Bhojpuri: जब 43 साल के शहाबुद्दीन के ‘साहेब’ अउरी ‘जी’ कहले रहन 62 साल के लालू जी

आज कोरोना के कारण सीवान के पूर्व सांसद और राजद नेता शहाबुद्दीन के मौत हो गइल. लेकिन एगो जमाना रहे, जब शहाबुद्दीन के दबंगई के चर्चा सिर्फ बिहार में ही ना, बल्कि पूरा देश में रहे. हालांकि, एतना सभ के बावजूद शहाबुद्दीन, लालू प्रसाद यादव के बहुत करीबी रहन. एक बार त लालू यादव, शहाबुद्दीन के साहेब और जी तक कहले रहन.

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भैरोनाथ टीभी बंद कर के बैजनाथ से पूछले, लालू जी के राजनीत में शहाबुद्दीन के का अहमियत रहे ? बैजनाथ कहले, एह सवाल के जवाब खातिर तहरा के हम लालू जी के एक बेयान सुना रहल बानी. बात अगस्त 2010 के हs. दू महीना बाद बिहार बिधानसभा के चुनाव होखे के रहे. लालू जी सत्ता में वापसी खातिर हांथ-पांव मारत रहीं. अगस्त 2010 में लालू जी एक दिन सीवान जेल पहुंच गइले. राजद के पूर्व सांसद अउर बाहुबली नेता शहाबुद्दीन जेल में बंद रहन. दूनो अदिमी में करीब एक घंटा मोलकात भइल. जेल से बाहरी अइला पs पतरकार लोग के सवाल पs लालू जी कहले, “हमारे पुराने एमपी साहेब शहाबुद्दीन जी जेल में बंद हैं.

बहुत दिन से जेल में बंद हैं. मैं उनसे मिलने आया था. हमारी मोलकात बहुत दिनों के बाद हुई. ये बेलकुल गैरराजनीतिक मुलाकात थी.” बैजनाथ बोलत-बोलत रुक गइले. भैरोनाथ देने देख के पूछले, कुछ समझलs ? लालू जी तीन लाइन के बेयान में सजायाफ्ता शहाबुद्दीन के ‘साहेब’ अउरी ‘जी’ दूनो कहले. ओह घरी लालू जी के उमिर 62 साल अउर शहाबुद्दीन के उमिर 43 साल रहे. उमिर अउर अनुभव में शबाहुद्दीन बहुत कम रहन. एकरा बादो लालू जी उनका के साहेब और जी कहले. लालू जी बड़का-बड़का नेता के साहेब अउर जी ना कहले. लेकिन सवाल ‘माई’ समीकरण के रहे.

शहाबुद्दीन के पक्ष में हरमेसा खाड़ा रहले लालू जी

भौरोनाथ के मन में अभी बहुत सवाल रहे. बिकरम-बेताल अइसन फेन सवाल दगले. शहाबुद्दीन पs अपराध के कई गो मोकदमा चलत रहे. उमिर कैद के सजाय भी भइल. एकरा बादो लालू जी काहे शहाबुद्दीन के पक्ष लेत रहन ? बैजनाथ कहले एह सवाल के जवाब खातिर, तहरा के एगो आंखों देखा हाल सुनावत बानी. जून 2017 में राष्ट्रपति चुनाव के गहमागहमी रहे. लालू जी एक दिन दिल्ली पहुंचनी. दिल्ली हवाईअड्डा पs उतरले तs पतरकार लोग उनका के घेर के सवाल पूछे लगले. सवाल, आपकी सांठगांठ किसके साथ है, शहाबुद्दीन के साथ है ? लालू जी, भजापा को हटाना है. सवाल, शहाबुद्दीन के साथ क्या रिलेशन है आपका ? लालू जी, है, हमारा अच्छा रिलेशन है. सवाल, गैंगस्टर के साथ रिलेशन रखिएगा ? लालू जी, गैंगस्टर है ? लालू जी चिचिया के डंटले, भागsss. हवाईअड्ड पs सवाल पूछे के अब दोसर दिरिस.
सवाल- जबाब अउर तकरार

लालू जी से सवाल, एक बात बता दीजिए सर, आपके और शहाबुद्दीन के क्या रिश्ते हैं ? लालू जी, शहाबुद्दीन हमारे पार्टी में थे, अब जेल में हैं. सवाल, क्या जेल में उनसे बात होती है ? लालू जी, जेल में कैसे बात होगी ? सवाल, लेकिन हम लोगों के पास टेप है ? लालू जी, टेप चलाते रहो, हरि का भजन गाते रहो. सवाल, आपने एयरपोर्ट पर पतरकरों को गालियां दीं ? लालू जी, बहुत बदतमीज है तुम्हारा रिपोर्टर. सवाल, लेकिन आपने भी तो बदतमीजी से बात की ? लालू जी खिसिया गइले, बदतमीजी ! फिर वही बात, दे देंगे दू मुक्का कि नाच के गिर जाओगे. बैजनाथ कहले, एतना बात सुनावे ईहे मतलब बा कि जवना से तूं समझ सकs कि लालू जी शहाबुद्दीन के खिलाफ एक हरफ ना सुनल चाहत रहन. एह सवाल पs लालू जी केहू से भिड़े खातिर तइयर हो जात रहन. शहबुददीन पs चाहे जेतना कानूनी शिकंज कसल, लेकिन लालू जी हरमेसा उनका साथे खाड़ा रहले.

जब शहाबुद्दीन के मदद से बनल रहे राबड़ी सरकार



भौरोनाथ पूछले, का शहबुद्दीन से कबो लालू जी के फैदा भउल रहे कि ऊ एतना मानत रहन ? बैजनाथ कहले, 2000 में नीतीश जी के इसतीफा देला के बाद अगर राबड़ी देवी के सरकार बनल रहे तs एकरा में शहाबुद्दीन के बहुत बड़ हाथ रहे. 2000 के विधानसभा चुनाव में कवनो दल के बहुमत ना मिलल रहे. राजद के 324 में से 124 सीट मिलल रहे. एनडीए के सभ दल मिल के 122 तक ही पहुंच सकले. कंगरेस के 23 सीट मिलल रहे. लेकिन राज्यपाल नीतीश कुमार के अगुवाई में एनडीए के सरकार बना देले. (नीतीश जी ओह घरी केन्द्र में मंत्री रहन.) नीतीश जी के बहुमत साबित करे के रहे. एही बीच अफवाह उड़ल कि कांगरेस के आठ बिधायक टूट के नीतीश जी के खेमा में जाये वला बड़े.

कांगरेस के टूट से बचावे खतिर विधायक लोग के बिहार सरकार के होटल (होटल पाटलिपुत्र) में ठहरा दिहल गइल. ठहरा का दिहल गइल, एक तरह से नजरबंद कर दिहल गइल. कंगरेस के बिधयक लोग के रूम में बंद कर के अगोरिया के भार बाहुबली शहाबुद्दीन के मिलल रहे. कहल जाला कि शहाबुद्दीव अपना पाकिट पिसतउल रखा के रोज होटल में निगरानी करत रहन. एह उपाय के चलते कंगरेस के बिधायक, नीतीश के समरथन ना दे पवले. नीतीश जी से बहुमत के जोगड़ ना भइल. साते दिन बाद उनका मुखमंतरी पद से इस्तीफा देवे पड़ल. एकरा बाद लालूजी, कांग्रेस के मेल से राबड़ी देवी के सरकार बनवा देले. लालू जी के राजनीतिक हनक बनावे में शहाबुद्दीन के बहुत बड़ जोगदान रहे. एकरा बाद भैरोनाथ के सवाल पूछे के सिलसिला बंद हो गइल. (लेखक अशोक कुमार शर्मा जी वरिष्ठ स्तंभकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)
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