकाले खातिर मारसल बोला लेले. एही दौरान कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य श्रीमती ज्योति के भी महिला मारसल सदन से बहरी ले अइली. ज्योति एह बात से अतना तैश में आ गइली कि ऊ सदन के गेट पs राखल फूल के गमला के उठा-उठा के जमीन पs पटके लगली. ओह घरी आरोप लागल रहे कि ज्योति गमला से मारसल लोग पर हमला करे के कोशिश कइले रही. दोसरा देने एमएलसी ज्योति के आरोप रहे कि महिला सुरक्षाकर्मी उनका साथे मारपीट अउर बदसलूकी कइले रही. ज्योति एकना आवेश में रही कि बेहोश हो गइली. उनको के अस्पताल ले जाये के पड़ल. अइसन हंगामा आज ले बिहार विधान मंडल (दूनो सदन) में ना भइल रहे. नियम अउर परम्परा के धज्जी उड़ा दिहल गइल रहे. लोकतंत्र के पहुरुआ कहाये वाल लोग ई रूप देख के सभे चिहा गइल. अकरा बाद दूनो सदन के कार्यवाही स्थगित कर दिहल गइल रहे.

हंगामा से राजद के चुनाव में ना मिलल फैदा

अतना बात सुन के मोती लाल कहले, लेकिन राजद अउर लोजपा के अतना हंगामा कइला से चुनाव में कवनो फैदा ना मिलल. उल्टे जनता में एकर गलत संदेश गइल. तीन-चार महीना बाद जब चुनाव भइल तs राजद-लोजपा के दुरदासा हो गइल. राजद के नेता लोग नीतीश कुमार अउर भाजपा के खिलाफ खूब मुद्दा (पइसा के गड़बड़ी) उछललस लोग. लेकिन जनता सही-गलत के फैसला अपना हिसाब से कइलस. नवम्बर 2010 में जब बिधानसभा चुनाव के रिजल्ट निकलल तs राजद के सीट 54 से घट के 22 हो गइल. लोजपा 10 से 3 पs लोंघड़ा गइल. दोसरा देने नीतीश कुमार 88 से 115 छलांग मार देले. भाजपा तs बिहार में आपन नाया रेकौड बना देलस. भाजपा के सीट 55 से 91 पs पहुंच गइल. मतलब, विधानसभा में हंगामा कइला, हाथापायी कइला से फैदा के बदले घाटा ही होखे ला. एगारह साल बाद एक बेर फेर बिहार में पिपक्षी दल ओइसहीं हंगामा कर रहल बाड़े. (लेखक अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ स्तंभकार हैं.)
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