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नेपाल से भटक कर बिहार पहुंचे हाथी ने मचाई तबाही, कई मकान तोड़े, कुचलकर मार डाला बच्चे को

नेपाल से भटक कर बिहार पहुंचे हाथी ने मचाई तबाही, कई मकान तोड़े, कुचलकर मार डाला बच्चे को

नेपाल से भटक कर आए हाथी ने अररिया के आसपास के गांव में मचाई तबाही.

नेपाल से भटक कर आए हाथी ने अररिया के आसपास के गांव में मचाई तबाही.

फॉरेस्ट विभाग के अनुसार अंधेरा होने के बाद आग का लुक्का और बंदूक की आवाज से हाथी को निकालने की कोशिश जारी है. समाचार लिखे जाने तक एसएसबी, पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीम हाथी को काबू में करने व उसे गांव से बाहर ले जाने में लगे हुए थे

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अररिया. बिहार के अररिया से सटे नेपाल बॉर्डर के घूरना, मानिकपुर और सोनापुर गांव में नेपाल से भटककर आए सफेद हाथी ने कोहराम मचाया हुआ है. ग्रामीणों के मुताबिक, जंगल से भटक कर आए इस हाथी ने न सिर्फ लोगों पर हमला किया, बल्कि कई लोगों की गाड़ियां, खेत और घर भी क्षतिग्रस्त कर दिए. हाथी के हमले में कई लोग घायल हुए हैं. फुलकाहा थाना प्रभारी हरेश तिवारी ने बताया कि अमरोरी गांव में एक बालक हाथी की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की खबर है. हाथी के आतंक से गांव के लोग भयभीत हैं. हाथी ने आधे दर्जन घर, एक ट्रैक्टर और थ्रेसर को क्षतिग्रस्त कर दिया है.

फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र के भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र फुलकाहा के मानिकपुर पंचायत में गुरुवार को सीमा सड़क के पास जंगल में एक हाथी देखा गया. इसके बाद इस जंगली हाथी को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. इधर ग्रामीणों ने इसकी सूचना फुलकाहा पुलिस और सीमा सुरक्षा बल को दिया. सूचना मिलते ही फुलकाहा थानाध्यक्ष हरेश तिवारी और एसएसबी 56वीं कैंप प्रभारी एसआई दुर्गेश पांडे दलबल सहित मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की भीड़ हटाई. इसके बाद उन्होंने फॉरेस्ट विभाग बथनाहा और अररिया को हाथी की मौजूदगी की सूचना दी. सूचना पर जिले के फॉरेस्ट पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया. साथ ही लोगों को भीड़ लगाने से मना किया.

देर शाम तक हाथी बथनाहा सोनापुर गांव में जा घुसा. यहां हाथी की चपेट में आने से अमरोरी गांव के एक बच्चे की मौत हो गई. वहीं कई लोगों के जख्मी होने की भी सूचना मिली है. मौके पर उपस्थित कुछ ग्रामीणों ने बताया कि हाथी नेपाल के वन से भटक कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया है, जो नेपाल के रास्ते घूरना होते हुए मानिकपुर पंचायत में पहुंचा है. वहीं फॉरेस्ट विभाग के अनुसार अंधेरा होने के बाद आग का लुक्का और बंदूक की आवाज से हाथी को निकालने की कोशिश जारी है. समाचार लिखे जाने तक एसएसबी, पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीम हाथी को काबू में करने व उसे गांव से बाहर ले जाने में लगे हुए थे.

Tags: Bihar News, Elephants are reaching the village, India-Nepal Border, Terror of elephants

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