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2018 में रोड एक्‍सीडेंट में 151471 लोग मारे गए, 2.37 फीसदी की हुई बढ़ोत्‍तरी
Patna News in Hindi

Brijam Pandey | News18 Bihar
Updated: January 17, 2020, 10:50 PM IST
2018 में रोड एक्‍सीडेंट में 151471 लोग मारे गए, 2.37 फीसदी की हुई बढ़ोत्‍तरी
बिहार में हेलमेट और सीट बेल्ट के बगैर गाड़ी चला रहे लोग काफी संख्‍या मारे गए हैं.

साल 2017 में कुल 464910 दुर्घटनाएं हुई थीं.जबकि 2018 में कुल 467044 सड़क दुर्घटनाएं (Road Accidents) हुईं. इस दौरान मृत्यु दर में भी लगभग 2.37 फीसदी की वृद्धि हुई है.

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पटना. देशभर में सड़क दुर्घटनाएं (Road Accidents) बढ़ी हैं और इसमें मरने वालों की संख्‍या में भी बढ़ोत्‍तरी हुई है. जबकि बिहार में भी इजाफा हुआ है. हालांकि बिहार परिवहन विभाग की तरफ से समय सयम पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जाता है, ताकि लोग नियमों का पालन करें. जबकि बिहार के परिवहन मंत्री संतोष निराला (Transport Minister Santosh Nirala) कहते हैं कि शराबबंदी के बाद से प्रदेश में सड़क हादसे कम हुए हैं. हालांकि देश में 2017 (147913) के मुकाबले 2018 में 151471 लोग सड़क दुर्घटना में मारे गए हैं.

ये है चौंकाने वाली रिपोर्ट
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017 के मुकाबले साल 2018 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 0.46 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी हुई है. इस दौरान सड़क दुर्घटना के दौरान होने वाली मृत्यु दर में भी 2.37 फीसदी की वृद्धि हुई है. रिपोर्ट में बताया है कि साल 2017 में कुल 464910 दुर्घटनाओं के मुकाबले साल 2018 में कुल 467044 सड़क दुर्घटनाएं हुईं. इस दौरान मृत्यु दर में भी लगभग 2.37 फीसदी की वृद्धि हुई है. 2017 में 147913 के मुकाबले 2018 में 151471 लोग सड़क दुर्घटना में मारे गए हैं.

एनएच का रहा ये हाल

बिहार में भी हेलमेट और सीट बेल्ट के बगैर गाड़ी चला रहे लोग काफी संख्‍या मारे गए हैं. इसको लेकर बिहार में सड़क सुरक्षा सप्ताह अभियान चलाया जा रहा है.जबकि अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों पर यानी एनएच पर हुईं है. देश के कुल सड़क नेटवर्क में एनएच की हिस्सेदारी महज 1.94 फीसदी ही है. जबकि कुल सड़क दुर्घटनाओं में इसकी हिस्सेदारी 30.2 फीसदी है. साल 2018 के दौरान सड़क दुर्घटना की वजह से हुई कुल मौतों में 35.7 फीसदी मौत एनएच पर ही हुईं. वहीं राज्य के राजमार्गों में सड़क की लंबाई का 2.97 फीसदी हिस्सा है. जबकि दुर्घटना में इसकी हिस्सेदारी 25.2 फीसदी है. जबकि मौत में इसकी हिस्सेदारी 26.8 फीसदी है.
शराबबंदी से पड़ा असर
बिहार में 2016 से शराबबंदी है और बिहार सरकार के परिवहन मंत्री संतोष निराला बताते हैं कि एनएच उनके जिम्मे नहीं आता है, लेकिन बिहार में सड़क दुघटनाएं काम हुई हैं. वजह शराबबंदी है.सड़क दुर्घटना में पैदल चलने वाले ज्यादा मरे और यह रिपोर्ट खासी चौंकाने वाली है. इनकी हिस्सेदारी 15 फीसदी रही. बिहार सरकार के परिवहन विभाग की तरफ 'हर मौके डर मौके' सड़क सुरक्षा को लेकर अलग अलग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और जागरुकता भी फैलाई जा रही है.

 

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First published: January 17, 2020, 10:47 PM IST
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