क्या जोकीहाट विधानसभा सीट पर फिर से कब्जा जमा पाएगी JDU?, अभी राजद के मो. शाहनवाज हैं विधायक

जोकीहाट विधानसभा सीट पर पहली बार चुनाव साल 1967 में हुआ था. (सांकेतिक फोटो)
जोकीहाट विधानसभा सीट पर पहली बार चुनाव साल 1967 में हुआ था. (सांकेतिक फोटो)

साल 2015 विधानसभा का चुनाव जदयू (JDU) ने महागठबंधन के साथ मिलकर लड़ा था. ऐसे में टिकट बटवारे के दौरान यह सीट राजद के खाते में चला गया. लेकिन अब जदयू एनडीए के साथ है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 25, 2020, 10:39 AM IST
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अररिया. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly elections 2020) के लिए भले ही तारीखों का एलान अभी नहीं हुआ हो लेकिन पूरे प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बीजेपी, जदयू और राजद सहित सभी दल चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. कोई जनता तक पहुंच बनाने के लिए वर्चुअल रैली कर रहा है तो कोई सोशल मीडिया पर कम्पेन चलाकर हवा बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है. बात यदि अररिया जिला स्थित में जोकीहाट विधानसभा (Jokihat Assembly) की जाए यह सीट काफी महत्वपूर्ण हो गया है. वर्तमान में राजद के मो. शाहनवाज (Mo. Shahnawaz) इस सीट से विधायक हैं. इससे पहले साल 2005 से लेकर 2015 के बीच इस सीट पर जदयू का कब्जा था.

दरअसल, 2015 विधानसभा का चुनाव जदयू ने महागठबंधन के साथ मिलकर लड़ा था. ऐसे में टिकट बटवारे के दौरान यह सीट राजद के खाते में चला गया. लेकिन अब जदयू एनडीए के साथ है. ऐसे में संभावना है कि एक बार फिर से जोकीहाट विधानसभा पर जदयू ही एमडीए की तरफ से ताल ठोक सकती है. ऐसे में यहां से राजद को हराना जदयू के लिए उतना आसान नहीं हो सकता है.

 जोकीहाट विधानसभा सीट पर पहली बार चुनाव साल 1967 में हुआ था
 जोकीहाट विधानसभा सीट पर पहली बार चुनाव साल 1967 में हुआ था. तब PSP के नजामुद्दीन ने जीते दर्ज की थी. खास बात यह है कि 1969 में हुए चुनाव के बाद से लेकर पिछले उपचुनाव तक के ज्यादातर नतीजे तस्लीमुद्दीन परिवार के पक्ष में रहे हैं. 1980 और 1990 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मो.ईदुर रहमान ने जीत दर्ज की थी, जबकि 2005 में दो बार हुए चुनाव में जेडीयू के मंजर आलम ने तस्लीमुद्दीन के बेटे सरफराज आलम को मात दी थी. इसके बाद मंजर आलम लगातार 2015 तक इस सीट पर विधायक रहे.
जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र भी बाढ़ से ग्रसित है


अररिया विधानसभा की तरह जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र भी बाढ़ से ग्रसित है. यहां हर साल कई गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित होते हैं. ऐसे में फसलें बर्बाद हो जाती हैं. परमान और बकरा नदी के बीच स्थित प्रखंड के दक्षिणी भाग की दर्जन भर पंचायत के लोग बाढ़ को लेकर परेशान रहते हैं. हाल के दिनों में उदा में बने स्क्रपाइल पुल के अचानक ध्वस्त हो जाने से प्रखंड दो हिस्सों में बंट गया. वहीं, अगर मतदाताओं की संख्या के बारे में बात की जाए तो कुल मतदाता वोटर्स 28682 हैं. इनमें महिला मतदाता 135107 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 151710 हैं. साथ ही कुल मतदान केन्द्र 422 हैं.
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