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    गोपालगंज की 6 विधानसभा सीटों पर 92 प्रत्याशियों की किस्मत आज EVM में होगी कैद

    गोपालगंज में वोटिंग हो रही है. (प्रतीकात्मक फोटो)
    गोपालगंज में वोटिंग हो रही है. (प्रतीकात्मक फोटो)

    बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के दूसरे चरण में आज गोपालगंज (Gopalganj) की सभी 6 विधानसभा सीटों पर वोटिंग (Voting) हो रही है. जिले के 19 लाख वोटर आज 92 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम (EVM) में कैद करेंगे.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 3, 2020, 10:33 PM IST
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    गोपालगंज. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में आज दूसरे चरण की वोटिंग (Voting) चल रही है. गोपालगज (Gopalganj) में 06 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं. यहां कुल 92 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिसमें बैकुंठपुर, बरौली, गोपालगंज, कुचायकोट, भोरे और हथुआ विधानसभा शामिल है. जिले में कुल 19 लाख मतदाता आज सुबह से लाइन में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं.

    इसमें करीब 9 लाख 72 हजार पुरुष वोटर और करीब 09 लाख 28 हजार महिला वोटर शामिल है. जिले में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से मतदान कराने के लिए सभी बूथों पर भारी संख्या में पैरा मिलिट्री जवानों को लगाया गया है, जबकि जिले में विधानसभा वार 06 प्रखंड कार्यालयों में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है.

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    गोपालगंज विधानसभा का कंट्रोल रूम सदर प्रखंड कार्यालय में बनाया गया है, जबकि बैकुंठपुर विधानसभा का बैकुंठपुर, बरौली विधानसभा का बरौली, कुचायकोट विधानसभा काकुचायकोट भोरे का भोरे और हथुआ विधानसभा का हथुआ में कंट्रोल रूम बनाया गया है. यहां गोपालगंज में कंट्रोलरूम की जिम्मेदारी महिलाओं और युवतियों के जिम्मे हैं. वे सदर प्रखंड के कार्यालय में बैठकर व्हाटसऐप के जरिये ईवीएम की खराबी से लेकर उनके मतदान केंद्रों पर पहुंचाने की पूरी रिपोर्ट रखती हैं.


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    इसके साथ ही यह टीम मतदान कार्य में लगे पोलिंग मजिस्ट्रेट, कर्मी और जवान के स्वास्थ्य की रिपोर्ट रखती है. जहा कहीं भी ईवीएम की खराबी को लेकर इस टीम के पास सूचना मिलती है. वे जिला स्तर पर बनाये गए क्वीक रिस्पॉस टीम के पास रिपोर्ट भेजती है और इस तरह तत्काल हर समस्या को समय रहते दुरुस्त किया जाता है.

    कंट्रोल रूम में मौजूद अर्चना शर्मा ने बताया कि यहां करीब एक दर्जन युवतिया हैं. वे ईवीएम डिस्पैच से लेकर सभी पोलिंग बूथों पर मौजूद कर्मियों का डेटा रख रही है. सभी लोगों ने लगातार संपर्क स्थापित कर वहां का अपडेट रिपोर्ट और गड़बड़ी होने की स्थिति में QRT यानी क्वीक रिस्पॉन्स टीम को सूचना देती है और फिर मामले का तत्काल बिना किसी विलंब निपटारा किया जा रहा है.
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