Bhojpuri: ‘पारस’ के अइला से का LJP के कायाकलप हो जाई ? या फिर जली 'चिराग'!

लोजपा में नेतृत्व परिवर्तन का पाटी के भलाई खातिर भइल बा ? अगर रामविलास पासवान जिंदा रहिते तs का ई संभव रहे ? जब रामविलास पासवान रहन तs पशुपति पारस के नजर में चिराग पासवान काबिल नेता रहन. अब उहे चिराग पासवान में कमी ही कमी दिखायी पड़े लागल. आज पशुपति पारस लोजपा के मजबूत करे के बात कर रहल बाड़े. ऊ तs बहुत साल तक बिहार लोजपा के कप्तान रह चुकल बड़े. ओह घरी कहे ना ई काम कइले ? जब उनका भिरी बिहार के कमान रहे तs का हाल भइल रहे लोजपा के?

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जमुई के महिसौड़ी चौक पs लोजपा समर्थक रामखेलावन अउर पंचमलाल में बहस होत रहे. रामखेलावन कहले, कहल जाला कि पारस पत्थल, लोहा के सोना बना देला. का पशुपति कुमार पारस लोजपा के लोहा से सोना बना दिहें ? का राताराती तख्ता पलट देला से लोजपा के कायाकलप हो जाई ? पंचमलाल कहले, बिहार विधानसभा हरला के बाद लोजपा में निराशा रहे. चिराग पासवान पाटी में जोश ना फूंक पइले. नेता अउर कार्जकर्ता से उनकर दूरी बढ़ गइल रहे. एह से पशुपति कुमार पारस लोजपा संसदीय दल के नेता बन गइले.

रामखेलावन तनिक तैश में कहले, पशुपति पारस संसदीय दल के नेता बन गइले कि कुर्सी पs जबरिया कब्जा जमा ले ले ? वाह रे राजनीत ! पाटी तs टूटबे कइल, परिवारो टूट गइल. सांसद महबूब अली कैसर आज चिराग पs संवादहीनता के आरोप लगा रहल बाड़े. लेकिन उनका से ई पूछल जाव कि ऊ लोजपा में केतना सक्रिय रहन ? उनकर पुत्र युसूफ सलाहुद्दीन कैसर तs 2020 में राजद से बिधायक चुनाइल रहन. सांसद वीणा देवी के पुत्री कोमल सिंह के जब बिधानसभा चुनाव में लोजपा से टिकट मिलल रहे तs चिराग पासवान ठीक रहन ? आज चिराग पासवान के योग्यता पs सवाल उठावल जा रहल बा ? ई तs मतलबपरस्ती के राजनीत हs.

पशुपति पारस के अइला से का फरक पड़ी ?
पंचमलाल कहले, पशुपति कुमार पारस के राजनीत में लंबा अनुभव बा. ऊ 1977 में पहिला बेर बिधायक बनल रहन. लोजपा के चलावे खातिर जोश से अधिक अनुभव के जरूरत बा. ई बात सुन के रामखेलावन जबाब देले, पशुपति कुमार पारस अगर लोजपा के अध्यक्ष भी बन जास तs का फरक पड़ी ? लोजपा के ताकत के आधार रामविलास पासवान रहन. आज ऊ जिंदा नइखन लेकिन तबहुओं लोजपा की राजनीत उनके नांव पs टिकल बा. रामविलास पासवान के ना रहला से लोजपा को मोसकिल बढ़ गइल बा. एह घरी आपसी लड़ाई के बदले मेलमिलाप के जरूरत रहे. पशुपति कुमार पारस के राजनीति में एह से पहचान बा कि ऊ रामविलास पासवान के भाई हवें. रामविलास पासवान तs पारस के लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनवले रहन. लेकिन भइल का ? लोजपा के बनला के बाद पहिला विधानसभा चुनाव फरवरी 2005 में भइल. एह चुनाव में लोजपा के 29 बिधायक जीतले. लेकिन एकरा बाद बिधानसभा के चुनाव में लोजपा के खूंटा उखड़त चल गइल. रामविलास पासवान तs केन्द्र के राजनीत करत रहन. बिहार में लोजपा के बढ़ावे के जिम्मा तs पारस के मिलल रहे. लेकिन ऊ का कइले ?

जदयू के चलते मिलल रहे हार
रामखेलान के बात पs पंचमलाल कहले, अगर बिहार बिधानसभा चुनाव में लोजपा के खराब प्रदर्शन भइल तs एकरा खातिर खाली पशुपति पारस के कइसे जबाबदेह मानल जाई ? रामविलास पासवान का एकरा से अलग रहन ? रामखेलावन तरहत्थी पs मुक्का मार के कहले, ईहे बात हमहूं कहल चाहतानी ! 2020 के चुनाव में हार खातिर अकेले चिराग पासवान के काहे दोसी ठहरावल जा रहल बा ? जदयू के किलाफ लड़े के नीति के तs रामविलास पासवान मंजूरी देले रहन. अब एकरा खातिर चिराग के बलि के बकरा बना दिहल गइल. अगर पशुपति पारस के ई बात खराब लागल रहे तs रामविलास पासवान के सामने एकर विरोध करिते ? आज पशुपति पारस नीतीश कुमार के तारीफ कर रहल बाड़े. लेकिन उनके चलते पारस के अलौली में 2010 के चुनाव हारे के पड़ल रहे. रामविलास पासवान अलौली से ही पहिला बेर 1969 में बिधायक बनल रहन. 1972 में जब रामविलास पासवान अलौली सीट पs हार गइले तs एकरा बाद बिधायकी के चुनाव लड़ल छोड़ देले. तब ऊ आपन छोट भाई पशुपति पारस के अलौली से चुनाव लड़ावे लगले.

पारस जब प्रदेश अध्यक्ष रहन तs का कइले ?
रामखेलावन के बात जारी रहे. 2010 के चुनाव में लोजपा के राजद से गठबंधन रहे. मुकाबला नीतीश-भाजपा के गठबंधन से रहे. अलौली सीट पs पारस सात बेर चुनाव जीत चुकल रहन. लेकिन 2010 के चुनाव में जदयू के रामचंद्र सदा पारस के करीब सतरह हजार भोट से हरा देले. पारस ओह घरी लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहन. लेकिन नीतीश कुमार के कंडिडेट के चलते उनका चुनाव हारे के पड़ल. 2015 के चुनाव में पारस के फेन हार भइल. अबकी राजद के के चंदन कुमार पारस के करीब 24 हजार भोट से हरा देले. पारस के प्रदेश अध्यक्ष रहते बिहार चुनाव में लोजपा के किला ढहत चल गइल. फरवरी 2005 में लोजपा के 29 सीट मिल रहे. लेकिन अक्टूबर 2005 के चुनाव में 10 पर ही जीत मिलल. 2010 में 3 तs 2015 में 2 सीट पर सिमट गइल लोजपा. अतना कह के रामखेलावन पंचमलाल देने ताक के कहले, अब बतावs कि पशुपति पारस तs बिहार के कप्तान रहन, लेकिन का हाल भइल लोजपा के ? ओह घरी पाटी के संगठन मजबूत काहे ना कइले ? अब जब जदयू के किरिपा से लोजपा के बिधानसभा में खाता साफ हो गइल बा तs पारस जी कवन चमत्कार करिंहें ?

2017 में एनडीए के स्थिति बदल गइल
पंचमलाल फेन रामखेलावन के बात काट के कहले, लेकिन नीतीश कुमार तs पशुपति पारस के 2017 में तब मंतरी बनवले रहन जब ना ऊ बिधायक रहन, ना एमएलसी . रामखेलान बिना देर कइले जबाब देले, 2017 में जब नीतीश कुमार राजदे के छोड़ के एनडीए के साथे सरकार बनवले तs मंतरी पद खातिर बिबाद होखे लागल. जीतन राम मांझी, उपेनदर कुशवाहा अउर रामविलास पासवान भाजपा के साथे एनडीए में रहन. भाजपा के साथे-साथे, लोजपा, हम अउर रालोसपा भी नीतीश कैबिनेट में मंतरी पद के मांग कर देलस. ओह घरी उपेनदर कुशवाहा अउर जीतन राम मांझी के संबंध नीतीश कुमार से ठीक ना रहे.

पशुपति पारस कइसे बनले मंतरी ?
जीतन राम मांझी अपना पाटी के अकेला बिधायक रहन. ऊ अपना जगह पs केहू दोसर के मंतरी बनावल चाहत रहन. ऊ तीन नांव भी भेज देले रहन. लेकिन नीतीश कुमार हम अउर रालोसपा के कैबिनेट में जगह देवे खातिर तइयार न रहन. 2015 में लोजपा के दूइयो बिधयक जीतल रहन. राज कुमार साह अउर राजू तिवारी. नूतन सिंह एमएलसी रही. एह तीनों में से केहू एक के लोजपा कोटा से मंतरी बनावे के बात चलत रहे. पशुपति पारस चुनाव हार चुकल रहन. अगर उनका के मंतरी बनावल जाइत तs छव महिना के अंदर एमएलए भा एमएलसी बनल जरूरी रहे. लेकिन रामविलास पासवान पशुपति पारस के मंत्री बनावे के दबाव डाले लगले. अंत में नीतीश कुमार पशुपति पारस के मंतरी बनावे खातिर राजी हो गइले. बाद में एमएलसी भी बनवले. अगर पशुपति पारस नीतीश सरकार में मंतरी बनले तs ई रामविलास पासवान के कमाल रहे. (लेखक अशोक कुमार शर्मा वरिष्ठ स्तंभकार हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

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