Bhojpuri Spl: जब बंगाल में चुनाइल रहन राजद के बिधायक, जानीं कइसे मिलल रहे जीत

तेजस्वी जादव के कलकत्ता गइला से बिहार के लोगन में हलचल बढ़ गइल बा. तेजस्वी बिना शर्त तृणमूल कांग्रेस के समर्थन देवे के एलान कइले बाड़े. राजद बंगाल में चुनाव लड़ी की ना लड़ी, ई अबहीं साफ नइखे भइल. ममता दीदी भी राजद के समर्थन से खुश बाड़ी. उनका मन में लालूजी खातिर बहुत आदर भाव बा.

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शंभूनाथ बंगाल से अपना घरे आरा आइल रहन. उनकर बाबूजी हुगली जिला के चटकल (जूट) मिल में काम करत रहन. रामभवन, शंभूनाथ के पक्का संघतिया रहन. रामभवन के गांव में लोग नेताजी कहत रहे. शंभूनाथ के देख के रामभवन कहले, बतावs बंगाल के हाल, अलेक्सन में का होई ? शंभूनाथ कहले, तेजस्वी जादव के कलकत्ता गइला से बिहार के लोगन में हलचल बढ़ गइल बा. तेजस्वी बिना शर्त तृणमूल कांग्रेस के समर्थन देवे के एलान कइले बाड़े. राजद बंगाल में चुनाव लड़ी की ना लड़ी, ई अबहीं साफ नइखे भइल. ममता दीदी भी राजद के समर्थन से खुश बाड़ी. उनका मन में लालूजी खातिर बहुत आदर भाव बा. एतना सुन के रामभवन कहले, आज तेजस्वी, ममता दीदी के साथ बाड़े लेकिन जब लालूजी के चलती रहे तs ऊ कौमनिस्ट पाटी से तालमेल कइले रहन. 2006 में तs राजद के एगो कंडिडेटो जीतल रहन. दूनो जना के भिरिये ओटा पs हीरालाल बइठल रहन. ऊ पूछले, राजद के भी बंगाल में जीत मिलल बा ? ई कहिया के बात हs?

जब बंगाल में चुनइले राजद के बिधायक
हीरालाल के सवाल पs रामभवन कहले, 2006 के पश्चिम बंगाल बिधानसभा चुनाव में लालूजी कौमनिस्ट पार्टी के साथे रहन. लालूजी ओह घरी रेलमंत्री रहन. राजद के कंडिडेट मोहम्मद सोहराब कलकत्ता के बड़ा बाजार बिधानसबा सीट से खाड़ा भइल रहन. उनकर मुकाबला रहे कांग्रेस के अमिताभ चक्रवर्ती से. शहरी क्षेत्र में चुनाव भइला के बादो इहवां बहुत कम भोट पोल (42 परसेंट) भइल रहे. मोहम्मद शोहराब के कुल्लम 9 हजार 527 भोट मिलल रहे. जब कि अमितभा चक्रवर्ती के 8 हजार 760 भोट मिलल रहे. राजद के 767 भोट से ही जीत मिलल रहे. सोंच लs कि राजद के दसो हजार भोट ना मिलल लेकिन तब्बो ऊ जीत गइले. कलकत्ता के बाड़ा बाजार एशिया भर में अनाज के सबसे बड़ मंडी मानल जाला. एहिजा बिहार के बहुत लोग मोटिया मजूरी (बोझ ढोना) करे ले. कतना बिहारी लोग के दोकनदारियो बा. ऐह चुनाव में राजद, सीपीआइ के सहजोग से चुनाव लड़ल रहे जवना से कि जीत मिल गइल रहे. लेकिन फेन अइसन संजोग ना जुटल.

कांग्रेस-कौमनिस्ट के खिलाफ भइल राजद
हीरालाल पूछले कि तेजस्वी के फैसला से कांग्रेस के नोता का सोंच रहल बाड़े ? शंभूनाथ कहले, बिहार में राजद के कांग्रेस अउर कौमनिस्ट से तालमेल बा. लेकिन बंगाल में राजद अब ई दूनो पाटनर के खिलाफ काम करी. तेजस्वी के कहनाम बा कि कांग्रेस और कौमनिस्ट से गठबंधन खाली बिहार खातिर भइल बा. बिहार के बाहर राजद आपन बिस्तार खातिर अलग नीति अपना सकेला. तेजस्वी बंगाल के बिहारी लोगन से अपील कइले बाड़े कि ऊ दीदी के जितावे खातिर भोट देस. अगर बिहारी लोग भा हिंदीभाषी लोग ममता दीदी के एकतरफा भोट कर दिहें तs तृणमूल कांग्रेस के फूल अइसही खिल जाई. बंगाल चुनाव में बिहार भी फैक्टर बा. हिंदी भाषी भोट पs भाजपा के भी नजर गड़ल बा. एही से अब तृणमूल कांग्रेस के नेता आपन घोषणपत्र हिंदी में छपवा के बिहारी लोगन में बंटवा रहल बाड़े जवना से उनकर समर्थन बनल रहे.



तेजस्वी के अपील के का असर होई ?
हीरालाल पूछले, जब दीदी बाहरी बनाम लोकल के लड़ाई लड़ रहल बाड़ी तs बिहारी लोगन के भोट कइसे लिहें ? तब रामभवन कहले, मानल जाला कि बंगाल के 11 करोड़ के आबादी में करीब 72 लाख भोटर हिंदी अउर भोजपुरी बोले वला बाड़े. तहरा मालूमे होई कि रायबहादुर भिखारी ठाकुर कमाये खातिर खड़गपुर गइल रहन. कलकत्ता, खड़गपुर, उत्तरी 24 परगना, आसनसोल, दुर्गापुर, पुरुलिया, सिलीगुड़ी जइसन इलाका में हिंदीभाषी भोटर के बहुत अहमियत बा. 2019 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी के एक्के भाषण से काम बिगड़ गइल रहे. ओह चुनाव में ममता दीदी कहले रही, जे बंगाल में रही ओकरा बंगाली भाषा सीखे के पड़ी. ऐह बेयान से हिंदी भाषी भोटर अनराज हो गइल रहन. जवना से उनका लोग के झुकाव भाजपा देने हो गइल रहे. एह से अबकी बेर ममता बनर्जी हिंदी भाषी लोगन से मेलजोल बढ़ावे खातिर पहिलहीं से जुट गइल बाड़ी. अइसना में तेजस्वी के मदद से ममता दीदी के काम आसान हो सकेला. अंत में रामभवन कहले, अइसे चुनाव में का होई, ई केहू ना बता सके. (लेखक अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ स्तंभकार हैं.)
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