विजिलेंस ने जिस अधिकारी को घूस लेते गिरफ्तार किया था, सरकार ने दिया उसे डबल प्रमोशन

अररिया के सिविल सर्जन डॉक्टर रुप नारायण कुमार

अररिया के सिविल सर्जन डॉक्टर रुप नारायण कुमार

डॉक्टर रूपनारायण कुमार के खिलाफ निगरानी कोर्ट में घूस लेने के एक मामले में केस चल रहा है. इसके बावजूद उनको पहले अररिया का सिविल सर्जन बनाया गया, फिर स्वास्थ विभाग का अपर निदेशक 

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पूर्णिया. सरकार एक तरफ जहां भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस की बात करती है तो वहीं भ्रष्ट अधिकारियों को डबल प्रमोशन (Doctors Promotion In Bihar) भी दे रही है. शेखपुरा में मृत डाक्टर को सिविल सर्जन (Civil Surgeon) बनाने का मुद्दा अभी थमा भी नहीं था कि एक और सिविल सर्जन को प्रमोशन देने का का मामला गरमा गया है. दरअसल, अररिया के सिविल सर्जन डॉक्टर रूप नारायण कुमार को प्रमोशन देकर बिहार की नीतीश सरकार (Nitish Government) ने अपर निदेशक (स्वास्थ्य सेवा, मुख्यालय) बना दिया है. इसके बाद से यह मामला काफी गरमाया हुआ है.

इस मामले में पूर्णिया के जिला कांग्रेस महासचिव और अधिवक्ता गौतम वर्मा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर शिकायत ही है. उन्होंने कहा है कि डॉक्टर रूपनारायण पर निगरानी विभाग द्वारा भागलपुर में केस चल रहा है. न्यूज 18 से बात करते हुए उन्होंने कहा कि रूपनारायण कुमार 1998 में पीएचसी के प्रभारी थे. उस समय ही निगरानी की टीम ने उनको अपने सहकर्मी से 700 रुपया घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. अभी भी यह मामला भागलपुर निगरानी कोर्ट में चल रहा है, फिर कैसे सरकार ने उन्हें दो माह पहले अररिया का सिविल सर्जन बना दिया.

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इसके बाद 8 मार्च को स्वास्थ विभाग ने अधिसूचना निकालकर डॉक्टर रूपनारायण कुमार को स्वास्थ विभाग का अपर निदेशक बना दिया. उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार जहां जीरो टालरेंस की बात कर रही है वहीं भ्रष्ट अधिकारियों को प्रमोशन पर प्रमोशन देकर क्या संदेश दे रही है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि इससे पहले 8 मार्च को ही मृत डाक्टर को शेखपुरा का सिविल सर्जन बना दिया गया था. गौतम वर्मा ने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप कर ऐसे भ्रष्ट अधिकारी पर कार्रवाई करने और तुरंत पद से हटाने की मांग की है.
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