अररिया: नरपतगंज विधानसभा सीट पर यादव उम्मीदवार ही दर्ज करते हैं जीत, जानें अभी तक का रिकॉर्ड

 1980 में भाजपा के टिकट पर जनार्दन यादव ने पुन: इस सीट पर कब्जा जमाया.(सांकेतिक तस्वीर)
1980 में भाजपा के टिकट पर जनार्दन यादव ने पुन: इस सीट पर कब्जा जमाया.(सांकेतिक तस्वीर)

1977 में पहली बार 22 वर्ष की उम्र में जनसंघ से चुनाव लड़े जनार्दन यादव (Janardan Yadav) ने तत्कालीन मंत्री एवं दिग्गज सत्यनारायण यादव को हराकर राजनीति क्षेत्र में भूचाल ला दिया था.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 24, 2020, 10:17 AM IST
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अररिया. अररिया जिले की नरपतगंज विधानसभा (Narpatganj Assembly) यादव बाहुल्य सीट है.  यहां कुल 14 बार चुनाव हुए हैं, जिनमें 13 बार यादव उम्मीदवारों (Yadav Candidates) ने ही जीत दर्ज की है. साल 2009 के परिसीमन के बाद इस विधानसभा क्षेत्र का भूगोल बदल गया. इस विस क्षेत्र में अभी नरपतगंज प्रखंड की सभी 29 पंचायत व भरगामा प्रखंड की 15 पंचायत शामिल हैं. यह सुपौल जिले से सटा विधानसभा क्षेत्र है. 1962 में अस्तित्व में आने के बाद यहां से पहले कांग्रेस के डूमरलाल बैठा (Doomerlal Baitha ) ने जीत दर्ज की थी. खास बात यह कि पहले चुनाव में यह क्षेत्र सुरक्षित था, लेकिन इसके बाद यह सीट सामान्य हो गया. 1967 के चुनाव में कांग्रेस के ही टिकट पर सत्यनारायण यादव (Satyanarayan yadav) विधायक बने थे. वे यहां लगातार तीन बार क्रमश: 1967, 1969 व 1972 में कांग्रेस के टिकट पर चुने गये और बिहार सरकार में मंत्री भी रहे थे.  इधर विधायक बनने के बाद डूमर लाल बैठा को लोकसभा का टिकट दिया गया.

नरपतगंज से एकमात्र विधायक डूमरलाल बैठा ही थे, जो बाद में सांसद भी बने. 1977 में पहली बार 22 वर्ष की उम्र में जनसंघ से चुनाव लड़े जनार्दन यादव ने तत्कालीन मंत्री एवं दिग्गज सत्यनारायण यादव को हराकर राजनीति क्षेत्र में भूचाल ला दिया था. हालांकि, हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद कम उम्र होने के कारण उन्हें विधायक पद गंवाना पड़ा था. 1980 में भाजपा के टिकट पर जनार्दन यादव ने पुन: इस सीट पर कब्जा जमाया. इस सीट पर सबसे अधिक चार बार जनार्दन यादव विधायक रहे हैं.

अब भी बाढ़ की त्रासदी से नहीं मिली मुक्ति: नेपाल से सटे नरपतगंज विस क्षेत्र के लोगों को हर साल बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ती है. जानकारों के अनुसार, नेपाल से निकलने वाली भुतहा और सुरसर नदी बांध को जब तक दुरुस्त नहीं किया जाएगा तब तक तक  इस समस्या से निजात मिलना मुश्किल है. हालांकि, कुछ वर्षों में सड़कों का जाल बिछाया गया. नदियों एवं नहरों के तटबंधों को दुरुस्त किया गया, लेकिन इसके बावजूद कई समस्याएं अब भी यथावत हैं.



दुर्गा व महादेव मंदिर ने दिलाई अलग पहचान: नरपतगंज मुख्य बाजार स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर व कोशी कॉलोनी स्थित श्री श्री 108 नरपत नाथ महादेव मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का केन्द्र बना हुआ है. दूरदराज तथा नेपाल क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं. बात यदि मतदाताओं की जनसंख्या की करें तो मरपतगंज में कुल 3,17,182 वोटर्स हैं, जिसमें पुरुषों की संख्या 1,67,267 और महिलाओं की संख्या 1,49,901 है.
अब तक चुने गये विधायकः 1962 डूमर लाल बैठा (कांग्रेस),  1967 सत्यनारायण यादव (कांग्रेस), 1969 सत्यनारायण यादव (कांग्रेस), 1972 सत्यनारायण यादव (कांग्रेस), 1977 जनार्दन यादव (जनसंघ), 1980 जनार्दन यादव (भाजपा), 1985 इंद्रानंद यादव (कांग्रेस), 1990 दयानंद यादव (राजद), 1995 दयानंद यादव (राजद), 2000 जनार्दन यादव (भाजपा), 2005 जनार्दन यादव (भाजपा), 2005 अनिल कुमार यादव (राजद), 2010 देवयंती यादव (भाजपा), 2015 अनिल कुमार यादव (राजद)
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