Bhojpuri: का ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म फिल्म इंडस्ट्री खातिर गेम चेंजर बा ?

कोरोना के कारण सिनेमा हॉल बंद हैं, क्या ओटीटी फिल्म इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर साबित होगा?

कोरोना के कारण सिनेमा हॉल बंद हैं, क्या ओटीटी फिल्म इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर साबित होगा?

कहाँ त 2019 में फिल्म उद्योग बहुत बढ़िया व्यवसाय कइले रहे, कहाँ अब ठनठन गोपाल वाला हालत बा. हालांकि ओटीटी प्लेटफॉर्म के बारे में ना भुलाये के चाहीं. एगो रिसर्च एजेंसी के रिपोर्ट के मानी त 2020 में वेब प्लेटफॉर्म पर लोग बोझा के बोझा कंटेन्ट देखे आइल अउरी लगभग विभिन्न प्लेटफॉर्म पर 60 फीसदी सब्स्क्रिप्शन बढ़ल जवन पिछला दू साल में 14.5 फीसदी रहे. त का ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म फिल्म इंडस्ट्री खातिर गेम चेंजर बा ?

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साल 2021 में बहुते फिल्म रिलीज होखे वाला बाड़ी सन. कारण ई बा कि पिछला साल जब कोरोना के पहिला लहर आइल त फिल्म इंडस्ट्री के साफ भाठा बइठा देहलस. जइसे-तइसे कुछ फिल्म डिजिटल पर रिलीज करके निर्माता आपन रुपया निकललें. बाकिर बड़ बजट के फिल्म थियेटर रिलीज खातिर रुक गइली सन. सभे आशा कइल कि नया साल में वैक्सीन आई त फिल्म व्यवसाय खातिर उम्मीद के किरण भी लौटी. बाकिर इहो साल गइले लागत बा. पिछला साल के अंत अउरी एह साल के शुरुआत में कुछ फिल्म कुछ प्रतिबंध के साथे सिनेमाघर में देखावल गइली सन आ नया फिल्म के शूटिंग भी शुरू भइल, पुरान बाँचल शूटिंग भी पूरा भइल. सब कुछ पटरी पर आइल तले कोरोना के नया स्ट्रेन के साथे भारत में त्रासदी फेर लवट आइल बा.

अब निर्माता, वितरक, निवेशक आ कलाकार सभे चिंता में डूबल बा कि अब का होई? फेर पिछला साल जइसन स्थिति बा, अब केतना रिलीज डेट टालल जाव. जब कवनो फिल्म के शूटिंग शुरू होला त निवेशक, निर्माता आपन रुपया लगावेला. बहुत लोग ब्याज पर भी फंड उठावेला. सेट के निर्माण होला. स्टार्स के डेट लिआला. सइ दू सौ के संख्या में फिल्म क्रू के लोग एगो फिल्म प्रोजेक्ट से जुड़ल रहेला. सोचीं, ई सब कुछ दांव पर लाग गइल बा खाली एह कोरोना के चलते. कहलो जाला कि फिल्म महंगा बिजनेस ह आ रिस्की भी. एने कोरोना लोग के साँस अंटकवले बा, ओने फिल्म वाला लोग के जान साँसत में पड़ल बा. फिल्म पंडित लोग के मानी त बॉक्स ऑफिस पहिलहीं से चार हजार करोड़ के घाटा में चल रहल बा, सभके आशा रहे 2021 में कमो बेस होई बाकिर कुछु रिकवरी होई लेकिन अइसन ना भइल. कहाँ त 2019 में फिल्म उद्योग बहुत बढ़िया व्यवसाय कइले रहे, कहाँ अब ठनठन गोपाल वाला हालत बा. हालांकि ओटीटी प्लेटफॉर्म के बारे में ना भुलाये के चाहीं. एगो रिसर्च एजेंसी के रिपोर्ट के मानी त 2020 में वेब प्लेटफॉर्म पर लोग बोझा के बोझा कंटेन्ट देखे आइल अउरी लगभग विभिन्न प्लेटफॉर्म पर 60 फीसदी सब्स्क्रिप्शन बढ़ल जवन पिछला दू साल में 14.5 फीसदी रहे. त का ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म फिल्म इंडस्ट्री खातिर गेम चेंजर बा ?

पिछला साल कुछ फिल्म जइसे गुलाबो सिताबो, लक्ष्मी, रात अकेली है, घूमकेतु, लूडो, दिल बेचारा, बुलबुल, चिंटू का बर्थडे आदि वेब पर भी रिलीज भइली सन, कारण रहे कि निर्माता या त इंतजार ना कर सकत रहलें, या त फिल्म कम बजट के रहे भा ओकर निर्माता के ओटीटी के ओर से मिलल पइसा में पोसा गइल. लेकिन, उ लोग के का जेकर फिल्मन के बजट काफी बड़ बा आ उ फिल्म से कमाई थियेटर में रिलीज करके ही कर सकेला. ओकरा त सब कुछ अनुकूल होखे के प्रतीक्षा करे के पड़ी. अब फेर इहाँ एगो दिक्कत ई आ जात बा कि फिल्म के रिलीज होखे में देरी भइल त कहीं ओकर कहानी ना पुरान हो जाव भा ओकर प्रासंगिकता ना खतम हो जाव. कई गो फिल्म समसामयिक विषय पर बनेली सन आ अगर ओकरा के ओ कालखंड में ना देखावल जाव त ओकरा तरफ दर्शक के रुचि कम हो जाला. अइसन इतिहास में कईगो फिल्मन के साथे भइल बा कि फिल्म कवनो कारण से डिब्बा में बंद हो गइल अउरी ओ में लागल रुपिया मेहनत डूब गइल, फेर कइसहूँ निर्माता निर्देशक ओके ले आइल आ प्रदर्शित कइल बाकिर ओकरा के केहू देखबो ना कइल. अइसन गोविंदा के साथे कई बार भइल. उ नगदे फिल्म एक साथे कइलें आ अचानके मार्केट से उतर गइलें. लोग उनकर फिल्म देखल बंद करे लागल. एकरा चलते कईगो फिल्म अधर में लटक गइल. बाद में जब उ रिलीज भइल त केहू देखहूँ ना गइल. काहें कि ओकर कहानी आ फिल्मांकन नब्बे के दशक वाला रहे बाकिर एह बेरा के दर्शक के टेस्ट बदल गइल बा. उनके फिल्म दीवाना मैं दीवाना अउरी रंगीला राजा एकर उदाहरण बा. हाँ कुछ अइसन भी फिल्म बाड़ी सन जवन केहू के जीवनी बाटे भा विशेष पीरियड पर बनल बा, उ कबो पुरान ना होई, आज रिलीज होखे भा एक साल बाद. उदाहरण के रूप में अक्षय कुमार के पृथ्वीराज, रणवीर सिंह के 83, रणवीर कपूर के शमशेरा बा, जवन कबो रिलीज होखे कवनो बात नइखे.

पहिले त जब इंटरनेट क्रांति ना रहे त टेस्ट बदले में समय लागे. अब त लोग घरे बइठल वेब प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पूरा दुनिया में बनत फिल्म आ सीरीज देख सकेला. भारत में खुद वेब पर एतना बढ़िया काम हो रहल बा. एही से दर्शक के लुभावल एतना आसान नइखे. तनिको स्टोरी पुरान आ स्टीरियोटाइप भइल त दर्शक खाली ओकरा के नकारते नइखे, ओकर मखौल भी उड़ावत बा, मीम भी बनावत बा. देखल जाय त ई फिल्म उद्योग खातिर चुनौती के साथे अपना में सुधार लिआवे के सीख भी बा. अब हालिया प्रदर्शित फिल्म राधे के देख लीं. सलमान खान के करियर में वांटेड (2009) एगो पतवार लेखां आइल आ उनकर डूबत करियर के उबार लेहलस. ओकरा बाद सलमान हिन्दी के सबसे कमाऊ सुपरस्टार बन गइलें. बाकिर उनका बाद में लागे लागल कि फेस्टिवल रिलीज करी के हम एके तरीका के एक्शन अउरी बेतुका फिल्म कर के हरदम राज करब. अब हाल ई बा कि सलमान के नाम सुनते लोग उनके फिल्म से दूरी बना लेला, हाँ उनके फैंस उनकर हाथ अभी धइले बाड़ें. राधे भले बॉक्स ऑफिस पर कलेक्शन कर लेव, जइसन सलमान के अधिकतर फिल्म कर लेली सन, बाकिर कंटेन्ट के नाम पर जवन बसिया कहानी अउरी संवाद उ परोसत बाड़ें, उ उनका पिछला बढ़िया फिल्मन के असर भी मेटा रहल बा.
हालांकि ‘राधे- योर मोस्ट वांटेड भाई’ के साथे एगो बढ़िया बात भइल बा. राधे जइसन बड़ बजट आ सुपरस्टार के फिल्म वेब पर रिलीज भइल ह अउरी भारत खातिर नया बिजनेस कान्सेप्ट ‘पे पर व्यू’ लेके आइल ह. हालांकि ई विदेश में पहिले से होता, यूट्यूब भी एह आधार पर काम करेला. एकर माने बा कि दर्शक जइसे सिनेमा हॉल में टिकट खरीद के एक बार ही फिल्म देखेला ओसहीं जेतना बेर केहू घरे बइठल ई फिल्म देखी ओतना बेर ओकरा भुगतान करे पड़ी. एकरा चलते अउर भी फिल्म निर्माता आ वितरक में उम्मीद जागल बा कि उ लोग एह कोरोना काल में भी आपन फिल्म के प्रदर्शित कर पाई आ ओकरा बड़ बजट के रिकवरी कर पाई.

अब ई त आवे वाला समय बताई कि फिल्मन के भाग्य कवना करवट बइठी बाकिर फिल्म से जुड़ल सभे एही उम्मीद में बा कि कोरोना बीपत-बलाय लेके भागो आ फिल्म इंडस्ट्री के भाग जागो.

(लेखक मनोज भावुक भोजपुरी साहित्य और सिनेमा के जानकार हैं.)

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