फारबिसगंज विधानसभा सीट: क्या BJP के गढ़ को भेद पाएगा महागठबंधन, 2005 से है भजपा का कब्जा

1962 में भारत चीन युद्ध के दौरान यहां सैन्य इस्तेमाल के लिए हवाई अड्डा का निर्माण शुरू किया गया था. (सांकेतिक फोटो)
1962 में भारत चीन युद्ध के दौरान यहां सैन्य इस्तेमाल के लिए हवाई अड्डा का निर्माण शुरू किया गया था. (सांकेतिक फोटो)

1990 से बीजेपी 6 बार फारबिसगंज विधानसभा (Farbisganj assembly) सीट से जीत चुकी है. वर्तमान में यहां से विद्यासागर केसरी विधायक हैं.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 24, 2020, 10:11 PM IST
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फारबिसगंज. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly elections 2020) के लिए भले ही तारीखों का एलान अभी नहीं हुआ हो लेकिन पूरे प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बीजेपी, जदयू और राजद सहित सभी दल चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. कोई जनता तक पहुंच बनाने के लिए वर्चुअल रैली कर रहा है तो कोई सोशल मीडिया पर कम्पेन चलाकर हवा बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है. बात यदि अररिया जिला स्थित फारबिसगंज विधानसभा (Farbisganj assembly) सीट की करें तो यह हर बार की तरह इस बार भी सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है. वर्तमान में यहां से विद्यासागर केसरी (Vidyasagar Kesari) बीजेपी से विधायक हैं. हालांकि, फारबिसगंज विधानसभा क्षेत्र कभी कांग्रेसियों का गढ़ माना जाता था. लेकिन 1985 के बाद से कांग्रेस को यहां से जीत नसीब नहीं हुई. 1990 से बीजेपी 6 बार यहां से जीत चुकी है.

फारबिसगंज विधानसभा सीट पर वर्ष 1952 से चुनाव हो रहे हैं. अभी तक इस सीट पर 15 बार विधानसभा के मुख्य चुनाव और 2 बार उपचुनाव हुए हैं. इसमें 9 बार कांग्रेस और 6 बार बीजेपी ने बाजी मारी है. साल 2015 के विधानसभा के चुनाव में आरजेडी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर हुई थी. लेकिन जीत बीजेपी की ही हुई थी. साल 2005 से इस सीट पर बीजेपी का लगातार कब्जा है.

2015 में यहां वोटरों की संख्या 186032 थी
2015 विधानसभा चुनाव के मुताबिक, यहां वोटरों की संख्या 186032 थी. इसमें 53.15 फीसदी पुरुष और 46.84 फीसदी महिलाएं शामिल थीं. बीते चुनाव में यहां करीब 62 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि पोलिंग स्टेशन 287 बनाए गए थे. वैसे 2011 की जनगणना के अनुसार, अररिया जिले की लगभग आबादी 28,11,569 है. वहीं, 2009 के परिसीमन के बाद फारबिसगंज विधानसभा में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है. फारबिसगंज प्रखंड की 32 पंचायत,  फारबिसगंज नगर परिषद और  नगर पंचायत जोगबनी इस विधानसभा क्षेत्र में शामिल हैं.
हवाई अड्डा का निर्माण शुरू किया गया था


1962 में भारत चीन युद्ध के दौरान यहां सैन्य इस्तेमाल के लिए हवाई अड्डा का निर्माण शुरू किया गया था. लेकिन अभी तक इस हवाई अड्डे का निर्माण नहींं हो पाया है. 1973 में स्वर्गीय संजय गांधी ने यहां जूट मिल का शिलान्यास किया था. यह जूट मिल भी आज तक पूरा नहीं हुआ. वहीं, नेपाल से जुड़े रहने और ऐतिहासिक सुल्ताना माई मंदिर से फारबिसगंज की अलग पहचान रही है.
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