Bihar Election 2020: रानीगंज विधानसभा सीट पर 'विकास' सबसे बड़ा मुद्दा, जानें क्या है राजनीतिक समीकरण

रानीगंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीति मूल रूप से मुस्लिम, यादव और दलित वोटरों के ईदगिर्द घूमती है.
रानीगंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीति मूल रूप से मुस्लिम, यादव और दलित वोटरों के ईदगिर्द घूमती है.

रानीगंज विधानसभा क्षेत्र (Raniganj Assembly Constituency) काफी पिछड़ा इलाका है. यहां उद्योग न के बराबर हैं. ऐसे में यहां के लोग रोजी-रोटी के लिए काफी संख्या में दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों की तरफ रूख कर चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2020, 9:26 PM IST
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रानीगंज. वर्तमान में रानीगंज विधानसभा सीट (Raniganj Assembly Seat) पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू (JDU) का कब्जा है. जदयू से अचमित ऋषिदेव विधायक हैं. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी से परमानंद ऋषिदेव लगातार तीन बार विधायक रहे हैं. लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव (Assembly elections 2020) में एनडीए के लिए यह सीट जीतना उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि महागठबंधन के साथ वाम दलों की चुनाव लड़ने की संभावना है. ऐसे में दलित वोटर्स एनडीए से छटक कर महागठबंधन में जा सकते हैं.

दरअसल,  वर्ष 1957 में रानीगंज विधानसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया था. यह  विधानसभा क्षेत्र अति पिछड़ा है. यही वजह है कि साल 1962 के बाद इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया. कहा जाता है कि यहां दलित वोटरों की अहम भूमिका है. दलित मतदाता ही तय करते हैं कि किसके सर पर जीत की पगड़ी बंधेगी. 1957 से अबतक रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में 15 चुनाव हुए है. इसमें कांग्रेस ने पांच बार, बीजेपी ने तीन बार, जनता दल ने दो बार, जनता पार्टी, आरजेडी व जदयू ने एक-एक बार जीत जीत का परचम लहराया है.

रानीगंज विधानसभा क्षेत्र काफी पिछड़ा इलाका है
रानीगंज विधानसभा क्षेत्र काफी पिछड़ा इलाका है. यहां उद्योग न के बराबर हैं. ऐसे में यहां के लोग रोजी-रोटी के लिए काफी संख्या में दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों की तरफ रूख कर चुके हैं. साथ ही यह पर बारिश के मौसम में बाढ़ का भी खतरा बना रहता है. क्षेत्र की फरियानी, बिलेनिया, दुलरदेयी आदि नदियों से एक दर्जन से अधिक पंचायतें हर साल बाढ़ प्रभावित होती हैं.
सात पंचायतों को शामिल किया गया था


रानीगंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीति मूल रूप से मुस्लिम, यादव और दलित वोटरों के ईदगिर्द घूमती है. 2009 के परिसीमन के बाद रानीगंज विस में रानीगंज प्रखंड की 32 व भरगामा प्रखंड की सात पंचायतों को शामिल किया गया था. रानीगंज विधानसभा क्षेत्र की खास पहचान हसनपुर पंचायत में बनी वृक्ष वाटिका है. सरकार ने तो अब इसे चिड़ियाघर के रूप में विकसित करने की घोषणा की है. करीब तीन सौ एकड़ में फैली इस वाटिका ने क्षेत्र में अपनी खास पहचान बनायी है.
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