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बिहार पंचायत चुनाव: ये है अजब-गजब गठबंधन! मुखिया पति बनने की चाहत में शादी की सेकेंड इनिंग खेल रहे हैं ‘रिटायर’ पति

बिहार पंचायत चुनाव: ये है अजब-गजब गठबंधन! मुखिया पति बनने की चाहत में शादी की सेकेंड इनिंग खेल रहे हैं ‘रिटायर’ पति

बिहार पंचायत चुनाव में मुखिया पति बनने के लिए बुजुर्ग भी कर रहे हैं दूसरी शादी.

बिहार पंचायत चुनाव में मुखिया पति बनने के लिए बुजुर्ग भी कर रहे हैं दूसरी शादी.

Bihar Panchayat Election 2021: बिहार पंचायत चुनाव में अपनी साख बचाने और बनाने के लिए हर जनप्रतिनिधि कोई ना कोई दांव खेल रहा है. लेकिन, बिहार के अररिया से एक ऐसी खबर सामने आयी है, जहां की कहानी आपको थोड़ी देर के लिए हैरान कर देगी. दरअसल यहां मुखिया पति बनने की चाहत में बुजुर्ग लोग भी कम उम्र की युवतियों से शादी रचाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं. यहां जनप्रतिनिधि किसी भी सूरत में गांव की सरकार में अपनी साख बचाने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं. आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने के हिसाब से रिश्ते तय हो रहे हैं.

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अररिया: आपने अक्सर क्रिकेट के मैदान में खिलाड़ियों को सेकेंड इनिंग (Second Inning) खेलता देखा होगा, लेकिन क्या आपने सियासत की पिच पर कभी किसी जनप्रतिनिधि को शादी की सेकेंड इनिंग शुरू करते देखा है? अगर नहीं देखा है तो इस बार आपको बिहार पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Election 2021) में यह तस्वीर देखने को मिल जाएगी. बिहार पंचायत चुनाव में आए दिन कोई न कोई नया रंग देखने को मिल रहा है. अब एक बार फिर त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में एक अनोखा मामला सामने आया है. दरअसल बिहार पंचायत चुनाव में अपनी साख बचाने और बनाने के लिए हर जनप्रतिनिधि कोई ना कोई दांव खेल रहा है. लेकिन बिहार के अररिया से एक ऐसी खबर सामने आयी है, जहां की कहानी आपको थोड़ी देर के लिए हैरान कर देगी. दरअसल यहां मुखिया पति (Mukhiya Pati) बनने की चाहत में बुजुर्ग लोग भी कम उम्र की युवतियों से शादी रचाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं. यहां जनप्रतिनिधि किसी भी सूरत में गांव की सरकार में अपनी साख बचाने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं. आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने के हिसाब से रिश्ते तय हो रहे हैं.


मिली जानकरी के अनुसार अररिया (Araria) जिले में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां आरक्षित सीट होने की वजह से बुजुर्ग अगर चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं तो वह अपनी पत्नी को चुनाव में उतार रहे हैं और अगर पत्नी भी चुनाव नहीं लड़ पा रही हैं तो किसी दूसरी युवती से शादी कर उसे उम्मीदवार बनाकर मुखिया पति बनने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाह रहे हैं. ताजा मामला अररिया जिले के सिकटी (Sikati Block) प्रखंड के पड़रिया पंचायत का है, जहां इस बार एक अजब-गजब गठबंधन सामने आया है.

नहीं पड़ पाये चुनाव तो कर ली दूसरी शादी
दरअसल अररिया जिले का पड़रिया पंचायत पिछले चुनाव में ही अत्यंत पिछड़ी जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया था. इसके कारण पिछली बार ही मोहम्मद ताहिर नाम के एक बुजुर्ग ने अत्यंत पिछड़ी जाति की एक युवती से शादी कर उसे पंचायत चुनाव में उतार दिया था. उसकी नई पत्नी नसीमा खातून ने 2016 में जीत दर्ज की थी और अभी वही निवर्तमान मुखिया हैं. ग्रामीणों का कहना है कि ताहिर ने निकाह के समय यह शर्त रखी थी कि यदि नसीमा खातून चुनाव जीत जाती हैं तो वह उसे पत्नी के रूप में रखेगा यदि चुनाव हार जाती है तो 5 बीघा जमीन देकर उसे तलाक दे देगा. हालांकि, वे 1900 मतों से चुनाव जीत गई थी. इस बार फिर मुखिया पति बनने की चाहत में पूर्व पंचायत समिति सदस्य 63 वर्षीय मोहम्मद जैनुद्दीन ने भी ताहिर के रास्ते पर ही चलने का फैसला किया है. जैनुद्दीन ने नसीमा के खिलाफ उम्मीदवार उतारने के लिए अत्यंत पिछड़ी जाति की युवती शाहिदा खातून से निकाह कर उसे चुनावी मैदान में उतारा है.

सेकेंड इनिंग में मिलेगी जीत या होंगे ‘रिटायर’ ?
मोहम्मद जैनुद्दीन की पहली पत्नी उसके साथ रहती है उनके तीन बेटे और चार बेटियां हैं. 9 पोता पोती और छह नाती नातिन भी हैं. मोहम्मद जैनुद्दीन कहते हैं कि वह इस बार पंचायत के मुखिया पद पर जीत चाहते हैं, लेकिन आरक्षित सीट होने की वजह से वह या उनके परिवार का कोई दूसरा सदस्य नहीं लड़ पा रहा था. इसलिए तीसरा रास्ता चुना और अति पिछड़ी जाति की एक कुंवारी लड़की से दूसरी शादी रचा ली. अब देखना यह है कि सियासत के मैदान पर जैनुद्दीन की सेकेंड इनिंग क्या उन्हें जीत दिलाती है या उन्हें रिटायरमेंट लेने पर मजबूत कर देती है.

जानिए क्या कहता है नियम
बता दें, नियम के अनुसार शादी के बावजूद भी महिला की वही जाती मानी जाती है जो उसके पिता की होती है. यानी जैनुद्दीन से निकाह के बावजूद शाहिदा खातून अति पिछड़े वर्ग की ही मानी जाएगी और मुखिया चुनाव लड़ सकेंगी. इस बारे में जिला पंचायती राज पदाधिकारी किशोर कुमार ने बताया कि शादी के बाद भी बेटी अपनी पिता की जाती से ही जानी जाती है, उसकी जाति नहीं बदलती है. हालांकि, अगर इस मामले में हमलोगों तक कोई शिकायत आती है तो दूसरे बिन्दुओं पर जांच की जा सकती है. लेकिन, शादी के बाद भी लड़की की जाती नहीं बदलती है.

Tags: Bihar News, Bihar Panchayat Chunaw, Bihar Panchayat Election, Bihar panchayat elections, Second marriage

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