फोन करने के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस और सरेआम मौत के घाट उतार दिए गए पिता-पुत्र

खुद मृतक ने भी पिछले 30 अप्रैल को एसपी को लिखित आवेदन देकर हत्या की आशंका भी जाहिर की थी.

News18 Bihar
Updated: May 8, 2019, 3:15 PM IST
फोन करने के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस और सरेआम मौत के घाट उतार दिए गए पिता-पुत्र
मृतक की फाइल फोटो
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Updated: May 8, 2019, 3:15 PM IST
बिहार के अररिया में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए पिता-पुत्र की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. घटना जिले के बसमतिया थाना क्षेत्र के रिफ्यूजी कॉलोनी की है. जिस वक्त ये घटना घटी उस वक्त पीड़ित परिवार पुलिस को फोन करता रहा लेकिन कोई भी पुलिसवाला उनकी मदद के लिए नहीं पहुंचा.

इस घटना को एक पुराने केस के विवाद में अंजाम दिया गया है. मृतकों में 65 वर्षीय ओधानंद दास और पवन दास शामिल है. दिल्ली में ITBP के जवान और मृतक के बेटे अर्जुन दास ने बताया कि मेरे पिता और भाई को पुराने केस उठाने की धमकी मिल रही थी साथ ही मेरे पिताजी की हत्या की मंशा से भी कई बार दूसरे पक्षों ने हमला बोल दिया था.



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इसको लेकर मेरे पिता और भाई ने एसपी को लिखित आवेदन देकर खुद की हत्या की आशंका जाहिर करते हुए सुरक्षा की गुहार भी लगाईं थी लेकिन पुलिस ने एक न सुनी. इस बीच बुधवार को घात लगाए कुछ लोगों ने रड और लाठी-डंडे से दोनों की पीट-पीटकर हत्या कर दी. खुद मृतक ने भी पिछले 30 अप्रैल को एसपी को लिखित आवेदन देकर हत्या की आशंका भी जाहिर की थी.

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इस खबर को न्यूज़ 18 ने भी प्रमुखता से दिखाई थी लेकिन पुलिसिया टालमटोल की वजह से आज दो लोगों की हत्या हो गई. दोनों के शव अभी सुपौल के वीरपुर अस्पताल में है. इतनी बड़ी घटना के बाद भी जिले की पुलिस कप्तान टालमटोल का रवैया अपना रही है. उन्होंने इस मामले में अपना पक्ष देने से मना कर दिया और कहा कि फारबिसगंज एसडीपीओ से इस मामले में बात कीजिए. फारबिसगंज के एसडीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि उन्हें SP का एक पत्र मिला है इसलिए वो इस मामले में कुछ नहीं बोल सकते.

रिपोर्ट- सतीश कुमार
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