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Bhojpuri: सांवर अभिनेत्री जब पड़ली गोरकी पर भारी, हिन्दी से लेके भोजपुरी सिनेमा पर चलल जादू

फिलिम इंडस्ट्री में जादातर गोर हिरोइन के डिमांड रहेला. सांवर हिरोइन के अक्सर साइड कैरेक्टर के रोल ही मिलेला. हालांकि, एकरा बावजूद अगर कवनो सावर हीरोइन के लीड रोल करेके मौका मिल जाला त उ छा जाली. एकर कएगो उदाहरण बा. भोजपुरी फिल्म में भी साँवर अभिनेत्री आपन जलवा देखवले बाड़ी.

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सिनेमा आ टीवी में गोर रंग के बड़ा सनक बा. निर्माता, निर्देशक आ कास्टिंग डायरेक्टर से ले के भारतीय दर्शक ले सभे अगर हीरो चाहीं त गोरे चाहीं. जदि साँवर हीरो चलियो गइल त हिरोइन बेलकुल दूध के जइसन झलकत सफेद रंग के होखे के चाहीं तबे फिलिम बनी. अगर हिरोइन सांवर बिया भा रंग ओकर ढेर दब बा त उ फेर नौकरानी, सहेली भा कवनो अउरी साइड रोल में काम करी, भले उ हिरोइन से ज्यादा प्रतिभावान अउरी भावपूर्ण काहे ना होखे. अब रउआ क्षेत्रीय सिनेमा के ले लीं. ओहमें अक्सर हीरो सामान्य रंगत के ही मिलिहें आ देह धाजा भी सामान्य ही रही. बाकिर, ओ फिल्मन के हिरोइन देख लेब, बुझाई कि कवनो धरती पर उतरल अप्सरा होखे. जइसे साउथ के सिनेमा ले ली. उहाँ के हीरो त लोकल रहेला, आ साउथ के जलवायु के चलते अक्सर लोग के रंगत तनी दब होला. एह वजह से उहाँ के हीरो के रंगत बहुत गोरहर ना होला. बाकिर हिरोइन रउआ देख लेम कुछएक के छोड़ के सब रउआ दूधिया गोराई वाला लउकिहें. इहे कारण बा कि साउथ के फिल्मन के अधिकतर हिरोइन उत्तर भारत से गइल बाड़ी आ उहाँ के दर्शक के खूब पसंद आवेली. इहे हाल कमोबेश भोजपुरियो में बा.

हिन्दी सिनेमा में शायद एकर दर्शक वर्ग बड़हन बा एह चलते भा इहाँ के कुछ निर्माता निर्देशक में समझदारी बा एह चलते, कई गो हीरो हिरोइन साँवरों बाड़ी जे इहाँ सफल भइल बाड़ें आ खूब शोहरत, इज्जत कमइले बाड़ें. हालांकि इहाँ भी बड़ा रंग भेद बा. रउआ टीवी इंडस्ट्री में देखेम त पाएम कि उहाँ एतना खतरनाक रंग भेद चलेला कि पूछीं मत. उहाँ त अगर नौकरो के रोल होला त उहो कलाकार गोर होखे के चाहीं. अगर केहु सामान्य रंगत वाला होखे, जवन कि भारत में औसतन रंगत वाला लोग बा, ओकरा खातिर त इहो दरवाजा बंदे बा. इहे कारण बा कि टीवी पर रउआ अमीर से गरीब ले, छोट से बड़ ले सब एके लेखां रंगाइल-पोताइल चेहरा वाला कलाकार लउकिहें. कहानी में एकरसता खातिर बदनाम टीवी इंडस्ट्री देखला में भी विवध ना लउकेला. हाँ, ओटीटी जबसे आइल बा, सबसे पहिले ई गोर-साँवर-झाँवर-करिया कलाकार के रंग भेद मेटवले बा. जवना चलते टीवी से उकताइल दर्शक बोझा-बोझा ओने उझिलाताड़ें.

इतना भेदभाव में सिनेमा के शुरुआते से बहुत अइसन हिरोइन बाड़ी जे धारा के बहाव के खिलाफ आपन सफर तय कइले बाड़ी आ सफलता भी हासिल कइले बाड़ी. अइसन उत्तर भारत से लेके दक्षिण भारत के सिनेमा ले भइल. अइसन हिरोइन में सबसे पहिला और बड़ नाम देखल जा त रेखा के बा. जी हाँ, रेखा साँवर वर्ण के हिरोइन हई बाकिर उनका अदा आ खूबसूरत नैन नक्श के आगे एक से एक हॉलीवुड के दूधो से उजर हीरोइन फेल बाड़ी सन. 66 साल के रेखा के केहु देख के ई कहि सकेला कि उनका पर बुढ़ापा के कवनो असर आइल बा. अभियो जब स्टेज पर थिरकेली त उनका टाइम के लोग से लेके एह बेरा के दर्शक के कारेजा भी थिरके लागेला. 180 फिल्म कर के एगो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, तीन गो फिल्मफेयर पुरस्कार जीते वाली महान अभिनेत्री रेखा एगो जीयत-जागत उदाहरण बाड़ी कि रंग से कवनो फरक ना पड़ेला. अब ज़ीनत अमान के देख लीं. 1970 में 19 बरिस के उमीर मिस एशिया पेसिफिक के क्राउन अउरी टाइटल जितली. ओकरा बाद बॉलीवुड में अइली त दर्शक के दिल पर छा गइली. उनके हरे रामा हरे कृष्णा अउरी सत्यम शिवम सुंदरम के शानदार रोल के के भुला सकेला.

ओकरा बाद वाला दौर में हिन्दी सिनेमा के कई गो अउरी सांवर रंग के हिरोइन आपन पहचान बनवली. काजोल के त भारत के बच्चा बच्चा जानत होई. उनके फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ आजुओ कवनो थियेटर में सबसे ढेर समय तक चले वाला फिल्म के रिकार्ड बनवले बा. काजोल के रंग भी दब रहे बाकिर उ फिल्मन में आवते आपन जलवा देखा देहली. उ स्कूले में रहली तले उनके फिल्म बेखुदी मिलल. ओकरा अगिला साल उनके शाहरुख खान के साथे सुपरहिट क्लासिक फिल्म बाज़ीगर (1993) मिल गइल. काजोल आपन स्कूलिंग छोड़ देहली आ फुलटाइम हिरोइन बन गइली. ओकरा बाद शाहरुख खान आ उनके जोड़ी लगातार एक से बढ़के एक हिट फिल्म देहलस. काजोल बियाह कइली अजय देवगन से. अजय भी रंग में सांवर बाकिर हिन्दी फिल्म जगत के सुपरस्टार हवें. काजोल के 6 गो फिल्मफेयर अवॉर्ड मिलल बा जवन आजतक के हिन्दी फिल्म इतिहास में कवनो हिरोइन के सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री खातिर मिलल अवॉर्ड से ज्यादा बा.

उनका बाद नाम बिपाशा बसु के आवेला. मॉडलिंग से शुरुआत करे वाली बिपाशा हिन्दी फिल्म उद्योग में एगो सफल अउरी लोकप्रिय हिरोइन जानल जाली. उनके पहिले फिल्म अजबनी खातिर फिल्मफेयर पुरस्कार मिलल आ ओकरा बाद उ कईगो हिट फिल्मन के हिरोइन बनली. उनका करियर में सबसे ढेर हॉरर फिल्म करे के भी रिकॉर्ड बा. सांवर रंग के बात होखो आ प्रियंका चोपड़ा के बात ना होखो. प्रियंका चोपड़ा एह बेरा विश्व प्रसिद्ध बाड़ी, हॉलीवुड में भारत के झण्डा गाड़त बाड़ी बाकिर एक टाइम रहे कि उ अपना एह रंग से बड़ा परेशान रहली. बाकिर एकरा के आपन मजबूती बनवली फेर मिस वर्ल्ड बनली आ ओकरा बाद हिन्दी फिल्मन के लोकप्रिय अभिनेत्री.

भोजपुरी फिल्म में भी साँवर अभिनेत्री आपन जलवा देखवले बाड़ी. अब भोजपुरी सिनेमा के तीसरा चरण के शुरुआती फिल्मन के अभिनेत्री आ भोजपुरी में लगातार 16 साल से मुख्य भूमिका में सक्रिय हिरोइन रानी चटर्जी भी साँवर रंग के बाड़ी बाकिर अपना सुंदर नैन नक्श अउरी शानदार अदाकारी से अब तक भोजपुरिया दर्शक के दिल पर आपन अधिकार जमवले बाड़ी. भोजपुरी के ही लोकप्रिय अभिनेत्री अंजना सिंह भी संवरका पानी के हई. करियर के शुरुआत में एकरा चलते उ बड़ा तनाव में भी रहली बाकिर जब अपना कमजोरी के आपन हथियार बनवली त आज भोजपुरी फिल्मन के सफल अभिनेत्री बन गइली.

साँवर अभिनेत्री के लम्हर लिस्ट बा जे सिनेमा में आपन अलग पहचान बनवले बा. जइसे कोंकणा सेन शर्मा, मुग्धा गोडसे, अंजना सिंह, रानी चटर्जी, नयनतारा, प्रियमनी आदि बाड़ी.

(मनोज भावुक भोजपुरी साहित्य और सिनेमा के जानकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

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