Home /News /bhojpuri-news /

Bhojpuri: का तेजप्रताप कुशेश्वरस्थान में जहानाबाद के कहानी दोहरइंए?

Bhojpuri: का तेजप्रताप कुशेश्वरस्थान में जहानाबाद के कहानी दोहरइंए?

.

.

दू साल के बाद दशहरा के मेला लागल रहे. पूरनमासी तक चहल-पहल बनल रहे ला. लइकन के जोश अकाश छुअले रहे. एगारह बजत बजत लइका ड्रेस पेन्ह के टाइट रहन सs. जटाशंकर के फटफटिया एस्टाट करे के देर रहे कि पलटन लदा गइल. जटाशंकर आगा बढ़ले तs नंदगोपाल भेंटा गइले. उहो लइकन के मेला घुमावे आइल रहन.

अधिक पढ़ें ...

बाजा, बैलून, खेलवना किनला के बाद लइकन के फौज चाट-चौमिन के दोकान पs धावा बोल देलस. समोसा चाट अउर चौमिन के छूह उड़े लागल. जटाशंकर, नंदगोपाल फरके एक कोना में बइठ के बतियावे लगले. नंदगोपाल उपचुनाव के चर्चा छेड़ देले. कहले, राबड़ी देवी के मान-मनऊअल भी काम ना आइल. तेजप्रताप आखिर बागी बनिए गइले. अब ऊ कुशेश्वरस्थान में कांग्रेस के सपोट करिहें. का कुशेश्वरस्थान में जहानाबाद के कहानी दोहरावल जाई ?

अब तेजप्रताप के होई तेजस्वी से भिड़ंत

नंदगोपाल के बात सुन के जटाशंकर कहले, राबड़ी देवी के बयान के बाद एक बात साफ हो गइल कि लालू जी के तबीयत अभी भी खराब बा अउर ऊ दिल्ली से पटना ना अइहें. मतलब लालू जी अब उपचुनाव में राजद के परचार ना करिहें. अब तेजस्वी पs ही सारा दारोमदार बा. कुशेश्वरस्थान में तेजस्वी अउर तेजप्रताप के भिडंत तय बा. अब डर बा कि कहीं राजद के पोलटिक्स मटियामेट मत हो जाए. अगर लालू जी के बेटा, लालू जी के बनावल पाटी के विरोध करी तs का कोई ? लालू जी के अरजल सभ जमा-पूंजी खतम हो सकेला. लालू जी के ब्रांड भैलू बचावे के कोशिश नाकाम हो गइल. तेजप्रताप के राजद से निकाले जाये के चर्चा से ही सब बखेड़ा शुरू भइल बा. तेजप्रताप के कमजोर समझे भूल ना करे के चाहीं. ऊ हकीकत में बगावत कर देले बाड़े तs राजद के बहुत बड़ कीमत चुकावे के पड़ सकेला. तेजप्रताप अपना के सेकेंड लालू कहे ले. लालू यादव के एसटाइल में दिहल उनकर भाषण पब्लिक पसंद भी करे ले.

अगर तेजप्रताप राजद के हरवा सके ले तs कमजोर कइसे बाड़े ?

नंदगोपाल तर्क देले, तs का परसानी खाली राजद के सामने बा ? तेजप्रताप के सामने कवनो मजबूरी नइखे ? राजद से बाहर उनकर कवनो भविष्य बा ? एह तर्क के जटाशंकर शांति से जवाब देले. ई सही बात बा कि कवनो नाया संगठन बना के तेजप्रताप के राजनीत कइल बहुत कठिन बा. ऊ दोसर बेर ही बिधायक बनल बाड़े. राजनीतिक अनुभव भी कम बा. लेकिन जोश अउर खीस में अगर ऊ नया संगठन बना लिही तs ओकर नाम से ही राजद के नोकसान हो जाई. जीत-हार के बात तs अलग बा. तेजप्रताप के संगठन अगर जीत ना सके तs ऊ राजद के हरा जरूर दिही. अब तनी इयाद करs जहानाबाद लोकसभा के चुनाव. एह चुनाव में तेजप्रताप राजद से बगावत कर देले रहन. ऊ जहानाबाद सीट पs चंद्रप्रकाश के आपन कंडिडेट बनवले रहन. इहां से राजद के उम्मीदवार रहन सुरेन्द्र यादव. जब भोट भइल तs राजद के सुरेन्द्र यादव 1751 भोट से चुनाव हार गइले. एह चुनाव में तेजप्रतार के कंडिडेट के 7714 भोट मिलल रहे. जाहिर बा इ भोट राजद के ही रहे. अगर तेजप्रताप कंडिडेट ना देले रहिते तs राजद आराम से जहानाबाद सीट जीत सकत रहे. अगर तेजप्रताप राजद के लोकसभा चुनाव हरवा सके ले तs उनका के कमजोर कइसे कहल जा सकेला ?

फेन रंग में आ गइले तेजप्रताप

अतना बात सुन के नंदगोपाल कहले, अच्छा ई बतावs कि राबड़ी देवी काहे ना मना पवली तेजप्रताप के ! जटाशंकर कहले, जाहिर बा, तेजप्रताप जवन चाहत बाड़े ऊ अभी तक उनका के मिलल नइखे. अब ऊ आरपार के लड़ाई लड़े के मन बना लेले बाड़े. देख लs अब तेजप्रताप कवन भासा बोल रहल बाड़े. उ फेन अपना पुरनका रंग में लौट आइल बाड़े. पूर्व सांसद रामासिंह के करारा जबाब देले. एही बहाने ऊ सभ नेता के बता भी देले कि राजद उनकर पिता लालू यादव के पार्टी हs. कवनो माई के लाल उनका के राजद से निकाल ना सके. तेजप्रताप के ताकत के आधार लालू यादव ही बाड़े. जब राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह कहले रहने कि कौन हैं तेजप्रताप ? तब एकर जबाब में तेजप्रताप कहले रहन, जाइए, लालू जी से पूछिए कि कौन हैं तेजप्रताप ? मतलब लालू जी के रहिते केहू तेजप्रताप के दरकिनार ना कर सके. अगर तेजप्रताप कुशेस्वर स्थान में राजद के हार के बजह बन जइहें तs बिहार के राजनीत नाया करवट ले सकेले. भले ई निगेटिभ पोलटिक्स कहाई, लेकिन कांग्रेस के जीत से तेजप्रताप के राजनीति में अहमियत बढ़ जाई. बतकही में जयाशंकर अउर नंदगोपाल के टाइम पास होखत रहे कि लइका लोग हाथ-मुंह पोंछ के भिरी खाड़ा हो गइले. पइसा देला के बाद सभ केहू दोकान से आगा चल देलस.

(अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ पत्रकार हैं, आलेख में लिखे विचार उनके निजी हैं.)

Tags: Bhojpuri Articles, Bhojpuri News

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर