Bhojpuri Spl: जब उपेंदर कुशवाहा खातिर नीतीश जी के भइल रहे सुशील मोदी से भिड़ंत

नीतीश जी (Nitish Kumar) उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) के बहुत मानत भी रहन. अगर ऊ 2008 में नीतीश से अलगा ना भइल रहिते तs आज जदयू के बड़का नेता रहिते. एक समय उपेनदर कुशावाहा खातिर नीतीश जी सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) के भी दरकिनार कर देले रहन. नीतीश जी के मन के कवनो कोना में आजो उपेनदर कुशवाहा खातिर सनेह बसल बा.

  • Share this:
रामनिवास जदयू औफिस के बहरी निकलते तs गनेस से पूछले, का उपेनदर कुशवाहा के जदयू में अइला से पाटी के फैदा होई ? जब ऊ रालोसपा के एक्को बिधायक ना जिता सकले तs जदयू के कइसे मजबूत करिहें ? एकर जबाब में गनेस कहले, उपेनदर कुशवाहा ओह घरी नीतीश जी के साथे रहन जब 1994 में समता पाटी बनल रहे. नीतीश जी उपेन्द्र कुशवाहा के बहुत मानत भी रहन. अगर ऊ 2008 में नीतीश से अलगा ना भइल रहिते तs आज जदयू के बड़का नेता रहिते. एक समय उपेनदर कुशावाहा खातिर नीतीश जी सुशील कुमार मोदी के भी दरकिनार कर देले रहन. नीतीश जी के मन के कवनो कोना में आजो उपेनदर कुशवाहा खातिर सनेह बसल बा. तब्बे नू उनका के आवते जदयू राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष बना दिहल गइल.

शुरुआत के साथी
रामनिवास पूछले, नीतीश जी के सुशील मोदी से कहिया भिड़ंत भइल रहे ? गनेस कहले, पहिले ई जव ल कि नीतीश जी उपेनदर कुशवाहा के केतना मानत रहन. 1994 में नीतीश जी जनता दल के अलगा होके समता पाटी बनवले रहन. 1995 के बिधानसभा चुनाव में उपेनदर कुशवाहा समता पाटी के टिकट पs बैसाली के जंदाहा सीट से चुनाव लड़ले लेकिन हार गइले. 2000 के बिहार बिधानसभा चुनाव में नीतीश जी उनका के फेन जंहादा से खाड़ा कइले. अबकी उपेनदर कुशवाहा जीत गइले. एह चुनाव में समता पाटी के 34 विधायक जीतल रहन. ओह घरी जदयू अलग पाटी रहे. जदयू के 21 बिधायक जीतल रहन. भाजपा के 67 सीट रहे. राजद, कांग्रेस के मेल से सरकार बनवले रहे. भाजपा मुख्य विपक्षी दल रहे. एही बीच नवम्बर 2000 में बिहार के बंटवारा हो गइल. झारखंड नया राज्य बनल. राज्य के बंटवारा होखे से बिधानसभा में बिधायक लोगन के संख्या भी बदल गइल. झारखंड बनला के बाद बिहार बिधानसभा में भाजपा के 34 , समता पाटी के 29 अउर जदयू के 18 बिधायक बांच गइले.

सुशील मोदी ना उपेनदर कुशवाहा रहन खासमखास
गनेस के बाज जारी रहे. बिहार बिधानसभा में भाजपा सबसे बड़ विपक्षी दल रहे. एह से भाजपा बिधायक सुशील कुमार मोदी नेता प्रतिपक्ष चुनाइल रहन. ऊ 1995 से ही एह पद पs रहन. तीन साल ठीके-ठाक रहल. लेकिन अक्टूबर 2003 में समता पाटी के जदयू में विलय हो गइल. दूनो दल मिला के जदयू कहाये लागल. एकरा चलते बिहार बिधानसभा में जदयू के संख्या 47 हो गइल. जदयू भाजपा से बड़ पाटी हो गइल. तवना घरी नीतीश जी वाजपेयी सरकार में मंतरी रहन. उनकर भाजपा से बहुत दोस्तियारी रहे. लेकिन ओहघरी नीतीश जी के खासमखास सुशील मोदी ना बलिक उपेनदर कुशवाहा रहन. नीतीश जी सवाल उठा देले कि जब बिधानसभा में जदयू के दूसरा स्थान बा तs नेता प्रतिपक्ष के कुर्सी भी जदयू के ही मिले के चाहीं. सवाल वाजिब रहे. तब भाजपा के नेता नीतीश कुमार से कहले कि गठबंधन के लेहाज खातिर सुशील मोदी से पद छीनल ठीक ना होई. लेकिन नीतीश जी सुशील मोदी के नेता प्रतिपक्ष से हटावे खातिर अड़ गइले.

पहिले बेर बिधायक बन के बनले नेता प्रतिपक्ष
गनेस तनिक सोंच के कहले. कहल जाला कि आडवाणी जी भी एह मामला में सुलह करावे के कोशिश कइले रहन. लेकिन बात ना बनल. नीतीश जी कवनो हाल में उपेनदर कुशवाहा के नेता प्रतिपक्ष बनावल चाहत रहन. ओह घरी जदयू में कइअक गो बड़ नेता रहन. लेकिन नीतीश जी के पसंद उपेनदर कुशवाहा रहन. उनके पs सबसे अधिका भरोसा रहे. आखिरकार सुशील मोदी के पद से हटे के पड़ल. 2004 में उपेनदर कुशवाहा नेता प्रतिपक्ष बन गइले. गनेस कहले, सोच लs, उपेनदर कुशवाहा पहिला बेर बिधायक बनल रहन अउर पहिलके बेर में नेता प्रतिपक्ष के कुर्सी पs पहुंच गइले. राज्य के राजनीति में नेता प्रतिपक्ष के बारे में मानल जाला कि भविष्य में ऊ सीएम पोस्ट के दावेदारी कर सकेला. लेकिन उपेनदर कुशवाहा अपना गलती के चलते ऊंचाई पs चढ़ला के बाद नीचे गिर गइले. ऊ नीतीश जी से लड़ाई ठान देले जवना के चलते ईहां-भहां भटके के पड़ल. अब जब उनकर हाथ खाली बा तs एक बेर फेन नीतीश जी के साथे आइल बाड़े.

का स्थायी मेला बा ?
रामनिवास पूछले, उपेनदर कुशवाहा तs पहिलहूं जदयू में अइला के बाद अलगा हो गइल रहन ? गनेस जबाब देले, हां, 2008 में अलगा भइला के एक्के साल बाद ऊ जदयू में लौट आइल रहन. 2009 में नीतीश जी उनका राज्यसभा में भेजले रहन. लेकिन मोसकिल से तीन साल बीतत कि फेन झंझट शुरू हो गइल. लेकिन अब अइसन ना हो सके ला. काहे से कि अब ऊ कहीं दोसरा जगह ना जा सकेले. तेजस्वी अउर मायावती के मेल के असलियत ऊ देख लेल बाड़े. उपेनदर कुशवाहा के जवन इज्जत एनडीए में मिलल ऊ अउर कहीं ना मिलल. राजनीति में बड़ नेता ऊहे कहाला जेकरा भिरी जुनाव जीते अउर जितावे के बूता होखे. हैसियत से अधिका पावे के लालसा, पतन के रास्ता तइयार कर देला. मायावती तs उनका के सीएम चेहरा मान के बिहार बिधानसभा चुनाव लड़ल रही, लेकिन फैदा का मिलल ? जवनो जमापूंजी रहे उहो गंवा देले. जहां तहां घुमला के चलते ऊ संसदो न रहले. पाटी के एक बिधायक ना चुनइले. बड़-बड़ नेता साथ थोड़ देले. दूनो हाथ खाली के खाली. अब कहां जइहें ? अइसना में नीतीशे जी फेन उनकर नइया पार लगइहें . गनेस के बात पs रामनिवास कुछ सोंचे लगले. (लेखक अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ स्तंभकार हैं.)

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.