मार्मिक: चार दिन पहले पिता की मौत, अब मां ने भी छोड़ा साथ, अंतिम संस्कार के पैसे भी नहीं थे तो बेटी ने दफनाया

अररिया में एक बेटी के माता पिता को कोरोना निगल गया तो बेटी ने पीपीई किट पहनकर उन्हें दफनाया.

अररिया में एक बेटी के माता पिता को कोरोना निगल गया तो बेटी ने पीपीई किट पहनकर उन्हें दफनाया.

महामारी कोरोना से रोजाना हो रही मौत ने उसके मां बाप को भी छीन लिया, हृदय को विचलित कर देने वाली कहानी है रानीगंज प्रखंड के विशनपुर पंचायत के मधुलता की जहां 4 दिन पहले पिता ने और कल मां ने भी कोरोना से दम तोड़ दिया.

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सतीश कुमार मिश्रा, अररिया. कोरोना महामारी से रोजाना हो रही मौत ने उस बेटी के मां बाप को छीन लिया. विचलित कर देने वाली ये कहानी है अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड के विशनपुर पंचायत के मधुलता की, जहां 4 दिन पहले उसके पिता और कल उसकी मां ने कोरोना से दम तोड़ दिया. इसके बाद अनाथ हो गई बेटी के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे तो उसने खुद पीपीई किट पहनकर अपनी मां को दफनाया.

प्रखंड के बिशनपुर पंचायत के वॉड संख्या 07 मझुलता गांव में कोरोना से पति -पत्नी दोनो की मौत हो गयी. दोनों पति-पत्नी 28 अप्रैल को एक साथ कोरोना से संक्रमित हुए थे. इसके बाद दोनों को इलाज के लिए पूर्णिया ले जाया गया. पूर्णिया में इलाज के दौरान 03 मई को पति की मौत हो गयी. इसके बाद पत्नी का इलाज जारी था. इस दौरान परिजनों के पास इलाज के लिए पैसे नहीं होने के कारण पत्नी को हॉस्पिटल से बुधवार को घर लाया गया. इस बीच गुरुवार की देर रात को पत्नी की तबियत काफी बिगड़ने लगी और इस दौरान स्थानीय मुखिया सरोज कुमार मेहता के सहयोग से इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल फारबिसगंज ले जाया गया.

लेकिन फारबिसगंज में गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए मधेपुरा रेफर कर दिया. मधेपुरा जाने के दौरान रास्ते मे ही पत्नी की मौत हो गयी. घटना को लेकर स्थानीय मुखिया सरोज कुमार मेहता ने बताया कि 03 मई को पूर्णिया में इलाज के दौरान पति की मौत के बाद जब पत्नी को होश आया तो बिस्तर पर पति को नहीं देखा. इसके बाद परिजनों ने उसको पति की मौत होने की जानकारी दिया. इसके बाद पत्नी की लगातार तबियत बिगड़ने लगी थी.

इधर रानीगंज रैफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया की दोनो की मौत कोरोना से हुई है. दोनों पति पत्नी कोरोना पोजोटिव थे. इस दौरान मझुलता गांव में कई बार एम्बुलेंस भेजा गया था. दोनों को बचाने की काफी कोशिस किया गया था, लेकिन ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरने से मौत हो गयी. मृतक गांव में ही डॉक्टरी करता था. मृतक के तीन छोटे छोटे बच्चे है. घटना को लेकर गांव में कोहराम मचा हुआ है. आसपास के लोग सहमे हुए है. वहीं इस गांव में आधा दर्जन से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हुए है. इनमें एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है.

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